
Noida News: नोएडा, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक और शहरी केंद्र है, जिसकी गतिविधियां हमेशा चर्चा में रहती हैं। यहां की ताजा खबरों, विकास परियोजनाओं और जनजीवन से जुड़ी हर अहम जानकारी को हम विभिन्न विश्वसनीय समाचार स्रोतों के माध्यम से आप तक पहुंचाते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 27 मई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “नोएडा में एक बार फिर कोरोना ने दी दस्तक, छह महिलाएं समेत 9 नए मरीज मिले” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिले में कोरोना संक्रमण के मामले दोबारा सिर उठाने लगे हैं। बीते दिन छह महिलाओं समेत कुल 9 लोगों की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। सभी संक्रमितों की जांच निजी लैब में हुई और वर्तमान में ये होम आइसोलेशन में हैं। स्वास्थ्य विभाग इनसे संपर्क कर ट्रैवल हिस्ट्री और परिजनों की जानकारी एकत्र कर रहा है।
पॉजिटिव मिले मरीजों में अधिकतर एक मरीज की उम्र 71 वर्ष है। इनमें से अधिकतर मरीज बिसरख ब्लॉक के हैं और सोसाइटी निवासी हैं। एसीएमओ डॉ. टीकम सिंह ने बताया कि निजी अस्पतालों की रिपोर्ट के आधार पर कोविड की पुष्टि हुई है। पहले मरीज का सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भी भेजा जा रहा है। जांच के लिए किट और रिएजेंट मंगाए गए हैं। जो किट उपलब्ध थीं उन्हें जिला अस्पताल को दिया गया है ताकि संदिग्ध मरीजों की जांच शुरू की जा सके। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। सभी डॉक्टरों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उसी के अनुसार काम किया जा रहा है। इलाज के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोविड के संबंधित जानकारी लेने के लिए लोग 8766367005 पर कॉल कर सकते हैं।
जिला हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अमित कुमार ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अपने स्तर पर जांच सुनिश्चित करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग से जांच किट प्राप्त की जा सकती है। पहली कोविड मरीज के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भी निजी लैब से नमूना मांगा गया है। सैंपल को जांच के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल भेजा जाएगा।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “यूपी की फिल्म सिटी परियोजना को मिली रफ्तार, जून में होगा शिलान्यास” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रही है। यमुना प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-21 में प्रस्तावित इस मेगाप्रोजेक्ट का शिलान्यास जून माह में किया जाएगा। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी बेव्यू प्रोजेक्ट्स द्वारा विकसित की जा रही इस फिल्म सिटी के पहले चरण का ड्राफ्ट मास्टर प्लान सोमवार को यीडा को सौंपा गया।
इस दौरान फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने फिल्म सिटी के पहले चरण में किसी भी व्यावसायिक विकास को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हम प्राधिकरण के नियमों के अनुसार ही सभी काम करेंगे। पहले चरण में फिल्म इंस्टीट्यूट और शूटिंग सुविधाएं ही विकसित होंगी। इस परियोजना में 155 एकड़ में फिल्म सिटी और इससे जुड़ी सुविधाएं विकसित होनी है। दूसरे चरण में 75 एकड़ में व्यावसायिक गतिविधियों को जगह मिली है।
पहले चरण का काम पूरा होने के बाद ही हम दूसरे चरण में जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि हमें 230 एकड़ जमीन की ही आवंटित हुई है और इसमें 135 एकड़ फिल्मिंग सुविधाओं, 20 एकड़ फिल्म संस्थान और 75 एकड़ में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवंटित किया गया है। कुल लागत लगभग 1510 करोड़ रुपये आंकी गई है। यीडा बुनियादी ढांचागत सुविधाएं और कार्यालय निर्माण में सहयोग करेगा। बोनी कपूर ने बताया कि यहां फिल्म निर्माण की लागत विदेशों की तुलना में 50 फीसदी कम होगी। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और उद्यमियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह फिल्म सिटी मुंबई या हैदराबाद की टक्कर की नहीं, बल्कि एक नया विकल्प होगी जो युवाओं को मंच और मार्गदर्शन देगी। बोनी कपूर के अनुसार, फिल्म सिटी में विशाल टैंक और कृत्रिम पूल बनाए जाएंगे, जहां अंडरवाटर, समुद्र और सुनामी जैसे दृश्य शूट किए जा सकेंगे। इसके अलावा, संसद जैसी गैलरी भी बनेगी, जहां दर्शक खड़े होकर शूटिंग देख सकेंगे ।
Hindi News:
अमर उजाला ने 27 मई 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “कैब में सिगरेट पीने से रोका तो महिला ने की ड्राइवर से मारपीट, पुलिस से भी की बदसलूकी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नशे में धुत एक महिला ने रविवार रात कैब में सिगरेट पीने से मना करने पर न सिर्फ कैब चालक से मारपीट की, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम से भी झगड़ा और बदसलूकी की। यह घटना सेक्टर-113 थाना क्षेत्र की है। पीड़ित कैब चालक की शिकायत पर पुलिस ने महिला और उसके दो पुरुष साथियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
घटना का करीब पांच मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें आरोपी महिला पुलिसकर्मियों से बहस करती हुई दिख रही है। वीडियो में थाना प्रभारी महिला को समझाने का प्रयास कर रहे हैं पर वह मान नहीं रही है। वीडियो में आसपास से गुजर रहे दो और चार पहिया वाहन के चालक रुके हुए हैं। महिला और उसके साथी जब किसी कीमत । पर नहीं माने तो उन्हें थाने लाया गया। सेक्टर-113 थाना प्रभारी ने बताया कि । रविवार रात में एक महिला ने कैब बुक की। कैब सेक्टर-113 जाने के लिए बुक की गई थी। बुकिंग के आधार पर कैब चालक ने महिला को कैब में बैठा लिया। महिला के साथ उसके दो पुरुष मित्र अमर तथा आयुष भी बैठ गए। कैब चालक का कहना है कि तीनों ने ही सीमा से ज्यादा शराब पी रखी थी। कैब में बैठकर तीनों सिगरेट पीने लगे। जब कैब चालक ने सिगरेट पीने से मना किया तो तीनों ने कैब चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी। कैब चालक ने इस घटना की सूचना नोएडा पुलिस को दी। नोएडा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई।
मौके पर पुलिसकर्मियों द्वारा महिला और उसके साथियों को काफी समझाया गया। कैब चालक की लिखित तहरीर के आधार पर थाना सेक्टर-113 नोएडा पर महिला और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कार्रवाई तीनों का मेडिकल कराने के बाद हुई।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 27 मई 2025 का प्रमुख समाचार “नोएडा मेट्रो परियोजनाएं अटकीं, शीर्ष पदों पर नियुक्ति का इंतजार” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटो डिपो से बोड़ाकी मेट्रो स्टेशन तक विस्तार सहित कई अहम मेट्रो परियोजनाओं पर काम तेज होने की उम्मीद की जा रही है, लेकिन नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) को अभी भी तीन शीर्ष पदों पर नियुक्तियों का इंतजार है। इस देरी के चलते आगामी प्रोजेक्टों के क्रियान्वयन में बाधाएं उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। नोएडा मेट्रो में परियोजना निदेशक के दो और वित्त निदेशक का एक पद करीब दो साल से खाली हैं और हैरानी की बात है कि इन अहम पदों को भरने के लिए इंटरव्यू भी हो चुके हैं और चयनित अफसरों के नामों की सिफारिश भी कर दी गई है, लेकिन सबसे जरूरी नियुक्ति पत्र ही जारी नहीं किए जा सके हैं।
सूत्रों के अनुसार ये नियुक्ति पत्र नोएडा मेट्रो के प्रबंध निदेशक को जारी करने हैं, लेकिन उनकी ओर से अभी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। नियुक्ति के लिए साक्षात्कार पिछले साल जुलाई में हुए थे, जिसके बाद चयन समिति ने नामों की सिफारिश भी कर दी थी। चयन के बाद नियुक्ति में देरी के कारण सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि समिति का कार्यकाल आगामी जुलाई में समाप्त हो जाएगा। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार नियुक्ति में देरी से प्रोजेक्टों पर असर पड़ सकता है। अब तक यह काम हो जाना चाहिए था। नियुक्तियों में क्यों देरी हो रही है, इस बारे में एनएमआरसी प्रवक्ता निशा वधावन से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। महाप्रबंधक (एचआर) अनुपमा से प्रकरण पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि चयन हुआ है, लेकिन किन-किन लोगों का हुआ है और नियुक्ति पत्र क्यों नहीं जारी हुए, इसकी जानकारी नहीं है। सूत्र बताते हैं कि वर्तमान में एनएमआरसी कार्यालय पर महाप्रबंधक (तकनीकी) के पास परियोजना व आपरेशनल का अतिरिक्त चार्ज है, जबकि महाप्रबंधक (एचआर) को वित्त का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “पायलट प्रोजेक्ट में धड़ाम हो गई मिस्ट स्प्रे परियोजना” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्राधिकरण के जल विभाग की ओर से वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए मिस्ट स्प्रे परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लांच किया गया, लेकिन परियोजना का खास असर वायु प्रदूषण रोकथाम पर नहीं पड़ा। ऐसे में सीईओ डा. लोकेश एम ने महाप्रबंधक (जल) आरपी सिंह को परियोजना पर काम करने से मना कर दिया। कहा कि कोई अन्य तकनीकी पर काम किया जाएगा, इसका खास असर वायु प्रदूषण की रोकथाम पर नहीं पड़ा है।
बता दें कि शहर में वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) यानी धूल के कण को कम करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने दादरी सूरजपुर छलेरा (डीएससी) रोड पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इसके तहत 700 मीटर के स्ट्रैच में 13 पोल पर मिस्ट स्प्रे लगाया गया। स्प्रे सुबह 8 से 11 और शाम को 6 से 9 बजे तक 10 मिनट के अंतराल पर चलाए जा रहे थे।
फिलहाल अब इन स्प्रे को अन्य-सड़कों पर नहीं लगाया जाएगा। इसे पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर लगाया गया है। अभी एक स्ट्रैच पर लगाया गया है। इसके बाद दूसरा स्ट्रैच लगाया जाना था। इसको लगाने में करीब 50 लाख का खर्च किए गए थे। पायलट प्रोजेक्ट में योजना प्रदूषण को कम करने में कारगर नहीं है। इसलिए प्राधिकरण अब योजना पर पैसा खर्च नहीं करेगा। साथ ही अन्य मुख्य सड़कों पर इसे नहीं लगाएगा।
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