Noida Crime News : आउटसोर्सिंग कंपनियों से लीक हो रहा उपभोक्ताओं का डाटा
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:31 AM
Noida : नोएडा । इंश्योरेंस व फाइनेंस कंपनियों द्वारा डाटा कलेक्शन का काम आउटसोर्सिंग कंपनियों को देना उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बन रहा है। आउटसोर्सिंग कंपनियों के कुछ कर्मचारी चंद रुपयों के लालच में कॉल सेंटरों व साइबर ठगों को उपभोक्ताओं का डाटा मुहैया करा रहे हैं। ऐसे ही डाटा की मदद से साइबर ठगों ने गत दिनों एनटीपीसी के रिटायर्ड एजीएम को पॉलिसी सेटलमेंट करने का झांसा देकर एक करोड़ 62 लाख रुपए ठग लिए। रिटायर्ड एजीएम साइबर ठगों के झांसे में आकर पॉलिसी के 26 लाख रुपए पाने के लालच में अपने एक करोड़ 62 लाख रुपए गंवा बैठे। हालांकि थाना सेक्टर 113 पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा रणविजय सिंह ने गुरुवार को सेक्टर-14ए स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि एनटीपीसी से रिटायर्ड एजीएम सुदामा प्रसाद कुशवाहा ने 7 साल पूर्व एचडीएफसी में बीमा पॉलिसी कराई थी। उन्होंने पॉलिसी की केवल एक किस्त ही जमा की थी और बाकी की किस्त जमा नहीं हुई थी। साइबर ठगों ने डाटा लेकर सुदामा प्रसाद कुशवाहा से संपर्क साधा और उन्हें बताया कि 7 वर्ष में उनकी पॉलिसी की किस्त के रूप में जमा कराई गई धनराशि अब 26 लाखों हो चुकी है। साइबर ठगों ने सुदामा प्रसाद कुशवाहा को यह धनराशि वापस दिलाने की एवज में कुछ धनराशि दिए जाने की डिमांड की। साइबर ठगों के झांसे में आकर रिटायर्ड एजीएम पैसे देते रहे। धीरे धीरे साइबर ठगों ने उनसे एक करोड़ 62 लाख रुपए ठग लिए। इतनी बड़ी धनराशि गवांने के बाद एजीएम सुदामा प्रसाद कुशवाहा ने नोएडा के साइबर थाने में मामला दर्ज कराया और पुलिस को उन नंबरों की जानकारी दी जिनसे साइबर ठगों ने उनसे संपर्क किया था। इसके अलावा उन्होंने उन खातों का भी विवरण पुलिस को उपलब्ध कराया जिनमें उन्होंने ट्रांजैक्शन की थी।
अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि साइबर सेल व थाना सेक्टर 113 पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की तो पता चला कि साइबर ठग ग़ाजिय़ाबाद के भोपुरा में कॉल सेंटर के जरिए अपना नेटवर्क चला कर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने तमाम साक्ष्य एकत्र करने के पश्चात छापा मारकर गिरोह के सरगना सोनू सहित रोहित कटारिया, अश्वनी कुमार, राहुल, निलेश, अजय कुमार उर्फ सोनू, संध्या, चंचल, संजना, श्रुति, अंजलि, मोहिनी, केसर, चंचल गुप्ता, प्रियंका तथा बरखा को गाजियाबाद के भोपुरा स्थित कॉल सेंटर से गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 16 मोबाइल, एक लैपटॉप तथा डेढ़ लाख रुपए की नगदी बरामद हुई।
अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड सोनू है और उसने रिटायर्ड एजीएम से पैसे वसूलने की जिम्मेदारी नीलेश को दी थी। नीलेश ने विभिन्न खातों में रिटायर्ड एजीएम से करोड़ों रुपए की धनराशि ट्रांसफर कराई थी। उन्होंने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि ठगी की इस रकम से आरोपियों ने कई स्थानों पर प्रॉपर्टी भी खरीदी है जिस की तहसील से जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह के मास्टरमाइंड सोनू के दो खाते भी फ्रीज किए गए हैं। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह कॉल सेंटर खोल कर फर्जी सिम का प्रयोग करते हुए ऐसे लोगों से संपर्क करते हैं जिनकी पॉलिसी की कई किस्तें जमा नहीं हुई है। गिरोह के सदस्य इन लोगों को पैसे वापस दिलाने का झांसा देकर उनसे विभिन्न तरीकों से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करा लेते हैं।
अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पकड़े गए आरोपी 2 वर्षों से लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। पकड़े गए साइबर ठगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।