
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 10 सितंबर को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “हॉस्टल में चली गोली, मैनेजमेंट के छात्र की मौत, दोस्त गंभीर” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के आरसीआई विद्या विहार हॉस्टल में सिर में गोली लगने से पीजीडीएम के एक छात्र की मौत हो गई जबकि दोस्त भी सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल है। उसका नॉलेज कैलाश अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने मौके से लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद की है जो लखनऊ में तैनात रहे डिप्टी एसपी सुरेंद्र सिंह की है। वे 31 अगस्त को ही रिटायर हुए हैं। वहीं, ग्रेनो के एडीसीपी का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला बंद कमरे में आपसी विवाद में गोली मारने और आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, भगवान टॉकीज, आगरा निवासी सुरेंद्र सिंह का बेटा देवांश चौहान (22) नॉलेज पार्क-2 स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) कॉलेज में पीजीडीएम प्रथम वर्ष का छात्र है। वह कैंपस से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित कॉलेज के ही आरसीआई विद्या विहार हॉस्टल के प्रथम तल पर कमरा नंबर 127 में रहता है। उसके साथ चिलकुलरी, आंध्र प्रदेश निवासी दीपक कुमार (22) भी रहता था। सभी छात्रों के हॉस्टल से कॉलेज जाने के बाद सुरक्षा गार्ड की ओर से हॉस्टल कक्ष के अंदर और बाहर लगी लाइट को नियमित बंद कर दिया जाता है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जब सुरक्षा गार्ड सतवीर लाइट बंद करने के लिए गया तो एक कमरे से गोली चलने और कराहने की आवाज सुनाई दी। उसने तुरंत ही हॉस्टल के वार्डन को सूचना दी तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। इस बीच हॉस्टल वार्डन छात्रों के कमरे के पास पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। वार्डन ने सीढ़ी के सहारे पीछे की तरफ से बालकनी में पहुंचकर शीशा तोड़कर दरवाजा खोला। अंदर दोनों छात्र खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। दीपक की मौत हो चुकी थी जबकि देवांश की सांस चल रही थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे एंबुलेंस की मदद से कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया जहां से उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों ने देवांश की हालत गंभीर बताई है। दोपहर में सुरेंद्र को मामले की सूचना मिली तो वे तुरंत ग्रेटर नोएडा पहुंच गए।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “दूसरे दिन भी जारी रही वकीलों की हड़ताल” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि तहसील दादरी के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को ग्रेनो वेस्ट (किसान चौक) स्थानांतरित किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस मामले को लेकर बार एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। वकीलों ने प्रशासन से फैसले को वापस लेने की मांग की है। मंगलवार को बार एसोसिएशन कार्यालय पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महिपाल भाटी की अगुवाई में अधिवक्ता एकत्र हुए और जोरदार नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने मांग की कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को वर्तमान स्थान से न हटाया जाए। दादरी तहसील परिसर में ही चलाई जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर कार्यालय को ग्रेनो वेस्ट शिफ्ट किया गया तो स्थानीय लोगों और वकीलों को भारी असुविधा होगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। इस अवसर पर विकेंद्र भाटी, राजपाल नागर, बृजपाल भाटी, सतवीर सिंह, मणींद्र मोहन शर्मा, विक्रांत शर्मा, सुनील गौतम, एहसान अली, मनोज भाटी, राजकुमार आर्य समेत कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।
Hindi News:
अमर उजाला ने 10 सितंबर 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “पार्क में दंपती को कुत्तों ने घेरा, भागकर बचाई जान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी वन के दादा-दादी पार्क में सोमवार रात पालतू कुत्तों ने दंपती पर हमला कर दिया। आरोप है कि कुत्तों के मालिकों ने भी बचाव नहीं किया। किसी तरह भागकर दंपती ने जान बचाई। सुरक्षाकर्मी भी डर के कारण अंदर नहीं गया। लोगों ने बिल्डर से इसकी शिकायत की और पट्टे के साथ ही कुत्तों को अंदर प्रवेश देने का नियम बनाने की मांग की है।
निवासियों ने बताया कि साया जिओन सोसाइटी निवासी दंपती सोमवार रात करीब 9 बजे दादा-दादी पार्क में टहल रहे थे। तभी पार्क में घूम रहे 10 से अधिक पालतू कुत्तों ने उन्हें घेर लिया और काटने का प्रयास किया। उनके मालिक भी वहीं घूम रहे थे, लेकिन किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। कुत्तों को पार्क में खुला छोड़ दिया गया। किसी तरह दंपती ने भागकर जान बचाई। आरोप है कि घटना के बाद से दंपती मानसिक तनाव में हैं। वहीं, पार्क के गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात था लेकिन कुत्तों के डर के कारण वो भी अंदर नहीं आया। लोगों का आरोप है कि रोजाना कुत्तों को पार्क में लाकर खुला छोड़ दिया जाता है। ऐसे में महिला, बुजुर्ग और बच्चे पार्क में जाने से डरते हैं। कुत्तों के मालिकों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पार्क में पालतू कुत्तों को ले जाने के संबंध में नियम बनने चाहिए। बिना पट्टे के कुत्तों को पार्क में प्रवेश नहीं दिया जाए। लोगों ने बिल्डर से तत्काल समस्या का समाधान करने की मांग की है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 10 सितंबर 2025 का प्रमुख समाचार “चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माण में खराब निर्माण सामग्री का उपयोग, भुगतान रोकने के आदेश” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि दिल्ली-नोएडा को जोड़ने के लिए बना रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड के निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवार खड़े कर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डा. लोकेश एम ने नाराजगी जताते हुए भुगतान रोकने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि सेतु निगम द्वारा 892 करोड़ की लागत से तैयार किए जा रहे एलिवेटेड रोड प्रयोग होने वाली सामग्री की मिक्स डिजाइन ही आइआइटी या श्रीराम जैसी प्रयोगशाला से टेस्ट नहीं कराया है। अधिकारियों से पीडब्ल्यूडी के सचिव को पत्र लिखकर सेतु निगम अधिकारियों की करगुजारियों से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सेतु निगम महाप्रबंधक को स्पष्ट कहा है कि निर्माण की गुणवत्ता पिछले दिनों प्राधिकरण सीईओ डा. लोकेश एम ने सिविल विभाग अधिकारियों के साथ चिल्ला एलिवेटेड रोड के निर्माण साइट का निरीक्षण किया। जानकारी मिली कि मिक्स डिजाइन को सेतु निगम ने एनबीसीएल से पास कराया है। इस पर सीईओ ने एतराज जताया। निर्माण सामग्री में रणतुंगा नामक कंपनी सरिया का इस्तेमाल पाया। जबकि सेल व जिंदल की सरिया का इस्तेमाल होना चाहिए था। पाइलिंग में जंग लगी सरिया का इस्तेमाल देखा गया। इससे पुल गिरने की संभावना जता नाराजगी प्रकट कर तत्काल प्रभाव से काम बंद करने को कहा, लेकिन काम बंद नहीं किया गया, आश्वासन दिया कि जल्द ही इसमें बदलाव किया जाएगा।
नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। दो दिन पहले ही एनएचएआइ की टीम के साथ सीईओ डा. लोकेश एम ने चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माण साइट का निरीक्षण किया, क्योंकि आने वाले दिनों में यमुना पुश्ता के पास से जेवर में बनने वाले एयरपोर्ट तक आने जाने के लिए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण कराना है। इस निर्माण को महामाया फ्लाईओवर के पास चिल्ला एलिवेटेड रोड से लिंक कराया जाएगा, लेकिन उन्हें फिर से चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माण में घटिया सामग्री को प्रयोग होते मिला, खामियों को देखकर वह भड़क गए। पाइलिंग के ज्वाइंट की फोटो व वीडियो ग्राफी कराई थी, कंसलटेंट कंपनी ने मौके पर समीक्षा में पाया कि एलिवेटेड की पाइलिंग में जिस स्टील का प्रयोग कंपनी कर रही है। उसकी गुणवत्ता खराब है। जबकि पाइलिंग के लिए प्राधिकरण ने किसी दूसरी स्टील के प्रयोग की बात की थी। इसे दूर करने का आश्वासन सेतु निगम अधिकारियों ने दिया था। सीईओ ने सेतु निगम के महाप्रबंधक संदीप गुप्ता को कहा कि उन्होंने यदि कार्य प्रणाली में बदलाव नहीं कराया तो प्राधिकरण से भुगतान नहीं किया जाएगा। हालांकि महाप्रबंधक संदीप गुप्ता ने प्राधिकरण से सौ करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा था।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “भंगेल सीएचसी में एआरवी के लिए भेजीं छह हजार सिरिंज” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि भंगेल स्थित सीएचसी में एंटी रेबीज वैक्सीन की सिरिंज खत्म होने पर दैनिक जागरण में प्रमुखता से प्रकाशित खबर से जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूटी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छह हजार सिरिंज का स्टाक भिजवाया। इससे जिला अस्पताल में एआरवी सेंटर पर मरीजों का दबाव कम हो गया। मरीजों को राहत मिली है। जिला अस्पताल में रेबीज की डोज के लिए सुबह आठ बजे से दोपहर ढाई बजे तक 250 मरीजों ने पंजीकरण कराया था। सभी अस्पताल के आसपास क्षेत्रों के ही लोग थे। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई। सीएमओ डा. नरेंद्र कुमार ने तुरंत संबंधित अधिकारी को बुलाकर सीएचसी पर सिरिंज का स्टाक भेजने के निर्देश दिए। दोपहर करीब 12 बजे छह हजार सिरिंज सीएचसी प्रभारी को भेज दी। चीफ फार्मासिस्ट गिरेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि सेंटर पर मंगलवार को 250 मरीजों को वैक्सीन की पहली, दूसरी और तीसरी डोज दी गई। सोमवार के मुकाबले दूसरे दिन मरीजों की संख्या कम रही। भंगेल सीएचसी में तीन सितंबर से सिरिंज खत्म हो गई थी। यहां से स्टाफ के लोग मरीजों को जिला अस्पताल भेज रहे थे। एक सप्ताह में 1800 मरीजों ने सेंटर पर डोज लगवाई है।
Noida News: