Noida Crime News : केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के नाम पर धोखाधड़ी
Fraud in the name of updating KYC
भारत
चेतना मंच
14 Oct 2022 07:09 PM
Noida News : नोएडा । बैंक खाते का केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर सैकड़ों लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो शातिर जालसाजों को साइबर क्राइम थाना नोएडा पुलिस ने वाराणसी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ नोएडा निवासी एक महिला ने गत दिनों 6 लाख 25 हजार रुपये की धोखाधड़ी किये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पकड़े गए दोनों आरोपी जामताड़ा, झारखंड के साइबर अपराधियों के संगठित गैंग के सक्रिय सदस्य हैं।
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साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 की प्रभारी रीता यादव ने बताया कि नोएडा निवासी आशा कौल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पास 15 फरवरी 2022 को एक व्यक्ति ने बैंक अधिकारी बन कर फोन किया। फोन करने वाले ने बताया कि उनका पीएनबी पेंशन बैंक खाते का केवाईसी अपडेट नहीं है। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने उन्हें झांसे में लेकर उनसे मोबाइल में एक ऐप अपडेट इंस्टॉल कराया। इसके बाद उनके खाते से चार अलग-अलग बैंक खातों में 625000 ट्रांसफर हो गए। इस संबंध में आशा कौल की शिकायत पर 12 मार्च को मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की गई। जांच पड़ताल में अंकित कुमार सिंह व सूरज सिंह का नाम प्रकाश में आया। इन्हीं दोनों आरोपियों के बैंक खातों में धोखाधड़ी के लाखों रुपए ट्रांसफर हुए थे।
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थाना प्रभारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर अंकित कुमार सिंह पुत्र अरुण कुमार व सूरज सिंह पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी वाराणसी को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गये अंकित कुमार बीट ने बीटेक किया हुआ है और सूरज आईटीआई इलेक्ट्रिकल है। थाना प्रभारी ने बताया कि अंकित ने सूरज का बैंक खाता खोलने के लिए सीसीजी इंटरप्राइजेज के नाम पर आईसीआईसीआई बैंक वाराणसी में अकाउंटेंट से कमीशन बेस पर खाता खुलवाया। इस खाते का एटीएम, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, सिम, चेक बुक अपने सरगना को दे दिए। इसकी एवज में दोनों ने मोटा कमीशन प्राप्त किया। अंकित ने अंकित इंटरप्राइजेज के नाम पर अपना स्वयं का भी बैंक खाता खुलवाया जिसमें धोखाधड़ी के करोड़ों रुपए ट्रांसफर हुए हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने ऐसे ही सौ से डेढ़ सौ व्यक्तियों के खाते खुलवाए और उनका एटीएम रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सिम चेक बुक अपने सरगना को दे दिया ।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। इस गिरोह के सदस्य बैंक अधिकारी बन कर कॉल करके लोगों को ऑनलाइन केवाईसी अपडेट कराने को कहते हैं। बैंक खाता धारकों के मोबाइल में एनीडेक्स एप्लीकेशन डाउनलोड करवा कर और ओटीपी लेकर उनके खातों से लाखों रुपए अपने व किराए के विभिन्न बैंकों में धोखाधड़ी से ट्रांसफर करा लेते हैं। जांच पड़ताल के दौरान दो ऐसे खाते पता चले हैं जिनमें पौने दो करोड रुपए ट्रांसफर हुए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि एक खाते को भी फ्रीज कराया गया है इस खाते में 28 लाख रुपये जमा हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।