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Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 3 फरवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “किरायेदार पर 20 जुर्माना, खाली लाख रुपये का करना होगा फ्लैट, एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट ने दिया आदेश, सेक्टर 107 स्थित ग्रेट वैल्यू शरणम सोसाइटी का मामला” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों में किरायेदार और मकान मालिक के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं। कई मामलों का निपटारा कोर्ट के माध्यम से होता है। ऐसा ही एक मामला सेक्टर 107 स्थित ग्रेट वैल्यू शरणम सोसाइटी का सामने आया है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की कोर्ट ने सोसाइटी के टावर बी में रहने वाले एक किराएदार को एक माह के अंदर फ्लैट खाली करने का आदेश दिया है। साथ ही, किरायेदार पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें वर्ष 2021 से अब तक का किराया भी है। इसकी गणना यूपी नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अधिनियम-2021 के नियमों के आधार पर की गई हैं। वहीं, अगर किराएदार फ्लैट खाली नहीं करता है तो फिर कोर्ट कार्रवाई कराएगा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा की एल्पाइन सहकारी आवास समिति सोसाइटी में रहने वाली महिला मनोरमा देवी का ग्रेट वैल्यू शरणम सोसाइटी के टावर बी में 19वीं मंजिल पर एक फ्लैट है। उन्होंने वर्ष 2019 में दिल्ली निवासी मुकेश गुप्ता को फ्लैट किराये पर दिया था। 1 मई, 2019 को दोनों के बीच 11 माह का किरायानामा हुआ था। फ्लैट का किराया 20 हजार रुपये तय था, जबकि मेंटेनेंस शुल्क अलग देना था। महिला के अधिवक्ता केके सिंह ने बताया कि 31 मार्च 2020 को किरायानामा खत्म हो गया। उसके बाद किरायानामा आगे नहीं बढ़ाया गया, लेकिन मुकेश गुप्ता ने फ्लैट खाली नहीं किया। 12 दिसंबर 2021 को किरायेदार को नोटिस जारी कर किरायेदारी समाप्त कर दी गई। उसके बाद भी किरायेदार ने फ्लैट खाली नहीं किया और किराया देना भी बंद कर दिया। परेशान होकर फ्लैट मालिक ने एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट में वाद दायर किया। कोर्ट ने आदेश दिया कि किरायेदार को एक माह के अंदर फ्लैट खाली करना होगा। साथ ही, 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। किरायेदारी समाप्त करने के नोटिस से अब तक का किराया देना होगा, जो दो से चार गुना वसूला जाएगा। अगर किराएदार फ्लैट खाली नहीं करता है तो फिर कोर्ट कार्रवाई कर कब्जा दिलाएगी।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “गौतमबुद्ध नगर समेत में यमुना नदी का डूब 17 जिलों क्षेत्र तय” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि पिछले 100 साल में यमुना नदी में आई बाढ़ किन क्षेत्रों तक पहुंची और यमुना नदी का डूब क्षेत्र क्या है, इसका निर्धारण कर दिया गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी करके नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को हलफनामा सौंपा है। इसमें 17 जिलों से गुजर रही यमुना नदी के 1056 किमी लंबे पाट के दोनों ओर के डूब क्षेत्र को शामिल किया गया है। केंद्रीय जल आयोग ने रिसर्च इंस्टीट्यूट और विशेषज्ञों की मदद से किये अध्ययन में असगरपुर से इटावा तक और शाहपुर से प्रयागराज तक यमुना नदी के डूब क्षेत्र को निर्धारित किया है। आगरा के पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता की याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यमुना नदी के डूब क्षेत्र को तय करने के लिए पिछले साल 11 सितंबर को आदेश जारी किया था। दिसंबर में केंद्रीय जल आयोग ने अध्ययन करके रिपोर्ट तैयार की। सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव ने रिपोर्ट के साथ एनजीटी में हलफनामा दाखिल किया। जिसमें डूब क्षेत्र के निर्धारण की जानकारी दी गई है। 100 साल में कई बार आई बाढ़ के आधार पर यमुना नदी के डूब क्षेत्र को तय किया गया है। नोएडा से लेकर प्रयागराज तक सरकारी विभाग एक दूसरे पर इसकी जिम्मेदारी डाल रहे थे और यमुना के किनारे अवैध निर्माण की श्रृंखला बन गई थी।
Hindi News:
अमर उजाला ने 3 फरवरी 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “जिले में बनेंगे नो हॉर्न जोन ट्रैफिक पुलिस कर रही सर्वे, लाल बत्ती पर भी हॉर्न बजाया तो होगी कार्रवाई, सात टीमें कर रहीं अध्ययन” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि यातायात पुलिस की ओर से जिले में नो हॉर्न जोन चिह्नित किए जा रहे हैं। इसके तहत ट्रैफिक पुलिस जिलेभर में जगह-जगह पर अध्ययन कर रही है। यहां पर हॉर्न बजाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करेगी। इन जोन को विभाग कई मापदंडों के आधार पर चिह्नित कर रहा है। इसमें जहां-जहां शैक्षणिक व स्वास्थ्य संस्थान होंगे उन्हें मुख्य रूप से सबसे पहले रखा जाएगा। यहां पर हॉर्न बजाना बिल्कुल ही वर्जित होगा। वहीं रेड लाइट को भी इसमें रखा जा रहा है। कई जगहों पर लाल बत्ती होने पर भी लोग हॉर्न बजाते हुए दिखाई देते हैं ऐसे में इन वाहन चालकों पर कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है। ट्रैफिक पुलिस की सात टीमें इसका अध्ययन में जुटी हैं। डीसीपी ट्रैफिक लखन सिंह यादव ने बताया कि नो हॉर्न जोन को लेकर तैयारी की जा रही है। बता दें कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आए दिन वाहन खराब होते रहते हैं। इनके खराब होने के कारण कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता है। वर्तमान स्थिति तक यातायात विभाग खराब वाहन को सड़क किनारे करवाकर जाम को खुलवा देता है। और वाहन स्वामी पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। डीसीपी लखन सिंह यादव ने बताया कि यह नियम अब से लागू कर दिया गया है। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि कई बार देखने को मिलता है कि कॉमर्शिलय वाहनों में सामान ओवरलोड होने के कारण वाहन खराब हो जाते हैं ऐसे में अब यह वाहन भी ट्रैफिक पुलिस की रडार पर होंगे।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 3 फरवरी 2025 का प्रमुख समाचार “बिल्डिंग बायलाज-2023 का अध्ययन हुआ पूरा, तीनों प्राधिकरण में होगा लागू” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि भारतीय मानक ब्यूरों (बीआइसी) की ओर से तैयार बिल्डिंग बायलाज 2023 का अध्ययन नोएडा प्राधिकरण ने पूरा कर बिल्डिंग बायलाज 2010 को संशोधित करने का निर्णय लिया है। अब इसे तीनों प्राधिकरण में लागू किया जाएगा। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण सीईओ डा. लोकेश एम जल्द ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सीईओ एनजी रवि कुमार और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण सीईओ डा. अरुणवीर सिंह के साथ बैठक करेंगे। बता दें कि नोएडा प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास के प्रशासनिक, नियोजन, परियोजना और विधि विभाग अधिकारियों की समिति का गठन कर प्रस्ताव नोएडा प्राधिकरण में तैयार किया गया था, जिस पर 12 जुलाई को नोएडा प्राधिकरण की 214वीं बोर्ड बैठक में अध्ययन करने की मंजूरी दी गई थी।
नोएडा प्राधिकरण सीईओ डा. लोकेश एम ने बताया कि नए बिल्डिंग बायलाज की जरूरत मौजूदा औद्योगिक व हाउसिंग ट्रेंड में बदलाव को देखते हुए पड़ी है। अब डेटा सेंटर, आइटी-आइटीईएस, ईवी-व्हीकल जैसे उद्योगों के लिए अलग-अलग नीतियां आ चुकी हैं लेकिन बिल्डिंग बायलाज वहीं पुराने है। ईवी की इंडस्ट्री उसी तरह से नहीं बनाई जा सकती जैसे नट बोल्ट या अन्य पुरानी इंडस्ट्री बनी हुई है। इसके साथ ही भूखंड पर निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत करने के मानक सेटबैक, ग्राउंड कवरेज, एफएआर, ग्रीन एरिया, ओपन एरिया, लैंडयूज समेत अन्य मानक भी परिभाषित हो गए हैं। भारतीय विकास ब्यूरो में बिल्डिंग बायलाज में 190 परिभाषाएं दी है। जबकि नोएडा बिल्डिंग बायलाज 66 परिभाषा दी गई है। ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट बायर्स की बहुत सी शिकायतें और समस्याएं यह रहती हैं कि बिल्डर ने सभी जरूरी सुविधाएं विकसित किए बगैर ही कब्जा दे दिया। कहीं पार्किंग अधूरी रहती है तो कहीं क्लब हाउस व फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं रहते हैं। कुछ जगह एसटीपी तक नहीं बना होता है।
दैनिक जागरण के 3 फरवरी 2025 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “रिलेशनशिप मैनेजर समेत दो पर पांच लाख गबन का मुकदमा दर्ज” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर 58 थाना क्षेत्र की सेक्टर 62 स्थित पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शाखा के सहायक प्रबंधक ने रिलेशनशिप मैनेजर समेत दो के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों पर पांच लाख रुपये गबन करने का आरोप लगाया है। सहायक प्रबंधक मनोज कुमार ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि पीएनबी मेटलाइफ आईआरडीएआई द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत जीवन बीमा कारोबार के क्षेत्र में काम कर रही है। सेक्टर 62 स्थित शाखा में महेंद्र सिंह रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे। तीन मई 2024 को कंपनी पदाधिकारियों को ग्राहक बंटी कुमार की शिकायत मिली कि उन्होंने फरवरी 2024 एफडी खोलने के लिए पीएनबी बैंक की शाखा में संपर्क किया था। महेंद्र ने धोखाधड़ी कर 4.95 लाख रुपये चेक और पांच हजार रुपये नकद देने को बोला था। कुछ दिनों बाद चेक किसी धर्मवती महिला के खाते में क्लियर हो गया। आरोपितों की जालसाजी से बंटी के साथ पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। बंटी ने बैंक अधिकारियों को अवगत कराया तो जांच में कंपनी कर्मी की भूमिका होने का पता चला। कंपनी पदाधिकारियों ने अन्य मामलों में धोखाधड़ी की आशंका जताते हुए थाना पुलिस और एसीपी से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं होने पर न्यायालय में गुहार लगाई।
दैनिक जागरण के 3 फरवरी के अंक में “युवाओं ने मिट्टी को आकार देने का सीखा हुनर, बनेंगे आत्मनिर्भर” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि गौतमबुद्ध नगर के बेरोजगार युवा मिट्टी को आकार देने का हुनर बिजनौर से सीख कर लौटे । हैं। इन युवाओं को हुनरमंद बनाने की पहल खादी ग्रामोद्योग विभाग की तरफ से की गई है। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन युवाओं को प्रमाण-पत्र व सर्टिफिकेट दिया गया है। जिस पर 10 लाख तक का बैंक से ऋण लेकर 5 अपना कारोबार शुरू कर यह ने बेरोजगार युवा आत्मनिर्भर बनकर 5 परिवार का बेहतर तरीके से भरण पोषण कर सकेंगे। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल कुमार कंणवाल के मुताबिक, शासन के निर्देशानुसार विभाग की ॥ तरफ से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाकर #आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसी के तहत माटी कौशल योजना के तहत #सात बेरोजगार युवाओं को चयनित किया गया था। जिनको पिछले सप्ताह प्रशिक्षण दिलाने के लिए बिजनौर जिले के सेंटर भेजा गया था। युवाओं का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। इन्हें विभाग की तरफ से प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र और सर्टिफिकेट दिया गया है। प्रशिक्षण केंद्र में युवाओं को मिट्टी के बर्तन बनाने की कला सिखाई गई है। इस कला के माध्यम से यह युवा मिट्टी के गमले, कुल्हाड़ समेत गृहस्थी में उपयोग किए जाने वाले अन्य बर्तन भी बना सकेंगे। खुद का कारोबार शुरू कराने के लिए इन युवाओं को विभाग बैंकों से समन्वय बनाकर सर्टिफिकेट और प्रमाण-पत्र पर 10-10 लाख रुपये तक का ऋण दिलाएगा। युवा अपने मिट्टी के बर्तन जहां चाहें बेच सकेंगे। फिलहाल विभाग की तरफ से भी मंडल स्तर पर लगने वाली प्रदर्शनी आदि स्थलों पर निश्शुल्क स्टाल उपलब्ध कराए जाएंगे। जहां पर यह अपने हाथों के हुनर से बने सामान बेच सकेंगे। बताया कि यह युवा स्वरोजगार से जुड़कर खुद तो आत्मनिर्भर बनेंगे। साथ ही स्वजन व अन्य लोगों को भी मिट्टी के बर्तन बनाना सिखा सकेंगे। इससे अन्य बेरोजगारों को भी मिट्टी के बर्तन बनाने की कला सीखकर आत्मनिर्भर बना सकेंगे।
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