News Click Funding: बीजेपी नेता के फंडिंग आरोप पर 'NewsClick' ने दी अपनी सफाई
भारत
चेतना मंच
25 Nov 2025 07:54 AM
News Click Funding |सुप्रिया श्रीवास्तव | 8 अगस्त 2023 | National News
News Click Funding : मीडिया पोर्टल न्यूज़ क्लिक पर चीन से मिल रही फंडिंग के जरिए देश में सरकार के खिलाफ माहौल बनाने और देश विरोधी होने का आरोप लगा है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि चीन से मिल रही फंडिंग से News Click मीडिया पोर्टल सरकार के खिलाफ माहौल बना रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी यह कहा कि कई रिपोर्ट्स अब स्वीकार कर रहे हैं कि नोबेल रॉय सिंघम और उनका NewsClick चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के खतरनाक हथियार हैं, और दुनियाभर में चीन की राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं।
न्यूज़क्लिक मीडिया पोर्टल पर लग रहे इन आरोपों पर, अब मीडिया पोर्टल ने अपनी सफाई पेश की है, और सभी आरोपों को मद्देनजर रखते हुए अपना बयान पेश किया है।
News Click Funding: पॉलिटिकल एक्टर्स और मीडिया के एक हिस्से द्वारा हमारे ख़िलाफ़ लगाए जा रहे आरोप निराधार-
NewsClick मीडिया होटल की तरफ से यह बयान पेश किया गया है कि पॉलिटिकल पार्टी के नेताओं और मीडिया द्वारा न्यूज़ पोर्टल पर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद है, जिसका कोई तथ्यात्मक या कानूनी आधार नहीं है।
NewsClick के चीफ एडिटर प्रबीर पुरकायस्थ ने एक लिखित बयान पेश किया है जिसमें लिखा गया है कि -
"पिछले 12 घंटों में, न्यूज़क्लिक के ख़िलाफ़ कई झूठे और भ्रामक आरोप लगाए गए हैं जो उन मामलों से संबंधित हैं जो कि वर्तमान में भारत में अदालतों के समक्ष विचाराधीन हैं। हम कानूनी प्रक्रिया की शुचिता का सम्मान करते हैं और मीडिया ट्रायल में शामिल होने का हमारा कोई इरादा नहीं है। कुछ पॉलिटिकल एक्टर्स और मीडिया के एक हिस्से द्वारा हमारे ख़िलाफ़ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं, इन आरोपों का कोई तथ्यात्मक या क़ानूनी आधार नहीं है।
न्यूज़क्लिक एक स्वतंत्र समाचार संस्था है, और ऐसा कोई भी आरोप कि हम चीन की कम्युनिस्ट पार्टी या अन्य हितों के मुखपत्र के रूप में कार्य करते हैं, ग़लत और बेबुनियाद है। हम एक बार फिर भारतीय न्यायालयों में अपना विश्वास दोहराते हैं, और आश्वस्त हैं कि न्यूज़क्लिक भारतीय क़ानून के अनुसार कार्य करता रहा है और करता रहेगा।
विशेष रूप से, माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामला न्यूज़क्लिक के पक्ष में पाते हुए, कंपनी के विभिन्न अधिकारियों को गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। इसके अलावा, एडिशनल चीफ़ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (विशेष अधिनियम), दिल्ली ने न्यूज़क्लिक के ख़िलाफ़ आयकर अधिकारियों द्वारा दायर एक शिकायत को ख़ारिज कर दिया है, उन्होंने इस शिकायत में कोई मेरिट नहीं पाई।"
क्या है News Click Funding से जुड़ा पूरा मामला?
दो साल पहले प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पाया गया था कि मीडिया पोर्टल न्यूजक्लिक को विदेशों से लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी। जांच में पता चला था कि अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम की ओर से लगातार न्यूजक्लिक को फंडिंग दी गई थी। नेविल पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के साथ संबंध के आरोप लगते रहे हैं। ईडी की जांच में पता चला था कि तीन साल में NewsClick को 38 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी। इसे तीस्ता सीतलवाड़ समेत कई लोगों में बांटा गया था।
अब इसे लेकर कई रिपोर्ट में भी एक्टिविस्ट ग्रुप्स, गैर-लाभकारी संगठनों, शेल कंपनियों और चीन के साथ उनके नेटवर्क का पता चला है। इस पूरे नेटवर्क के केंद्र में नेविल रॉय सिंघम हैं। रिपोर्ट में कहा कि कॉर्पोरेट फाइलिंग से पता चलता है, सिंघम के नेटवर्क ने एक समाचार साइट, न्यूजक्लिक को फंडिंग दी है। इसमें जरिए चीनी सरकार के मुद्दों को कवर किया गया।