नोएडा न्यूज, 17 फरवरी के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 04:13 PM
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 17 फरवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “नोएडा में लग्जरी फ्लैटों की बढ़ी मांग, 18% तक महंगे हुए, दिल्ली के साथ नोएडा भी महंगे घरों की श्रेणी में अव्वल, आसपास के क्षेत्रों में भी बढ़ी कीमतें” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि इंटरनेशनल प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी हालिया जारी रिपोर्ट में नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी फ्लैटों की कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की बात सामने आई है। नोएडा में भी करीब 15-18 प्रतिशत तक फ्लैटों के महंगे होने का दावा किया गया। डेवलपर्स की मानें तो लग्जरी फ्लैटों की मांग ज्यादा और पूर्ति कम होने की वजह से कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मजबूत आर्थिक माहौल, हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स की बढ़ती संख्या और लाइफस्टाइल अपग्रेड करने की प्रवृत्ति से प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने का दावा किया गया। खासतौर पर लग्जरी सेगमेंट में घर खरीदारों की रुचि बढ़ी है, जिससे इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं।
वहीं, दूसरी ओर नोएडा के रियल एस्टेट डेवलपर्स कीमतों के बढ़ने की दूसरी अन्य वजहें भी बता रहें हैं। क्रेडाई नेशनल के चेयरमैन मनोज गौड़ ने बताया, यहां 12 महीने के बदले केवल 9-10 महीने ही काम होता है। बीच में पर्यावरण संबंधी बाधाओं, ग्रेप की वजह से दो-तीन महीने काम बंद ही रहता है। हालांकि कंपनी के निर्माण का कॉस्ट करीब-करीब उतना ही रहता है। ऐसे में फ्लैट की कीमत बढ़ जाती है। इसी तरह से यहां का टैक्स दर, लेबर कॉस्ट समेत ज्यादा देना होता है। इसके अलावा निर्माण की लागत भी ज्यादा आती हैं। इसके अलावा यहां लग्जरी सेगमेंट के फ्लैटों की परियोजना कम संख्या में है। ऐसे में डिमांड ज्यादा होने पर कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। वहीं काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का कहना है, रियल एस्टेट बाजार में यह वृद्धि दर्शाती है कि लोग अब सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी मकानों की मांग में वृद्धि ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
सीआरसी ग्रुप के डायरेक्टर (मार्केटिंग और बिजनेस मैनेजमेंट) सलिल कुमार कहते हैं कि लोग अब अपने समृद्ध जीवनशैली के अनुसार घर खरीदना चाहते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि यह रुझान आने वाले महीनों में भी जारी रहेगा। यह वृद्धि सिर्फ आर्थिक ट्रेंड नहीं बल्कि एक जीवनशैली का संकेत है। एस्कॉन इंफ्रा रियल्टर्स के एमडी नीरज शर्मा का कहना है, लग्जरी मकानों की बिक्री में आई तेजी दर्शाती है कि अमीर वर्ग अपने निवेश को सुरक्षित और आकर्षक प्रॉपर्टीज की ओर मुड़ रहा है। यह ट्रेंड आने वाले समय में भी जारी रहने की उम्मीद है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “शिक्षण संस्थानों के पास बनेंगे हेलमेट जोन” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने नया प्लान लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब कॉलेज व विश्वविद्यालयों के आस-पास के सभी क्षेत्रों को हेलमेट जोन बनाया जाएगा। यहीं नहीं अगर चालक इन नियमों का पालन नहीं करेंगे तो उनपर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए शासन से आदेश मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। शुरुआत में ट्रैफिक पुलिस केवल जागरुकता अभियान चलाएगी। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती कर कार्रवाई होगी।
डीसीपी ट्रैफिक लखन सिंह यादव ने बताया, प्रथम चरण में विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर और कॉलेजों के प्रिंसिपल से मुलाकात की जाएगी। उन्हें इस संबंध में नियमों का पालन कराने के लिए आग्रह किया जाएगा। संस्थानों के गेट पर खड़े सुरक्षाकर्मियों के माध्यम से उन लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी जो बिना हेलमेट के ही प्रवेश कर रहे हैं। वहीं संस्थान छोड़ते वक्त भी किसी को बिना हेलमेट लगाए वापस नहीं जाने दिया जाएगा। ऐसे में लोगों के अंदर हेलमेट लगाने की प्रवृति भी बढ़ेगी। ट्रैफिक पुलिस अगले सप्ताह से इस काम में लग जाएगी और इन शैक्षणिक संस्थानों में जाना शुरू कर देगी। जाहिर है कि इन शैक्षणिक संस्थानों में एक बड़ी संख्या में युवा वर्ग पढ़ते हैं। ऐसे में इन जगहों पर नियम टूटने की अधिक संभावना रहती है। इस वजह से ट्रैफिक पुलिस इन जगहों से शुरूआत कर रही है। इसे लेकर शनिवार को परिवहन आयुक्त ने भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह व्यवस्था लागू होने वाली है। ऐसे में अब गौतमबुद्धनगर में भी बड़े स्तर पर लागू की जानी चाहिए।
Hindi News:
अमर उजाला ने 17 फरवरी 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “10 स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने की तैयारी, सभी स्कूलों पर खर्च होंगे 1.30 करोड़ रुपये” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जेवर ब्लॉक के परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास से लेकर निपुण लैब तक की सुविधा छात्रों को जल्द मिलने वाली है। बेसिक शिक्षा विभाग और सीएसआर के सहयोग से 10 कंपोजिट स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जाएगा। दो स्कूलों में कक्षा तीन से आठ तक की कक्षाओं में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। इसके साथ ही कई अन्य सुविधाएं विकसित होंगी। 10 स्कूलों पर करीब 1.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प करने के लिए कई कंपनियां आगे आई हैं। इससे पहले जेवर में कोई भी कंपनी सीएसआर से कोई कार्य कराने के लिए राजी नहीं होती थी। कंपनियों की ओर से बिसरख और दादरी ब्लॉक को ही चुना था। डीसी निर्माण अविनाश सिंह ने बताया कि जेवर ब्लॉक के 10 कंपोजिट स्कूल में बाला क्लास, निपुण लैब, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और स्मार्ट टीवी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कार्य आसोटिका शैक्षिक अनुसंधान केंद्र सीएसआर की मदद से कराएं जाएंगे। जेवर के 10 स्कूलों के करीब चार हजार से अधिक छात्रों को इसका फायदा होगा।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 17 फरवरी 2025 का प्रमुख समाचार “होलिडे पैकेज के नाम पर दंपति से 1.40 लाख ठगे” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर 6 सेक्टर 63 थाना क्षेत्र में चल रही कंट्री हालिडे इन सूट्स के निदेशक समेत चार पर ग्रेटर नोएडा के एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया है। होलिडे पैकेज के नाम पर 1.40 लाख रुपये हड़पने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
ग्रेटर नोएडा ची चार स्थित एटीएस ग्रीन पेराडिजो सोसायटी के सौरभतलवाडिया ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ 2018 में गाजियाबाद के एडीएम माल में घूमने गए थे। वहां पर कंट्री हालिडे इन सूटस के प्रतिनिधि ने व्यक्तिगत जानकारी लेकर लगी ड्रा निकलना बताया था। उसके बाद गाजियाबाद कौशांबी के रेडिसन ब्लू होटल में बुलाया था। करीब 45 मिनट की मिटिंग में कंपनी समेत ट्रैवलिंग के कई आफर से अवगत कराया था। आरोपितों के झांसे में आकर पीड़ित दंपती ने 1.40 लाख रुपये का प्लान बुक किया था। उसमें हर साल छह रात और सात दिन की होटल बुकिंग, ढेर सारी सुविधाएं व मुफ्त सेवाओं की सर्विस देने का वादा किया था। आरोपितों ने 12 किस्त की बात कड़कर एक बार में ही क्रेडिट कार्ड से पूरी धनराशि काट ली थी। पीड़ित ने कई बार घूमने का मन बनाया तो आरोपित हर बार उस लोकेशन पर कंपनी का कोई होटल नहीं होने की बात कहकर टरका देते थे। इससे पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का शक हुआ। पीड़ित ने कंपनी के कार्यालय जाकर शिकायत की। आरोप है कि कार्यालय से बाउंसरों ने भगा दिया और धमकी दी। पीड़ित ने कंपनी के निदेशक और सीइओ विशाल कुमार राय से पैसा वापस करने की मांग की लेकिन आरोपितों ने कोई पैसा नहीं लौटाया। एसीपी राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि तहरीर के आधार पर कंपनी, विशाल, दीपक, राहुल पर केस दर्ज है।
दैनिक जागरण के 17 फरवरी 2025 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “मानकों की अनदेखी छिपाने के लिए लिफ्ट पंजीकरण में बरती जा रही है कोताही” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा पांच साल के लंबे संघर्ष के बाद लिफ्ट एंड एस्कलेटर विधेयक 2024 फरवर 2024 में लागू हुआ। उम्मीद थी कि एनसीआर क्षेत्र में बहुमंजिला इमारतो में रहने वालों के जीवन की सुरक्षा के लिए लिफ्ट एक्ट मील का पत्थर साबित होगा। एक्ट लागू होने के बाद प्रशासनिक स्तर से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू है, पर अभी मात्र 100 का पंजीकरण हुआ है। वहीं, जिले में बहुमंजिला इमारतें लगभग 600 हैं। इसमें करीब 10 लाख लोग रहते हैं। व्यावसायिक भवन व कार्यालय भी हैं। आए दिन किसी न किसी सोसायटी में लोग लिफ्ट गिरने या फिर अटकने की घटना सामने आती है, पर बिल्डर या फिर अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) लिफ्ट पंजीकरण को लेकर बेफिक्र हैं। लिफ्ट का रखरखाव करने वाली एजेंसी आदेशों का अनुपालन नहीं कर रही। लिफ्ट पंजीकरण के लिए प्रशासन ने 31 मार्च तक का समय तय किया है। बहुमंजिला इमारतों में रह रहे लोगों की इस समस्या का समाधान हो, दैनिक जागरण ने समाचारीय अभियान शुरू किया है। उद्देश्य है कि लोगों की बात प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके। लिफ्ट पंजीकरण कराने में हीलाहवाली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। पेश है ग्रेटर नोएडा से अजब सिंह भाटी की रिपोर्ट.. मानकों की अनदेखी पंजीकरण के लिए पड़ रही भारी: बिल्डरों ने परियोजना में निर्माण सामग्री से लेकर लिफ्ट लगाने में नियमों की धज्जियां उड़ाई है। क्षमता की अनदेखी कर लिफ्ट लगाई गई है। यहीं वजह है कि आए दिन लिफ्ट हादसे सामने आते हैं। लिफ्ट संचालन के खर्च में कटौती के लिए प्रमाणीकरण व रखरखाव की अनदेखी की है। लिफ्ट एक्ट न होने से बिल्डरों की इस करतूत पर आसानी से पर्दा पड़ गया, पर एक्ट लागू होने के बाद मानकों की यही अनदेखी अब बिल्डरों के गले की हड्डी बन गई है। लिफ्ट आडिट के बाद सामने आने वाली खामियों के डर से पंजीकरण कराने में बिल्डर कोताही बरत रहे हैं। वहीं पंजीकरण की धीमी रफ्तार के बावजूद जिला प्रशासन के ढीले रूख से लोगों में रोष बढ़ रहा है।
दैनिक जागरण के 17 फरवरी के अंक में “नोएडा एयरपोर्ट पर सीएनजी संग आइजीएल देगी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की सुविधा” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा एयरपोर्ट पर आइजीएक अपने दोनों स्टेशनों पर गैस सं इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिन सुविधा भी देगा। उसने अपने दोन स्टेशनों पर पहले से ही प्लानिंग कर काम शुरू करा दिया है। गैस डालने मे प्रेशर बाधा न बने इसके लिए आइजीएल की यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे डाली पाइपलाइन से एयरपोर्ट के दोनों स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। कंपनी ने एग्रीमेंट होने संग एयरपोर्ट पर दो स्टेशन स्थापित करने व पाइपलाइन डालने का काम शुरू है। 'आइजीएल प्रवक्ता ने बताया कि एयरपोर्ट पर सीएनजी स्टेशन व ईवी चार्जिंग पाइंट पर आईजीएल की तरफ से काम शुरू है। सीएनजी स्टेशनों का काम मई तक पूरा हो जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड व यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. के बीच दो सीएनजी स्टेशनों को स्थापित करने को पिछले दिनों करार हुआ था। आइजीएल ने बताया कि एयरपोर्ट पर पश्चिमी साइड पर एंट्री पास बनने वाले स्टेशन की 33,600 किग्रा प्रतिदिन व एयरसाइड पर बनने वाला स्टेशन 16,800 किग्रा प्रतिदिन की क्षमता के स्थापित हो रहे हैं। एंट्री गेट के पास वाले स्टेशन पर एक बार में 16 वाहनों में गैस रिफिलिंग हो 'सकेगी। वहीं एयरसाइड स्टेशन से आठ वाहनों में एक साथ रिफिलिंग की जा सकती है। यात्रियों के लिए रेस्ट रूम की सुविधा भी होगी। एयरपोर्ट पर नहीं होगी कम प्रेशर की समस्या : आइजीएल एयरपोर्ट पर बनने वाले अपने दोनों सीएनजी स्टेशनों के पर गैस की आपूर्ति सीधे पाइपलाइन से करेगा, क्योंकि कंटेनर से गैस आपूर्ति करने में गैस खत्म होने और लो प्रेशर का लोगो को सामना करना पड़ता है। एयरपोर्ट के अंदर व बाहर दोनों ही जगह पर कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। एयरपोर्ट परिसर में टर्मिनल बिल्डिंग, किचन और अन्य प्रष्ठिानों के अलावा सीआईएसएफ और पुलिस के अन्य केंद्रों पर पीएनजी गैस उपलब्ध कराने के लिए 24 किमी पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा। इससे जहां भी पीएनजी गैस की आवश्यकता है, वहां उपलब्ध कराई जा सके।