
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर घटक दलों के बीच बढ़ते मतभेद ने सियासी वातावरण को और गर्मा दिया है। दलों के बीच सहमति का फार्मूला अभी तक नहीं बन पाया, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इंतजार छोड़ खुद अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान शुरू कर दिया है। शनिवार को बक्सर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने राजपुर सीट से जेडीयू उम्मीदवार के रूप में पूर्व मंत्री संतोष निराला का नाम घोषित किया। इस मौके पर बीजेपी के नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की मौजूदगी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नीतीश कुमार अपनी रणनीति में सख्त रुख के साथ आगे बढ़ रहे हैं और एनडीए में नेतृत्व की पकड़ बरकरार रखना चाहते हैं। Bihar Assembly Election 2025
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिहाज से एनडीए की रणनीति अब स्पष्ट होती दिख रही है। राजपुर सीट, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भरोसेमंद नेता संतोष निराला को जेडीयू उम्मीदवार बनाकर मजबूत सियासी संदेश दे दिया। दो बार बिहार सरकार में मंत्री रह चुके निराला जेडीयू के प्रमुख दलित चेहरे माने जाते हैं। 2014-17 में उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति विभाग संभाला, जबकि 2017-2020 में परिवहन मंत्री रहे। नीतीश के इस कदम से यह साफ हो गया कि जेडीयू अपनी पारंपरिक सीटों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और एनडीए के भीतर नेतृत्व की पकड़ बनाए रखेगी। ऐलान के दौरान नीतीश ने कहा, “हमने राज्य के विकास में कई अहम काम किए हैं। अब जनता का काम है कि वे संतोष निराला को विजयी बनाएं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली जेडीयू ने अपनी चुनावी रणनीति को और स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने अपने लिए दो श्रेणियों में सीटों का निर्धारण किया है:
सुनिश्चित सीट और प्रत्याशी तय – राजपुर समेत कई परंपरागत सीटें, जहां उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया गया है।
सुनिश्चित सीट, प्रत्याशी विचाराधीन – उन सीटों पर जहां अंतिम उम्मीदवार का फैसला अभी बाकी है।
फाइनल लिस्ट में जेडीयू ने अपने रणनीतिक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर स्पष्ट संदेश दे दिया कि पार्टी अपनी पारंपरिक ताकत को बनाए रखते हुए चुनावी रण में सक्रिय भूमिका निभाएगी। प्रमुख नामों में लेशी सिंह (धमदाहा), मदन सहनी (बहादुरपुर), सुनील कुमार (भोरे), जयंत राज (अमरपुर), उमेश कुशवाहा (महनार), श्रवण कुमार (नालंदा), जितेंद्र कुमार (अस्थावां), कौशल किशोर (राजगीर), नरेंद्र कुमार नीरज (गोपालपुर), राजकुमार (मटिहानी), दामोदर रावत (झाझा) शामिल हैं।
इस कदम से यह स्पष्ट हो गया कि नीतीश कुमार की जेडीयू एनडीए में अपनी नेतृत्व वाली पकड़ मजबूत रखते हुए सीट शेयरिंग की जटिलताओं को नजरअंदाज कर अपने उम्मीदवारों के साथ चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है।
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं और इस बार एनडीए में घटक दलों की संख्या बढ़ जाने से सीट बंटवारे का खेल और जटिल हो गया है। 2020 में जेडीयू ने 115 और बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार नीतीश कुमार की अगुआई वाली जेडीयू ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बीजेपी से कम से कम एक सीट अधिक पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी ने भी अपनी सीटों की मांग रखी है। सीएम नीतीश ने राजपुर से संतोष निराला को उम्मीदवार घोषित करके यह संदेश दे दिया कि जेडीयू अपनी रणनीति में किसी भी हाल में रूकावट नहीं होने देगी और सीट शेयरिंग के पेच पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखेगी। यह कदम जेडीयू की सख्त चुनावी नीति और एनडीए में नेतृत्व की स्पष्ट पकड़ का प्रतीक है। Bihar Assembly Election 2025