'मिस्टर इंडिया' जैसे अदृश्य ड्रोन से लैस होगी भारतीय सेना, बिना रडार के दुश्मनों को करेगी नेस्तनाबूद
New Delhi
भारत
चेतना मंच
07 Jul 2025 07:33 PM
New Delhi : बदलते युद्ध परिदृश्य में तकनीक अब सबसे घातक हथियार बन चुकी है, और ड्रोन इसका सबसे उन्नत उदाहरण हैं। भारत की सेना भी अब इसी दिशा में एक अहम कदम बढ़ा चुकी है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना जल्द ही ऐसे अत्याधुनिक ड्रोन को तैनात करेगी जो बिना रडार या जीपीएस सिग्नल के भी दुश्मन के ठिकानों तक पहुंचकर उन्हें ध्वस्त कर सकते हैं। इन खास ड्रोन को रडार-फ्री नेविगेशन सिस्टम से लैस किया जा रहा है, जो न केवल उन्हें इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बचाएगा, बल्कि अदृश्य होने की क्षमता भी देगा। बिल्कुल बॉलीवुड फिल्म मिस्टर इंडिया की तर्ज पर।
कैसे काम करेंगे यह 'स्मार्ट' और 'अदृश्य' ड्रोन?
इन नए ड्रोन में पहले से फीड किए गए मिशन मैप होंगे, जो उन्हें रडार सिग्नल या जीपीएस पर निर्भर हुए बिना स्वत: लक्ष्य तक पहुंचने और हमला करने में सक्षम बनाएंगे। ये ड्रोन एआई-पावर्ड होंगे, जो इलाके की भौगोलिक संरचना को पहचान कर अपना रास्ता तय करेंगे। इनका मार्गदर्शन पूरी तरह सॉफ्टवेयर-डिफाइंड नेविगेशन पर आधारित होगा। ये तकनीक ईरान जैसे देशों के ड्रोन्स में पहले इस्तेमाल हो चुकी है, जिसने हाल ही में इजरायल जैसे अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र को भी चौंका दिया। New Delhi
दुश्मनों के ड्रोन होंगे निष्क्रिय, भारत तैयार है इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के लिए
भारतीय सेना सिर्फ अटैक ड्रोन ही नहीं, बल्कि ड्रोन-डिटेक्शन और जैमिंग सिस्टम को भी समानांतर विकसित कर रही है। इसमें सबसे खास है, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो सिस्टम (एसडीआर या रूफ-2), जो दुश्मन के सिग्नल को ट्रैक और ब्लॉक करने में माहिर है। साथ ही ऐसे ड्रोन तैयार किए जा रहे हैं जो जैम किए गए वातावरण में भी निर्बाध रूप से कार्य कर सकें। यह रणनीति भारत को आने वाले समय में ड्रोन युद्ध की होड़ में न केवल आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि वैश्विक सैन्य शक्ति-संतुलन में भी एक निर्णायक मोड़ ला सकती है। New Delhi
सीमा पर टेक्नोलॉजिकल बढ़त की ओर भारत
इन मिस्टर इंडिया जैसे ड्रोन के शामिल होने से भारतीय सेना को सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी बढ़त मिलेगी, खासकर ऐसे समय में जब पड़ोसी देशों से इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ये ड्रोन बेहद कठिन इलाकों में भी सटीक हमला कर सकते हैं। रडार से बच निकलने की उनकी क्षमता उन्हें साइलेंट किलर बनाती है। भारतीय सेना के ये भविष्य के ड्रोन न केवल दुश्मन की तकनीक को मात देंगे, बल्कि भारत की रणनीतिक सैन्य ताकत में एक नया अध्याय जोड़ेंगे। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और अत्याधुनिक तकनीक का यह मेल भारत को अगली पीढ़ी की युद्ध रणनीतियों में अग्रणी बना सकता है। New Delhi