
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 27 जनवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “जमीन का पेंच हल, फरीदाबाद व ग्रेनो के बीच जाना होगा आसान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद का रास्ता जल्द आसान होगा। मंझावली पुल को जोड़ने वाली सड़क के लिए जमीन की बाधा दूर हो गई है। जिला प्रशासन और किसानों के बीच जमीन की मुआवजा दर को लेकर सहमति बन गई है। प्रशासन जल्द ही किसानों को जमीन का मुआवजा वितरण कर जमीन पर कब्जा लेगा। करीब साढ़े छह हेक्टेयर जमीन के लिए किसानों को 25 करोड़ रुपये मुआवजा वितरण किया जाएगा।
फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच सीधे कनेक्टिविटी के लिए 10 साल पहले यमुना नदी पर पुल बनाकर नया मार्ग तैयार करने की योजना बनी थी। 2014 में शिलान्यास के बाद भी इसका काम गति नहीं पकड़ सका। 2018 में पुल के निर्माण के कार्य में तेजी आई। 2024 में पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया। पुल से फरीदाबाद को जोड़ने के लिए 20 किमी लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का काम हो रहा है, लेकिन गौतमबुद्ध नगर में चार किमी हिस्से में सड़क निर्माण का काम जमीन अधिग्रहण न हो पाने के कारण अटका था। अट्टा गुजरान के पास पुल को जोड़ते हुए सड़क का निर्माण होना है। किसान जमीन अधिग्रहण के लिए ग्रेटर नोएडा के समान मुआवजा की मांग कर रहे थे। प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार किसानों ने मुआवजा दर को लेकर सहमति दे दी है।
3,720 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से होगा मुआवजा वितरणः यमुना नदी के इस पार उत्तर प्रदेश की सीमा में सड़क निर्माण के लिए किसानों की 6.5 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की जाएगी। इसके लिए किसानों को 3,720 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा वितरण होगा। किसानों से सहमति के बाद बैनामे के आधार पर जमीन ली जाएगी। यानि मुआवजा राशि लेकर किसान सीधे प्रशासन को जमीन की रजिस्ट्री करेंगे। जमीन क्रय से करीब 40 किसान प्रभावित हैं। उन्हें 25 करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाएगी। बैनामे से जमीन क्रय करने की प्रक्रिया में कम समय लगेगा और सड़क निर्माण का कार्य जल्द पूरा हो सकेगा।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “कोरियर कंपनी के अगवा कर्मी की हत्या, मिला शव” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जेवर कोतवाली क्षेत्र के कुरैब गांव से तीन दिन से पहले अगवा कोरियर कंपनी के कर्मचारी मुनेंद्र उर्फ मोनी का शव रविवार को कुरैब और मुनेंद्र का फाइल बीरमपुर गांव के फोटो सौ. स्वजन बीच में सीवर टैंक से बरामद हुआ है। स्वजन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत किया। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तीन हत्यारोपितों को गिरफ्तार किया गया है। हत्यारोपितों में शामिल अंकित का गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। प्रेम प्रसंग की भनक युवती की मां को लगी। उसकी मां ने अंकित को एक थप्पड़ मारा। उसे लगा कि इसके पीछे मुनेंद्र का हाथ है। जिसके बाद उसने मुनेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बना वारदात को अंजाम दिया।
स्वजन ने पड़ोस के तीन युवकों पर अपहरण की आशंका जता पुलिस से शिकायत की थी। आरोप था कि बृहस्पतिवार शाम को गांव के ही कुछ युवकों ने काली स्कार्पियों से मुनेंद्र का अपहरण किया। रविवार सुबह पुलिस को कुरैब व बीरपुर गांव के बीच यमुना प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे नए सेक्टर के सीवर टैंक में युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। शव निकालने के दौरान सीवर को तोड़ना पड़ा। स्वजन संग ग्रामीणों का भी जमावड़ा लगा। जब शव की पहचान मुनेंद्र के रूप में हुई पीड़ित स्वजन में चीत्कार मच गई। मृतक मुनेंद्र के पिता राधाचरण की शिकायत पर पुलिस ने कुरैब निवासी अंकित, जतिन व प्रिंस व आकाश के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। हत्यारोपितों को पकड़ने के लिए गठित टीम ने जहांगीरपुर के लौदोना के पास से आरोपित अंकित, जतिन व प्रिंस को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक पिस्टल व दो तमंचे के साथ कारतूस बरामद किए हैं। आरोपित आकाश अभी फरार है।
डीसीपी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि हत्यारोपित अंकित, जतिन व प्रिंस कार में बिठाकर मुनेंद्र को मेरठ ले गए थे। तब तक मुनेंद्र को अपने अपहरण की जानकारी नहीं थी। आरोपितों ने होटल पर साथ बैठकर खाना भी खाया। रात में ही कुरैब लौटने लगे, पर रास्ते में पुरानी घटना को लेकर आरोपितों ने मारपीट कर दी। गांव के समीप मुनेंद्र को कार से नीचे उतार दो गोलियां मारकर हत्या कर दी। शव की शिनाख्त न हो पाए इसके लिए चेहरे पर गोलियां मारी थीं। शव को गहरे सीवर टैंक में फेंक दिया था। अपहरण करने के बाद हत्यारोपित पूरी रात घूमते रहे। उन्होंने चार जिलों की सीमाएं पार की। वापस लौटते हुए हत्यारोपितों ने अपहरण स्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूरी पर हत्या की। शव को ठिकाने लगाने के बाद तीनों सुबह पांच बजे गांव पहुंच गए। गांव में मुनेंद्र के गायब होने की लोग चर्चा कर रहे थे तो तीनों आरोपित के घर तक गए। पीड़ित स्वजन को आश्वासन देते हुए कहा था कि कहीं चला गया होगा। एक दो दिन में लौट आएगा। स्वजन युवक को तलाश करते हुए दयानतपुर रजवाहे तक पहुंचे जहां एक ग्रामीण ने काली स्कार्पियों से अपहरण और आरोपितों की पहचान बताने पर तीनों आरोपित गांव से फरार हो गए थे। थप्पड़ का बदला लेने के लिए की हत्या: पुलिस का दावा है कि मेरठ से लौटते वक्त प्रेम संबंधों के विवाद में कहासुनी हुई थी। ग्रामीणों की मानें तो मुनेंद्र के युवती की मां से संबंध थे, जबकि अंकित का उसी की बेटी से प्रेम प्रसंग था। इसका मुनेंद्र विरोध करता था। कुछ दिन पहले मुनेंद्र व आरोपितों के बीच मारपीट भी हुई थी।
Hindi News:
अमर उजाला ने 27 जनवरी 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “फैक्ट्री में लगी आग, कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि कासना कोतवाली क्षेत्र के साइट-5 स्थित फैक्ट्री में रविवार देर शाम अचानक आग लग गई। थोड़ी देर में ही आग ने फैक्ट्री को अपने आगोश में ले लिया। सूचना पर पुलिस के साथ दमकल विभाग की टीम भी पहुंच गई। दमकल की सात गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिसकर्मियों ने सजगता दिखाते हुए फैक्ट्री के समीप लगने वाले साप्ताहिक बाजार को खाली कराया। कासना कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आग पर काबू पा लिया है। किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। कोतवाली क्षेत्र के साइट पांच स्थित जे 88 में रेपर छपने की फैक्ट्री है। पुलिस के मुताबिक उन्हें पौने सात बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस टीम के पहुंचने के साथ ही सूचना दमकल विभाग को दी। पुलिस के मुताबिक आग शार्ट सर्किट होने की वजह से लगी थी।
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