
New Delhi News : जब भी आप दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस (राजीव चौक) जाएंगे तो वहां आपको दुकानें, शोरूम और खाने-पीने के ऐसे आउटलेट्स मिल जाएंगे, जो सालों से देश के इस पहले ओपन मॉल में आज भी अपने जलवे बिखेर रहे हैं। यहां पर ऐसी ही एक मिल्क शेक शॉप पर आपको ले चलते हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि इस शॉप को सालों तक एक अंग्रेज ने चलाया और बाद में एक भारतीय के जिम्मे यह काम आ गया।
इस दुकान पर मिलने वाले कुछ शेक आजादी के समय से चल रहे हैं और उनका स्वाद आज भी वैसा ही है। विशेष बात यह है कि इन शेक को गिलास के बजाय कांच की बोतलों में सर्व किया जाता है। सालों पहले यह शॉप स्टूडेंट्स की पसंदीदा थी और आज भी यहां आपको शेक पीते युवा दिख जाएंगे।
कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में आप ए ब्लॉक में पहुंचेगे तो पेट्रोल पंप के पास ही आपको 'शेक स्क्वेयर' नाम की यह शॉप दिख जाएगी। इस दुकान का नाम इतना मशहूर है कि आप यहां पहुंचते ही किसी से पूछेंगे कि कांच की बोतल वाले मिल्क शेक की दुकान कहां है, तो आपको कोई भी बता देगा। बहुत पहले इस शॉप पर चार शेक ही मिलते थे, लेकिन अब इस दुकान पर आपको 35 तरह के शेक मिल जाएंगे, जिनका स्वाद सालों पहले जैसा था, वैसा आज भी है। इनमें स्ट्राबरी, पाइन एप्पल, वनीला चॉकलेट, कॉफी, मैंगो और बटर स्कॉच शामिल हैं। वहीं इन शेक की क़ीमत की बात करें तो बटर स्कॉच शेक यहां आपको 100 रुपये में मिल जाएगा और सभी शेक की कीमत 100 से लेकर 150 रुपए तक है.
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इनके सिग्नेचर मिल्क शेक के स्वाद में कोई बदलाव नहीं हुआ है। शॉप ऑनर का कहना है जो स्वाद अंग्रेजों के वक्त था, वह आज भी है। शेक बनाने का इनका फार्मूला सीक्रेट है। हम आपको बताते चलें कि इस शॉप का नाम पहले 'केवेंटर्स' था। यह नाम अंग्रेज मालिकों द्वारा दिया गया था। साल 1971 में इस दुकान का अधिकार सागर पाहूजा परिवार के पास आ गया। बाद में विभिन्न कारणों से साल 2011 में इस शॉप का नाम बदलकर 'शेक स्क्वेयर' हो गया। सुबह से लेकर रात तक कभी भी जाइए शेक पीने वालों का मजमा यहां दिखाई देगा। कनॉट प्लेस की इस मशहूर दुकान पर कोई अवकाश नहीं होता।
इस दुकान के टाइम की बात करें तो यह सुबह 10:30 से लेकर रात 12:30 बजे तक खुली रहती है। वहीं इसकी लोकेशन की बात करें तो इसका नजदीकी मेट्रो स्टेशन राजीव चौक है। New Delhi News