Noida news : डीजे जेनसेट से चुराते थे महंगी डिवाइस, 7 गिरफ्तार
Greater Noida Crime News: Two arrested for theft in Paramount Society, jewelry worth lakhs recovered
भारत
चेतना मंच
15 Dec 2022 06:34 PM
Noida news : डीजे जेनसेट से महंगी डिवाइस चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर चोर गिरोह के 7 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की 15 डिवाइस बरामद हुई हैं जिनकी बाजार में कीमत करीब 45 लाख रुपये है। एडीसीपी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि करीब 20 दिन पूर्व सेक्टर-126 की एक आईटी कंपनी के डीजे जेनसेट से चोर कीमती डिवाइस को चोरी कर ले गए थे। इस संबंध में थाना सेक्टर-126 में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इस मामले का खुलासा करने के लिए थाना सेक्टर-126 प्रभारी सत्येंद्र कुमार व थाना सेक्टर-39 की टीम लगी हुई थी।
Noida news :
टीम ने मुखबिर की सूचना पर पुस्ता रोड से स्विफ्ट डिजायर कार सवार मनीष उर्फ वाहिद, हरीश, दीपक, जाकिर, बिलाल, संजय कुमार व सच्चिदानंद गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से डीजे जेनसेट की 15 डिवाइस बरामद की हैं। इसके अलावा इनके पास से तमंचा कारतूस व चोरी में प्रयुक्त होने वाला अन्य सामान बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपियों ने थाना सेक्टर 126 क्षेत्र के अलावा थाना बिसरख, फेस वन, नॉलेज पार्क, सूरजपुर, थाना सेक्टर-49, थाना सेक्टर-58 में बड़े-बड़े जेनसेट से डिवाइस चोरी करने की घटनाओं को अंजाम दिया है। पकड़े गए आरोपी दिन में रैकी करते थे और जिन कंपनियों में बड़े-बड़े जेनसेट लगे होते हैं उनको चिन्हित कर रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पकड़े गए आरोपियों ने ने बताया कि जेनसेट से चोरी की गई डिवाइस की बाजार में उन्हें अच्छी कीमत मिलती थी। इसलिए वह केवल डिवाइस को ही निशाना बनाते थे। महज कुछ मिनटों में ही डिवाइस को जेनसेट से खोलकर वह रफूचक्कर हो जाते थे। पकड़े गए चोरों ने अलग-अलग स्थानों से जेनसेट से डिवाइस चोरी करने की दर्जनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
चोरी में कैब का करते थे इस्तेमाल
पुलिस से बचने के लिए गिरोह के सदस्य रात्रि में अधिकतर कैब में चलते थे। कैब चालक को भी इनके गोरखधंधे की पूरी जानकारी थी और वह भी प्रति चोरी की घटना में इनसे किराए के रूप में 10 हजार रुपये वसूलता था।
एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में जाकिर कैब चालक है और वह गिरोह के सदस्यों को चोरी की घटना के लिए अपनी कैब उपलब्ध कराता था। आरोपियों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह कैब से इसलिए चलते थे क्योंकि अक्सर पुलिस टैक्सी नंबर की गाड़ी को चेकिंग के लिए नहीं रोकती है। प्राइवेट गाड़ी में चेकिंग होने व पकड़े जाने का खतरा रहता था, इसलिए वह प्राइवेट गाड़ी की बजाय कैब से चलते थे।