उन पर प्रमोशन पाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप लग चुके हैं। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और सस्पेंड भी किया गया था। संतोष वर्मा पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर ज्यादती का आरोप भी लगाया था।

IAS Santosh Verma : ब्राह्मण की बेटी को लेकर घटिया बयान देने वाले चर्चित IAS अधिकारी संतोष वर्मा को माफी नहीं मिलेगी। ब्राह्मण की बेटी के विषय में बयान देने वाले IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने मीडिया को बयान देकर अपने भाषण पर माफी मांग ली है। ज्यादातर नागरिकों का कहना है कि संतोष वर्मा का भाषण माफी के लायक नहीं है। ज्यादातर लोग संतोष वर्मा को तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेजने की मांग कर रहे हैं।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में तैनात IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने बहुत ही विवादित बात बोली है। IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने एक कार्यक्रम में आरक्षण के मुद्दे पर भाषण दिया था। अपने भाषण में संतोष वर्मा ने कहा कि आरक्षण तब तक जारी रहे जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी उनके बेटे को दान ना कर दे या उससे संबंध ना बनाए। अपनी बात को समझाते हुए IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने कहा कि 'मैं तब तक यह नहीं मानूंगा कि एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान ना कर दे या उसका उससे संबंध नहीं बनाए। केवल आर्थिक आधार की बात है तो- जब तक यह रोटी-बेटी का व्यवहार ना होता तब तक हमको समाज के पिछड़ेपन, सामाजिक पिछड़ेपन के कारण आरक्षण की पात्रता मिलती रहेगी। आप खत्म कर दीजिए जाति- हमें नहीं चाहिए आरक्षण।'
इस खबर को आगे बढ़ाने से पहले संतोष वर्मा को जान लेना बहुत जरूरी है। आपको बता दें कि संतोष कुमार वर्मा मध्य प्रदेश काडर के 2012 के बैच के आईएएस.... अधिकारी है। वह मध्य प्रदेश के किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग में उप सचिव पद पर हैं। हाल ही में उन्हें अनुसूचित जाति वर्ग के सरकारी कर्मचारियों के संगठन अजाक्स का प्रांतीय प्रमुख भी चुना गया है। IAS संतोष कुमार वर्मा इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन पर प्रमोशन पाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप लग चुके हैं। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और सस्पेंड भी किया गया था। संतोष वर्मा पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर ज्यादती का आरोप भी लगाया था।
IAS अधिकारी संतोष वर्मा के भाषण पर देश भर में बवाल मचा हुआ है। बवाल को बढ़ता हुआ देखकर संतोष वर्मा ने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली है। माफी मांगते हुए संतोष वर्मा ने मीडिया से कहा है कि "असल में यह मध्य प्रदेश अजाक्स की हमारी राज्य कार्यकारिणी की बैठक थी। बैठक के दौरान, अजाक्स के हमारे पिछले अध्यक्ष, जो पिछले 21 वर्षों से पद पर थे ने अपना इस्तीफा दे दिया और मुझे सर्वसम्मति से अजाक्स का नया अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद, हम इस बात पर अपने विचार साझा कर रहे थे कि आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए या सामाजिक आधार पर।" संतोष वर्मा ने आगे कहा कि उनके मन में किसी भी समुदाय के प्रति कोई बुरी भावना नहीं थी, और न ही उनका इरादा किसी समुदाय की बेटी को ठेस पहुंचाने का था। उन्होंने यह भी कहा, "अगर मेरे शब्दों से किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं। कुछ लोगों ने मेरे कहे का केवल एक हिस्सा प्रचारित किया। जिन लोगों ने इस विवाद को हवा दी है, उन्होंने मेरे भाषण में से केवल एक पंक्ति ली है।" संतोष वर्मा आगे कहा कि कुछ लोगों का मानना था कि अगर कोई IAS अधिकारी बन गया है, तो उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य को आरक्षण के लिए पात्र नहीं होना चाहिए। इस पर मैंने कहा कि अगर मैं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हूं और मेरा सामाजिक पिछड़ापन खत्म हो गया है, तब भी मेरे बच्चों और हमारे समुदाय को समाज से 'रोटी-बेटी' का व्यवहार मिलना चाहिए। लेकिन मेरे संबोधन का केवल एक खास हिस्सा ही प्रचारित किया गया।" IAS Santosh Verma