
छह दशकों बाद भारत की कर व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की बुनियाद रखी जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में आयकर विधेयक 2025 का संशोधित संस्करण पेश करने जा रही है। यह विधेयक 1961 के मौजूदा आयकर अधिनियम की जगह लेगा। बता दें कि इस विधेयक को पहली बार 13 फरवरी 2025 को सदन में पेश किया गया था, जिसके बाद इसे भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय प्रवर समिति के पास भेजा गया। समिति ने गहन समीक्षा के बाद 285 सिफारिशें दीं, जिनमें से 32 बदलाव को बड़े सुधार के रूप में चिह्नित किया गया है। New Tax Bill 2025
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के अनुसार, जब किसी संसदीय समिति की सिफारिशें इतनी व्यापक हों, तो मौजूदा बिल में एक-एक कर संशोधन जोड़ने के बजाय नया संस्करण पेश करना अधिक व्यावहारिक होता है। उन्होंने बताया कि 285 से ज्यादा संशोधनों के लिए तीन-तीन अलग प्रस्ताव लाना न केवल समयसाध्य है, बल्कि संसदीय प्रक्रिया में भी जटिलता पैदा करता है। इस कारण पुराने ड्राफ्ट को वापस लेकर संशोधित विधेयक लाने का निर्णय लिया गया, ताकि समय की बचत हो और कानून अधिक स्पष्ट और प्रभावी बन सके।
आकार में आधा – पुराने 819 प्रावधानों के मुकाबले अब केवल 536 धाराएं और 47 अध्यायों के बजाय 23 अध्याय।
भाषा में सरलता – कानूनी प्रावधानों को साधारण और स्पष्ट भाषा में तैयार किया गया है।
शब्दों की कटौती – 5.12 लाख शब्दों वाले पुराने कानून की तुलना में अब यह सिर्फ 2.6 लाख शब्दों का होगा।
गुमनाम दान पर नियंत्रण – केवल शुद्ध धार्मिक ट्रस्टों को ही छूट, सामाजिक सेवा ट्रस्टों पर सीमा लागू।
TDS रिफंड में राहत – ITR की समयसीमा चूकने पर भी करदाता बिना जुर्माना दिए TDS रिफंड का दावा कर सकेंगे।
सबसे अहम बदलाव कर वर्ष की अवधारणा में है। वर्तमान में आय पर अगले वित्त वर्ष में कर लगाया जाता है (Assessment Year सिस्टम), जबकि नया विधेयक ‘एसेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ की व्यवस्था को खत्म कर एकीकृत Tax Year लाएगा। इसका मतलब है, जिस वर्ष आय होगी, उसी वर्ष कर अदा किया जाएगा। बता दें कि इस बिल में 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटाए गए हैं। वित्त मंत्री के मुताबिक, इसमें तकनीकी सुधार, बेहतर क्रॉस-रेफरेंसिंग और मुकदमेबाजी घटाने के उपाय शामिल हैं। यदि यह पारित होता है, तो यह न केवल भारत के कर ढांचे को आधुनिक बनाएगा बल्कि 63 साल पुराने कानून को इतिहास का हिस्सा बना देगा। New Tax Bill 2025