Noida News: सीएम ऑफिस के दखल के बाद अजनारा पर गिरी गाज
भारत
चेतना मंच
30 Mar 2022 06:22 PM
Noida : नोएडा उत्तर प्रदेश में सरकार किसी की भी हो लेकिन नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों की कार्यशैली में कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि नोएडा में बिल्डर खुलेआम मनमानी कर रहे हैं. प्राधिकरण नियोजन विभाग में सोसायटी निवासियों की शिकायत आने पर भी प्लानिंग विभाग के अधिकारियों ने कोई कर्रवाई नहीं की। मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराने पर इसकी पोल खुल गई है। ताज़ा मामला सेक्टर-74 की ग्रैंड अजनारा हेरिटेज सोसायटी से सामने आया है, जिसमें साल 2020 से निवासी बिल्डर की मनमानी की शिकायत प्राधिकरण के नियोजन विभाग में कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों के कानों तक जूं तक ना रेंगी। शिकायत पर संज्ञान लेना तो दूर की बात उल्टा शिकायतों को ही 5 जनवरी को झूठा साबित करते हुए आख्या प्रस्तुत कर दी कि यहां पर बिल्डर काम ही नहीं कर रहा है। जब इस मामले पर निवासियों ने साक्ष्यों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया तो अधिकारी और बिल्डर के बीच सांठगांठ की पोल एक बार फिर खुल गई।
साल 2020 में की थी शिकायत 24 मार्च को जारी हुआ नोटिस
हालात यहां तक पहुंच गए उत्तर प्रदेश शासन ने जिलाधिकारी सुहास एल.वाई को इस मामले पर कार्रवाई के लिए लिखना पड़ा। जब यह पत्र नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचा तो आनन फानन में 24 मार्च को बिल्डर को नोटिस जारी कर दिया गया। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि बिल्डर ने यहां पर दिसंबर, 2020 से बिल्डर की शिकायत की जा रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। नवंबर दिसंबर 2021 में फिर शिकायत दी थी।
अधिकारियों की कारस्तानी
प्राधिकरण ने पांच जनवरी 2022 को दो ड्राफ्टमैन जांच को भेज थे, लेकिन सोसायटी के 15 वें टॉवर क्लाक में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं होने बात लिख दी। इसके बाद 400 निवासियों के हस्ताक्षर के साथ 500 पेज का शिकायत पत्र फोटो के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया। इसके बाद अब कार्रवाई शुरू हुई है। हैरानी की बात यह है कि अभी तक इस टॉवर को अक्यूपेशन सार्टिफिकेट तक नहीं लिया गया है। व्यवसायिक गतिविधियां पहले से संचालन शुरू करा दिया है। प्राधिकरण ने मामले पर अब संज्ञान लेकर बिल्डर को 15 दिनों के भीतर जिम संबंधी वाणिज्य गतिविधि को बंद कर साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है।