Noida : 'भीड़ में न खेलें होली, कोविड प्रोटोकॉल करें पालन'
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 12:39 AM
Noida: नोएडा । जनपद में बेशक कोविड संक्रमण थम गया है, लेकिन अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। बेहतर हो कि इस बार सामूहिक रूप से होली खेलने और आपस में गले मिलने से परहेज करें। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए ही होली खेलें। यह सलाह मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुनील कुमार शर्मा ने दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है -वैसे तो होली मुख्य रूप से रंगों और आपस में मिलने और गले मिलकर बधाई देने का त्योहार है पर कोविड संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पिछली बार की तरह इस बार भी एहतियात से मनाया जाए तो बेहतर है।उन्होंने कहा हालांकि जनपद में अब बहुत कम मामले कोविड संक्रमण के आ रहे हैं, पर कोविड अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है।
कोशिश करें भीड़ में शामिल न हों। न जाने भीड़ में कौन सा व्यक्ति संक्रमित हो। घर से बाहर जाने पर मास्क लगाना न भूलें। दूर से ही होली खेलें। घर आकर सबसे पहले साबुन-पानी से हाथ धोयें और स्नान करें। उन्होंने कहा- कोशिश करें होली पर घर पर बनी मिठाइयां ही खाएं, बाजार की चीजों से जितना हो सके परहेज करें।
रगड़ें नहीं आखें
डा. निधि कहती हैं- आंखों में रंग या धूल का कोई कण चला जाएं तो आंखों को रगडऩा नहीं चाहिए। तुरंत आंखों के डाक्टर से परामर्श लेना चाहिए। स्वयं कोई इलाज न करें और न ही कोई आईड्राप बिना चिकित्सक की सलाह के इस्तेमाल करें। आंखों के मामले में कतई लापरवाही न बरतें।.
केमिकलयुक्त रंगों से होली न खेलें : डा. अभिषेक दुबे
जिला संयुक्त चिकित्सालय के चर्मरोग विशेषज्ञ डा. अभिषेक दुबे का कहते हैं, होली पर केमिकलयुक्त (रसायनयुक्त) रंग बहुत बिकते हैं। जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। केमिकलयुक्त रंगों से बचना चाहिए। यह लगाने वाले के हाथों को और जिसके लगाया जाता है, दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। इन्हें हानिकारक केमिकल से तैयार किया जाता है। इनमें लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट, मरकरी सल्फाइट, क्रोमियम आयोडाइड, एल्युमिनियम ब्रोमाइड आदि होता है। यह सभी केमिकल बाल, त्वचा, आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन केमिकल के कारण त्वचा पर एलर्जी, खुजली, सूखापन, फोड़े-फुंसी अथवा घाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर हो कि हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें।