Rahul Gandhi: बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे का NEWS CLICK पर हमला, चीन से फंडिंग का आरोप
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भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:42 AM
NEWS CLICK FUNDING: बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने कहा कि NEWS CLICK को चीन से फंडिंग मिल रही है. उन्होंने कहा कि NEWS CLICK देश विरोधी है। निशिकांत ने मीडिया पोर्टल पर चाइनीज फंडिंग से सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
NEWS CLICK FUNDING: चीन के राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं- अनुराग ठाकुर
वहीं, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कहा, यहां तक कि कई रिपोर्ट्स अब स्वीकार कर रहे हैं कि नेविल रॉय सिंघम और उनका NewsClick चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के खतरनाक हथियार हैं और दुनिया भर में चीन के राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं।
NEWS CLICK FUNDING: राहुल की मोहब्बत की दुकान में चीनी सामान- ठाकुर
अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस की मोहब्बत की दुकान न्यूज क्लिक से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की नकली मोहब्बत की दुकान में चीनी सामान है। उन्होंने कहा, न्यूज क्लिक जब शुरू हुआ, उसके बाद करोड़ों रुपये की फंडिंग मिली. हम इस एंटी इंडिया एजेंडे को चलने नहीं देंगे।
NEWS CLICK FUNDING: 'तर्कहीन विपक्ष देश को कर रहा भ्रमित'- अनुराग ठाकुर
अनुराग ठाकुर ने कहा, चीन के प्रति प्यार दिखता था और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार विदेशी जमीन से, विदेशी न्यूज एजेंसियों के माध्यम से भी प्रोपेगेंडा के तहत होता था। एक अजेंडा था - Anti India और Break India कैंपेन ये लोग चलाते थे। इनके यहां सारा सामान चीनी है और ये चीन को सम्मान देते हैं।
उन्होंने कहा, अगर आप News Click की फंडिंग का जाल देखेंगे, तो एक विदेशी नेविल रॉय सिंघम ने इसकी फंडिंग की और उसे पीछे से फंड चीन से मिलता है. इस Neville Roy Singham का सीधा संपर्क चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रोपेगेंडा आर्म और चीन की मीडिया कंपनी माकु ग्रुप के साथ है.
NEWS CLICK FUNDING: अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को घेरा
अनुराग ठाकुर ने कहा, NYT से बहुत पहले, भारत लंबे समय से दुनिया को बताता रहा है कि न्यूजक्लिक चीनी प्रचार का एक खतरनाक वैश्विक जाल है. समान विचारधारा वाली ताकतों द्वारा समर्थित, नेविल एक संदिग्ध भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा, 2021 में जब भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यूजक्लिक के खिलाफ जांच शुरू की, तो कांग्रेस और पूरे वाम-उदारवादी पारिस्थितिकी तंत्र इसका बचाव करने उतर आए थे.
कांग्रेस के लिए नेविल और न्यूजक्लिक का बचाव करना स्वाभाविक है क्योंकि उसके नेतृत्व के लिए राष्ट्रीय हित कभी मायने नहीं रखते. क्या यह वही कांग्रेस पार्टी नहीं है जिसने भारत में चीनी हितों को बढ़ावा देने के लिए साल 2008 में सीपीसी के साथ एक MoU पर हस्ताक्षर किए थे और कथित तौर पर चीनी दूतावास से राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) के लिए दान स्वीकार किया था? यूपीए हजार बार अपना नाम बदल सकता है. लोग जानते हैं कि घमंडिया गठबंधन के हाथों में देश सुरक्षित नहीं रहेगा.
NEWS CLICK FUNDING: क्या है पूरा मामला ?
दो साल पहले प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पाया गया था कि मीडिया पोर्टल न्यूजक्लिक को विदेशों से लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी. जांच में पता चला था कि अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम की ओर से लगातार न्यूजक्लिक को फंडिंग दी गई थी. नेविल पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के साथ संबंध के आरोप लगते रहे हैं. ईडी की जांच में पता चला था कि तीन साल में NewsClick को 38 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी. इसे तीस्ता सीतलवाड़ समेत कई लोगों में बांटा गया था.
अब इसे लेकर कई रिपोर्ट में भी एक्टिविस्ट ग्रुप्स, गैर-लाभकारी संगठनों, शेल कंपनियों और चीन के साथ उनके नेटवर्क का पता चला है. इस पूरे नेटवर्क के केंद्र में नेविल रॉय सिंघम हैं. रिपोर्ट में कहा कि कॉर्पोरेट फाइलिंग से पता चलता है, सिंघम के नेटवर्क ने एक समाचार साइट, न्यूजक्लिक को फंडिंग दी है. इसमें जरिए चीनी सरकार के मुद्दों को कवर किया गया.
NEWS CLICK FUNDING: नेविल रॉय सिंघम
चीन ने कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी संगठनों के इस वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र का इस्तेमाल एक नेटवर्क बनाने के लिए किया जो चीन और चीनी सरकार के रुख को दोहराता है.
जांच से पता चला है कि चीन कैसे अपने मानवाधिकारों के हनन की अंतरराष्ट्रीय आलोचना को टालता है और कैसे वैश्विक मामलों पर अपनी बातों को इस नेटवर्क के माध्यम से कैसे फैलाता है. यह एक वित्त पोषित प्रभाव अभियान का हिस्सा है जो चीन का बचाव करता है और उसके प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाता है. इसके केंद्र में अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम हैं, जिन्हें वामपंथी हितों के समाजवादी हितैषी के रूप में जाना जाता है.
मनी ट्रेल का हुआ खुलासा
ईडी ने न्यूजक्लिक को लाखों डॉलर के डोनेशन का पता लगाया था. भारत एकमात्र देश नहीं है जिसमें सिंघम ग्रुप द्वारा फंडिंग मिली है. जांच में ब्राजील में एक न्यूज ऑर्गेनाइजेशन, मैसाचुसेट्स में एक थिंक टैंक, मैनहट्टन में एक कार्यक्रम स्थल और दक्षिण अफ्रीका में एक राजनीतिक दल को फंडिंग का पता चला है.
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