New Delhi : नवलखा ने शीर्ष अदालत से कहा, नजरबंदी की जगह बदल दीजिये हुजूर
Navlakha told the top court, change the place of detention Huzoor
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:03 AM
New Delhi : नई दिल्ली। एल्गार परिषद माओवादी संपर्क मामले में आरोपी मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा ने मुंबई में नजरबंदी की जगह बदलने की अपील के साथ शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
New Delhi
अभी सार्वजनिक पुस्तकालय में हैं नजरबंद
न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ को नवलखा के वकील ने बताया कि अभी कार्यकर्ता को जहां नजरबंद रखा गया है, वह एक सार्वजनिक पुस्तकालय है। उसे खाली करने की जरूरत है। नवलखा के वकील ने मामले पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा कि मैं केवल मुंबई में (नजरबंदी की) जगह बदलने की अपील कर रहा हूं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने जवाब के लिए मांगा समय
अदालत में किसी अन्य मामले के लिए पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि उन्हें आवेदन के उल्लेख के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इसका जवाब देने के लिए समय मांगा है। पीठ ने कहा कि वह अगले शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करेगी।
New Delhi
साल 2018 में हुई थी गिरफ्तारी
नवलखा को अगस्त 2018 में गिरफ्तार किया गया था। शुरुआत में उन्हें घर में नजरबंद रखा गया था। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद अप्रैल 2020 में उन्हें नवी मुंबई के तलोजा केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया था। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 10 नवंबर को स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते नजरबंदी में भेजने की उनकी याचिका मंजूर कर ली थी। नवलखा वर्तमान में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नवी मुंबई में रह रहे हैं।
भाषण के बाद हुई थी हिंसा
मामला 31 दिसंबर 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है। पुणे पुलिस के अनुसार, इन भाषणों की वजह से अगले दिन कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक के आसपास के क्षेत्र में हिंसा हुई। मामले की जांच बाद में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी गई थी।
देश विदेशकी खबरों से अपडेट रहने लिएचेतना मंचके साथ जुड़े रहें।देश–दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।