Noida News : 30 अप्रैल तक काम पूरा न हुआ तो 75 लाख का जुर्माना!
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 12:29 PM
Noida: नोएडा । नोएडा एक्सप्रेसवे पर चल रहा सड़क रिसर्फेसिंग का कार्य यदि 30 अप्रैल तक पूरा नहीं हुआ तो कार्य करने वाली कंपनी पर 75 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। यह चेतावनी नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने दी। बता दें कि इसके पूर्व भी लापरवाही बरतने व विलंब होने पर कंपनी पर 97 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। रिसर्फेसिंग का कार्य के दौरान पिछले कई दिनों से लग रहे लंबे जाम के मद्देनजर यातायात विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर दी गई है|
इसी के मद्देनजर नोएडा प्राधिकरण ने कंपनी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि रिसर्फेसिंग का कार्य सुबह 11.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक तथा रात 10.00 बजे से सुबह 6.00 बजे तक ही चलेगा इस दौरान किसी भी असुविधा तथा यातायात को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए मार्शल भी तैनाती कर दी है।
नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर रिसरफेसिंग का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 20 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे पर डेंस बिटुमिंस मैकडम (डीबीएम) का काम पूरा हो गया है। अब फाइनल टच देने के लिए 50 एमएम की स्टोन मैस्टिक एसहाल्ट (एसएमए) कोटिंग का काम शुरू कर दिया गया है, जिसे 30 अप्रैल पूरा किया जाना है। इसके बाद रिसरफेसिंग का काम पूरा हो जाएगा।
बता दें कि 20 किलोमीटर लंबे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे को हाट इन प्लेस तकनीकी के तहत रिसरफेसिंग का काम किया जा रहा था, जिसमें सड़क को उखाड़कर उसका मलबा प्लांट में ले जाकर फिर से डेंस बिटुमिन मैकडम (डीबीएम) तैयार कर परत बिछाई जा रही थी। ऐसे में पिछले कई माह से यह काम एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ किया जा रहा था। सड़क को उखाड़कर 60 एमएम तक डीबीएम को बिछाया जा रहा था। चूंकि सड़क की एक तरफ ही चौड़ाई करीब 14 मीटर है, लेकिन सड़क पर लेयर को बिछाने में सिर्फ सात मीटर ही चौड़ाई तक काम किया जा सकता था। इसलिए सड़क की रिसरफेसिंग करने में समय लग रहा था, चूंकि अब केवल सड़क पर फाइनल लेयिंग का होना है, जिससे शुरू कर दिया गया है। यह कार्य अधिकांश रूप में रात में किया जाएगा, जिससे कार्य के समय यातायात को बाधित होने से बचाया जा सके। वर्क सर्किल दस वरिष्ठ प्रबंधक केबी सिंह ने बताया कि एसएमए लेयर बिछाने के लिए निर्माण कंपनी को गाइड लाइन जारी कर दी है। इसके तहत यातायात पुलिस की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसका पालन कर ही निर्माण को पूरा किया जाना है।