नोएडा। डॉक्टरों के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे भी अनेक किरदार हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर बड़ा काम कर रहे हैं। चाहे कोरोना काल हो या फिर प्रतिदिन की चिकित्सा सेवा, इसमें नॉन मेडिकल स्टाफ का भी बड़ा योगदान है। वह भी अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसी पर लेखक विश्व बंधु जोशी द्वारा एक पुस्तक हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन फ्रॉम द प्रोस्पेक्टिव ऑफ नॉन मेडिकल एजुकेटिव द अनसंग विरोध में ऐसे ही गैर शिक्षकों के योगदान और समस्याओं पर लिखित पुस्तक का विमोचन कैलाश सभागार सेक्टर-27 में सांसद डॉ. महेश शर्मा ने विमोचन किया।
लेखक ने जो अपने शब्दों में 10 तक के अनुभव को शब्दों में पिरोकर पुस्तक के रूप में पेश किया है। वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि विश्व बंधु जोशी ने अनुभव के आधार पर तैयार दस्तावेज आने वाली पीढ़ी के लिए उपयोगी साबित होगी और बेहतर चिकित्सा प्रशासन में मददगार साबित होगी ।
कैलाश ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल(Kailash Group of Hospitals) के वरिष्ठ प्रबंधक विश्व बंधु जोशी ने बताया कि सर्वोत्तम चिकित्सा इलाज के लिए एक अस्पताल में 30 से 35 प्रतिशत चिकित्सा स्टाफ काम करता है जबकि 65 से 70 फ़ीसदी गैर चिकित्सीय स्टाफ काम करता है। इनमें प्रबंधक पैरामेडिकल स्टाफ से लेकर शायद तथा ड्राइवर आदि शामिल है।