Noida : नोएडा । ऑन लाइन ट्रांसजेंक्शन, ऑन लाइन शॉपिंग, होटलों व टिकट की बुकिंग, ऑनलाइन फूड व मेडिसन डिलीवरी सहित अन्य कामों के लिए ऑनलाइन की सुविधा ने साइबर फ्रॉड करने वाले जालसाजों के लिए राह आसान कर दी है। केवल एक गलत लिंक पर क्लिक करने मात्र से उपभोक्ता ऑन लाइन ठगी (फ्राड) का शिकार हो जाते हैं। प्रदेश का शो विंडो और दिल्ली एनसीआर के साइबर शहर में से एक नोएडा में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले पिछले कुछ वर्षों में बड़ी तेजी से बढ़े हैं। साइबर ठग नोएडा में बैठकर अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस सहित देश दुनिया के लोगों को ठगी का शिकार बनाकर करोड़ों अरबों रूपये डकार चुके हैं। साइबर ठगों पर नकेल कसने के लिए गौतमबुद्धनगर में पुलिस का साइबर सेल पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय है। साइबर सेल पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने फरवरी-2022 में ऑन लाइन फ्रॉड का शिकार हुए पीडि़तों को कुल 1 करोड़ 50 हजार 455 रूपये की धनराशि त्वरित कार्यवाही करते हुए वापस दिलवाई है।
साइबर सेल से जुड़े उपनिरीक्षक बलजीत सिंह का कहना है कि फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता व जागरूकता बेहद जरूरी है। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी है कि जल्दबाजी में किसी से भी फोन कॉल पर बातें न करें और न ही किसी अपरिचित व्यक्ति से अपने बैंक डिटेल शेयर न करें। अपने डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी कभी शेयर न करें जैसे डेबिट कार्ड पर लिखे 16 डिजिट नंबर, कार्ड का सीवीवी तथा रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त होने वाली ओटीपी साथ ही अपना यूपीआई पिन किसी क्यूआर कोड को स्कैन कर न भरें इससे फ्रॉड हो सकता है।
आजकल प्ले स्टोर के माध्यम से अनेक रिमोट ऐप प्रचलित हैं जिनका प्रयोग आपके फोन, डेस्कटॉप आदि को रिमोट पर लेकर चलाने के लिए किया जाता है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी भी एप्लीकेशन को अपने फोन में इंस्टाल न करें ऐसा करने से आपके फोन का डाटा अज्ञात के पास जा सकता है।
प्ले स्टोर पर आजकल क्विक लोन देने वाली भी अनेक एप्लीकेशन मौजूद हैं। ऐसे किसी एप्लीकेशन को अपने फोन, डेस्कटॉप या अन्य कहीं भी डाउनलोड न करें। यह एप्लीकेशन आपके फोन का एक्सेस प्राप्त कर आपकी गोपनीय जानकारी लेकर ब्लैकमेल कर सकते हैं। इसके अलावा एटीएम प्रयोग करने के दौरान बेहद सावधानी बरतें तथा ईमेल, व्हाटसअप या आपके किसी अन्य सोशल एकाउंट पर आये अनजान लिंक को क्लिक न करें यह साइबर फ्रॉड करने वालों का जाल हो सकता है।