चौटाला के फार्महाउस में ठहरे जगदीप धनखड़, फिर किसी नई सियासी तैयारी का इशारा?
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 05:47 PM
उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ अचानक सार्वजनिक जीवन से गायब हो गए थे। जगदीप धनखड़ के बारे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि वह दिल्ली में हैं या कहीं बाहर। अब राज खुला है कि जगदीप धनखड़ दिल्ली के छतरपुर स्थित इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) सुप्रीमो अभय चौटाला के फार्महाउस में ठहरे हुए हैं। महज मेहमाननवाजी भर नहीं, यह 40 साल पुराना रिश्ता है जिसकी शुरुआत 1989 से होती है। New Delhi News :
देवीलाल का पॉलिटिकल इन्वेस्टमेंट
दरअसल, हरियाणा के कद्दावर जाट नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने ही राजस्थान के युवा वकील धनखड़ को राजनीति में आगे बढ़ाया था। उस दौर में देवीलाल को धनखड़ में भविष्य का नेता दिखा। दिल्ली के बोट क्लब पर देवीलाल की जन्मदिन रैली में धनखड़ ने 500 गाड़ियां जुटाकर अपनी ताकत दिखाई। इसके बाद 1989 के लोकसभा चुनाव में उन्हें झुंझुनूं से टिकट दिलाया और जीत भी दिलवाई। जब देवीलाल उपप्रधानमंत्री बने तो धनखड़ को भी मंत्री पद मिला। और जब वीपी सिंह ने देवीलाल को मंत्रिमंडल से बाहर किया, तो धनखड़ अकेले मंत्री थे जिन्होंने इस्तीफा देकर निष्ठा निभाई।
उतार-चढ़ाव भरा सफर
हालांकि राजनीति में रास्ते हमेशा सीधे नहीं रहे। धनखड़ बाद में कांग्रेस में चले गए और राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हो गए, जबकि चौटाला परिवार आईएनएलडी की राह पर डटा रहा। दिलचस्प यह कि 1993 के राजस्थान चुनाव में अजय चौटाला भी इनेलो टिकट पर विधायक बने। इसके बावजूद धनखड़-चौटाला परिवार का जुड़ाव बना रहा। ओम प्रकाश चौटाला के निधन पर धनखड़ सबसे पहले पहुंचने वालों में थे और उन्होंने देवीलाल को याद करते हुए कहा था उन्होंने मुझे प्लीडर से लीडर बनाया।
नई सियासत की आहट?
अब सवाल उठ रहे हैं कि उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद धनखड़ का चौटाला फार्महाउस में ठहरना सिर्फ पारिवारिक नजदीकी है या फिर किसी नई राजनीतिक तैयारी की झलक? अभय चौटाला ने हाल ही में उनके इस्तीफे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। ऐसे में सियासी हलकों में अटकलें तेज हैं कि क्या धनखड़ फिर से सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। New Delhi News