Noida News: पेड़ काटे जाने से नोएडा में भारी आक्रोश
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:31 PM
Noida : नोएडा । सेक्टर-122 में ग्रीन बेल्ट के दो दर्जन हरे भरे पेड़ काट देने की घटना से सेक्टर के नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सेक्टर वासियों का आरोप है कि प्राधिकरण अफसरों के संरक्षण में मोबाइल टावर लगाने वाली कंपनी ने उनके सेक्टर की ग्रीन बेल्ट को उजाड़ दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक सेक्टर-122 के ए व सी ब्लॉक की ग्रीन बेल्ट में पहले से ही दो मोबाइल टॉवर लगे हुए थे। इन टावरों से निकलने वाले खतरनाक रेडिएशन से सेक्टर के नागरिक बेहद त्रस्त थे। अब रातोंरात सेक्टर के डी. ब्लॉक में भी टावर लगा दिया गया है। आरोप है कि इस टॉवर को लगाने के लिए 2 दर्जन से अधिक हरे पेड़ों को काटकर रात में उनकी लकड़ी तक को गायब कर दिया गया और रात में ही टॉवर भी लगा दिया गया। इस घटना से पूरे सेक्टर में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सेक्टर-122 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा ने बताया कि इस इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती रितु महेश्वरी को पत्र लिखा गया था। दुर्भाग्य से पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। सेक्टर के सभी नागरिकों को पेड़ काटे जाने, ग्रीन बेल को उजाडऩे जाने व टॉवर के कारण बच्चों व महिलाओं में फैलने वाली बीमारी की आशंकाओं को लेकर भारी आक्रोश है। यदि प्राधिकरण ने समय रहते इस टावर को यहां से नहीं हटवाया और पेड़ काटने वालों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की तो सेक्टरवासी एकजुट होकर बड़ा आंदोलन शुरू कर देंगे। फिर यदि सेक्टर वासियों का तथा नोएडा प्राधिकरण का सीधा टकराव हुआ तो उसके लिए प्राधिकरण के अफसर जिम्मेदार होंगे।
प्राधिकरण को लिखे गए पत्र पर सीमा गर्ग ,राम कुमार चौहान, अखिल बंसल, ओमवीर यादव , संजय चौहान, डी.पी. तिवारी, अनिल यादव, ब्रह्मदत्त शर्मा, धर्म सिंह चौहान,सुरेंद्र प्रताप सिंह, एस.पी शर्मा,अजय जैन, अनीता चौहान संदीप शर्मा आयुष अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, अखिल गर्ग,अजय जैन, एस.पी.जे यादव, संदीप शर्मा, आदि लोग के हस्ताक्षर हैं।भूल गए बच्चों को?
उस तारीख को बीते हुए मात्र 8 ही दिन हुए हैं जब नोएडा प्राधिकरण के अफसरों ने कहा था कि पेड़ और पौधे हमारे बच्चों की तरह होते हैं। अवैध रूप से पेड़ व पौधे काटना अपने बच्चों को काटने के समान पाप कर्म है। वह तारीख की 5 जून। जब हमने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया था। उस दिन नोएडा प्राधिकरण के अफसरों ने भी पेड़ पौधे व हरियाली को लेकर बड़ी-बड़ी बातें और दावे किए थे। अब मात्र 8 दिन बाद ही उन दावों को प्राधिकरण अफसर भूल गए हैं। यही कारण है कि 2 दर्जन पेड़ काटने के अपराधी न केवल खुलेआम घूम रहे हैं बल्कि विरोध करने वाले सेक्टर वासियों को धमका भी रहे हैं।नीति की अनदेखी!
नोएडा प्राधिकरण ने मोबाइल कंपनियों के टावर लगाने व लगवाने के लिए एक पूरी नीति बना रखी है। सेक्टर-122 के नागरिकों का आरोप है कि इस मामले में उस नीति (पॉलिसी) का पूरी तरह से उल्लंघन हुआ है। अनेक पर्यावरणविद् भी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं।