Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सक्रिय वरिष्ठ अधिवक्ता रामशरण नागर एडवोकेट की मेहनत रंग लाई है। रामशरण नागर एडवोकेट की अपील पर नोएडा (गौतमबुद्धनगर) के जिला न्यायालय ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जिला न्यायालय ने यह आदेश समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मामले में दिया है। इस मामले में सोशल मीडिया में बेहद आपत्तिजनक पोस्ट डालकर सपा अध्यक्ष का घोर अपमान करने की कोशिश की गई थी।
जिला अदालत में दायर की गयी थी अपील
आपको बता दें कि रामशरण नागर एडवोकेट वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। श्री नागर लम्बे समय से नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सक्रिय हैं। उन्होंने गौतमबुद्धनगर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-2 (ACJM-II) के न्यायालय में एक खास अपील दायर की थी। इस खास अपील में श्री नागर ने कहा था कि कन्नौज के रहने वाले कुलदीप दुबे नामक व्यक्ति ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विरूद्ध बेहद आपत्तिजनक पोस्टम सोशल मीडिया पर डाली है। श्री नागर ने पोस्ट में वर्णित शब्दों का जिक्र भी अपील में किया है। जिन शब्दों का प्रयोग पोस्ट में किया गया है उन शब्दों को हम यहां प्रकाशित नहीं कर सकते। वें शब्द बेहद गंदे शब्द हैं। रामशरण नागर एडवोकेट ने अपनी अपील में अनेक तथ्य देते हुए इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करने के निर्देश देने की अपील न्यायालय से की। उन्होंने यह भी बताया कि लगातार प्रयास करने के बावजूद नोएडा पुलिस ने उनकी FIR दर्ज नहीं की है।
कोर्ट ने माना कि मामला बड़ा है, दिए FIR के आदेश
नोएडा (गौतमबुद्धनगर) के जिला न्यायालय ने इस मामले को गंभीर मामला माना है। कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि नोएडा कमिश्ररी पुलिस का ग्रेटर नोएडा में स्थित थाना बीटा-2 इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करे। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी लिखा है कि नोएडा पुलिस इस मामले को सीमा विवाद से ना जोड़े। पुलिस यदि उचित समझती है तो FIR को जीरो नम्बर पर दर्ज करके संबंधित जिले के थाने से जांच सुनिश्चित कराई जा सकती है। रामशरण नागर एडवोकेट के इस प्रयास के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें धन्यवाद दिया है।