नई सरकार बनने से पहले मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यपाल के पास जाकर अपने पद से इस्तीफा देना होगा। यह सिर्फ तकनीकी प्रक्रिया है, लेकिन इसी के बाद एनडीए दलों की बैठकें होंगी।

बिहार में सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन का काउंटडाउन शुरू हो गया है। चुनाव परिणाम आने के बाद अब सारी नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि नीतीश कुमार कब इस्तीफा देंगे, एनडीए अपना नेता कब चुनेगा और शपथ ग्रहण समारोह आखिर कब होगा। चुनाव आयोग आज ही बिहार के राज्यपाल को 18वीं विधानसभा के आधिकारिक परिणाम सौंप रहा है। इसके बाद पुरानी विधानसभा स्वत: समाप्त मानी जाएगी। आदर्श आचार संहिता खत्म हो जाएगी। इसके बाद ही नई सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी। यह एक बेहद अहम औपचारिकता होती है, जिसके बाद ही सरकार गठन के के लिए कदम उठाए जाते हैं।
नई सरकार बनने से पहले मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यपाल के पास जाकर अपने पद से इस्तीफा देना होगा। यह सिर्फ तकनीकी प्रक्रिया है, लेकिन इसी के बाद एनडीए दलों की बैठकें होंगी। उस बैठक में नेता का चयन होगा। इसके बाद ही सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा। बैठक में जेडीयू, बीजेपी और एनडीए के अन्य साथी शामिल होंगे।
नीतीश कुमार एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। हालांकि, परंपरा के अनुसार पहले एनडीए विधायक दल की बैठक होगी। फिर सर्वसम्मति से नेता चुना जाएगा। उसके बाद राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश होगा। यह प्रक्रिया अगले 24 से 48 घंटों में पूरी होने की उम्मीद है।
पटना का गांधी मैदान इस बार भी शपथ ग्रहण का मुख्य स्थल होगा। तैयारियाँ बहुत तेजी से चल रही हैं। यहां विशाल मंच तैयार किया जा रहा है। वीआईपी इनक्लोजर का डिजाइन तय हो चुका है। सुरक्षा एजेंसियों ने मैदान की रिहर्सल शुरू कर दी है। हजारों आम लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। ट्रैफिक प्लान भी फाइनल होने की कगार पर ही है। शपथ ग्रहण को लेकर रौनक पूरे शहर में दिखने लगी है।
बड़ी खबर ये भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। इससे कार्यक्रम की भव्यता और सुरक्षा दोनों और बढ़ जाएँगी। मीडिया रिपोर्ट्स और प्रशासनिक गतिविधियों के अनुसार शपथ ग्रहण 19 या 20 नवंबर को हो सकता है। तारीख का अंतिम निर्णय एनडीए की बैठक और राज्यपाल से मुलाकात के बाद घोषित किया जाएगा। आधिकारिक ऐलान जल्द आने की उम्मीद है।