सर्जियो गोर बने भारत में अमेरिका के नए राजदूत, सबसे ताकतवर दूत, चिंता या राहत?
भारत
RP Raghuvanshi
23 Aug 2025 04:31 PM
भारत
RP Raghuvanshi
23 Aug 2025 04:31 PM
New Delhi News : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगी सर्जियो गोर को भारत में नया राजदूत नियुक्त करने का ऐलान किया है। सीनेट की मंजूरी मिलते ही वे औपचारिक रूप से पद संभाल लेंगे। लेकिन इस बार राजदूत की भूमिका सामान्य नहीं होगी। गोर को एक साथ भारत में अमेरिकी राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए विशेष दूत (स्पेशल एन्वॉय) की दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। यही वजह है कि उन्हें अब तक का सबसे पावरफुल अमेरिकी राजदूत माना जा रहा है।
भारत के लिए यह मौका या चुनौती?
भारत-अमेरिका संबंध इस समय एक नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। एक तरफ दोनों देश रक्षा और तकनीक के मोर्चे पर साझेदारी बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टैरिफ विवाद और पाकिस्तान फैक्टर रिश्तों पर दबाव डाल रहे हैं। ऐसे में सर्जियो गोर का दोहरी जिम्मेदारी वाला रोल भारत के लिए अवसर भी हो सकता है और चिंता का कारण भी। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल के मुताबिक, यह फैसला दिखाता है कि अमेरिका अब भारत को केवल द्विपक्षीय रिश्तों की सीमाओं में नहीं देख रहा, बल्कि पाकिस्तान समेत पूरे क्षेत्र से जोड़कर देखना चाहता है। भारत की हमेशा यह आपत्ति रही है कि उसे पाकिस्तान के साथ हाइफनेट (यानी एक ही फ्रेम में) न किया जाए। लेकिन गोर को मिली यह शक्ति भारत की उस आपत्ति को कमजोर कर सकती है।
कौन हैं सर्जियो गोर?
* जन्म: उज्बेकिस्तान (सोवियत संघ के दौर में)
* बचपन: माल्टा में बीता
* शिक्षा: अमेरिका में
* करियर: रिपब्लिकन राजनीति में सक्रिय, सीनेटर रैंड पॉल के साथ काम किया
* शौक: किताबें लिखना, पब्लिश करना और यहां तक कि शादी-ब्याह में डीजे तक रह चुके हैं
* ट्रंप से रिश्ते: बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी, फिलहाल हेड आॅफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल अपॉइंटमेंट्स
गोर की ताकत कहां से बढ़ती है?
भारत में अमेरिकी राजदूत की पारंपरिक भूमिका से आगे जाकर वे पूरे दक्षिण और मध्य एशिया की अमेरिकी रणनीति पर सीधा असर डालेंगे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों से जुड़े फैसलों में भी उनकी अहम भूमिका होगी। इसका असर इंडो-पैसिफिक पॉलिसी और भारत की सामरिक स्वतंत्रता पर पड़ सकता है। अब सवाल यह है कि क्या सर्जियो गोर की नियुक्ति भारत के लिए सुपर-पावरफुल कूटनीतिक साझेदारी का रास्ता खोलेगी या फिर पाकिस्तान फैक्टर के चलते रिश्तों में नए तनाव लाएगी? New Delhi News