News Anchor Death: नहीं रही दूरदर्शन की जानी -मानी अंग्रेजी न्यूज़ प्रेजेंटर गीतांजलि अय्यर
Anchor Death:
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:07 AM
News Anchor Death: दूरदर्शन की जानी -मानी अंग्रेजी न्यूज़ प्रेजेंटर गीतांजलि अय्यर का कल निधन हो गया। गीतांजलि 75 वर्ष की थी । गीतांजलि अंग्रेजी समाचार पढ़ने के अपने अलग अंदाज के लिए जानी जाती थी । गीतांजलि के निधन के बाद उनके कई पूर्व सहयोगी उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
दूरदर्शन के सहयोगी न्यूज़ प्रेजेंटर शम्मी नारंग ने सोशल मीडिया लिखी भावुक पोस्ट
उनके साथ दूर दर्शन में काम कर चुके मशहूर और मारुफ़ न्यूज़ प्रेजेंटर शम्मी नारंग ने सोशल मीडिया पर गीतांजलि को भावभीनी विदाई देते हुए लिखा "गीतांजलि मैं आपके साथ दूरदर्शन में बिताए गए 22 सुनहरे वर्षों का इतिहास कभी भूल नहीं सकता । काम के प्रति आपकी गहरी लगन और आपके गरिमा पूर्ण व्यक्तित्व का कोई जोड़ नहीं था । मुझे याद है कुछ साल पहले मैं आपसे एनडीटीवी के स्टूडियो में मिला था जहां सलमा सुल्ताना जी और रिनी जी भी मौजूद थी और तब भी अपने काम के प्रति आपका वही उत्साह बरकरार था । भगवान आपकी आत्मा को शांति दे ।"
जब बिना टेलीप्रॉन्पटर के पढ़ी जाती थी खबरें
News Anchor Death: आपको बता दें कि दूरदर्शन के समाचार प्रस्तुतकर्ताओं का वह सुनहरा दौर था ,जब दूरदर्शन के कुछ गिने-चुने चेहरे न्यूज़ पढ़ने के क्षेत्र में एक नया मकाम और नाम बना चुके थे । और उन्हीं में से एक थी मशहूर न्यूज़ एंकर गीतांजलि अय्यर ।
NSD से थियेटर में किया डिप्लोमा
News Anchor Death: गीतांजलि ने दूरदर्शन में अपना करियर साल 1976 में शुरू किया था । उन्होंने कोलकाता के लोरेटो कॉलेज से सन 1971 में ग्रेजुएशन किया। गीतांजलि सिर्फ न्यूज़ नहीं पढ़ती थी बल्कि वह थिएटर से भी जुड़े हुई थी और उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से डिप्लोमा कोर्स भी किया था । एक इंटरव्यू में गीतांजलि ने बताया था कि वह रेडियो पर सूरजीत सेन और पामेला सिंह को न्यूज़ पढ़ते हुए सुना करती थी और वह उनके खबर पढ़ने के अंदाज से काफी प्रभावित थी।
रेडियो में भी पढे समाचार
ये दूरदर्शन का वो दौर था जब दूर दर्शन पर केवल चित्रहार और कृषि दर्शन जैसे प्रोग्राम प्रसारित किए जाते थे और खबरों को देखने के लिए लोग दूरदर्शन पर ही भरोसा करते थे । उन्होने एक इंटरव्यू में बताया था कि तब तकनीक इतनी विकसित नहीं थी और उन्हें बिना टेलीप्रॉन्पटर के ही खबरें पढ़नी पड़ती थी ,जिसमें मैनुअली ही स्क्रिप्ट उनके सामने रखी जाती थी और ऐसे में कैमरा फ़ेस करते हुए खबरें पूरे विश्वास के साथ पढ़ना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन उन्होंने अपने काम को हमेशा गंभीरता से लिया और हमेशा अपने काम को बेहतर बनाने में लगे रही दूरदर्शन आने से पहले उन्होने ऑल इंडिया रेडियो में भी काम किया था ।
टीवी सीरियल खानदान में भी काम किया था
गीतांजलि अय्यर को न्यूज़ एंकरिंग के लिए कई अवार्ड भी दिए गए थे, उन्हें लगातार 4 वर्ष तक बेस्ट न्यूज़ एंकर का अवार्ड मिला था। गीतांजलि अय्यर ने न्यूज़ पढ़ने के अलावा जाने-माने टीवी सीरियल खानदान में भी काम किया था। और वह कुछ एडवर्टाइजमेंट में भी नजर आई थी। गीतांजलि को करीब से जानने वालों का कहना है कि वह पार्किंसन बीमारी से पीड़ित थी और घर पर ही बेहोश हो गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई । गीतांजलि अय्यर के दो बच्चे हैं बेटी पल्लवी और बेटा शेखर । उनकी बेटी पल्लवी भी जानी-मानी पत्रकार हैं।