Noida News : सलारपुर में 90 करोड़ की जमीन मुक्त कराई
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 03:49 AM
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RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 03:49 AM
Noida : नोएडा । अवैध कब्जों व अतिक्रमणों पर प्राधिकरण का कहर बदस्तूर जारी है। इसी कड़ी में कल प्राधिकरण की 3500 वर्गमीटर कब्जा प्राप्त जमीन से अवैध निर्माण हटाया गया। खाली कराई गई जमीन की कीमत 90 करोड़ रुपए है। प्राधिकरण जमीन के चारो ओर फेंसिंग करा रहा है। इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण का बोर्ड भी लगाया जा रहा है।
सलारपुर का खसरा नंबर-775 प्राधिकरण का अर्जित और कब्जा प्राप्त जमीन है। काफी समय से इस जमीन पर कबाडिय़ों और दुकानदारों ने कब्जा जमा लिया था। कई बार कहने के बाद भी ये लोग यहां से नहीं गए। ये जमीन प्राधिकरण की विकास परियोजना में शामिल है। ऐसे में बुलडोजर और प्राधिकरण पुलिस की मदद से ही अवैध निर्माण को हटा दिया गया। इसके अलावा दर्जनों की संख्या में झुग्गी झोपड़ी भी बनी थी। जिनको पहले खाली कराया इसके बाद बुलडोजर चलाया गया। सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्राधिकरण की अर्जित प्राप्त जमीन पर किसी प्रकार का कब्जा या अवैध निर्माण नहीं किया जा सकता है। इसे तत्काल हटा दिया जाएगा। साथ ही ध्वस्त करने के दौरान जो भी खर्चा होगा उसे अवैध निर्माण कर्ताओं से ही वसूला जाएगा।
इस कार्यवाही से सलारपुर के भूमाफियाओं में हड़कंप व्याप्त है।
अवैध फार्म हाउस पर नोटिस चस्पानोएडा प्राधिकरण डूब क्षेत्र में अवैैध फार्म हाउस पर नोटिस चस्पा कर अतिक्रमण हटाने की अपील की है। नोटिस में कहा गया है कि अगर किसी के द्वारा कोई निर्माण किया गया है तो उसे तत्काल स्वयं हटा ले। ये एक सार्वजनिक सूचना है। इस तरह की सार्वजिक सूचना डूब क्षेत्र के फार्म हाउसों पर चस्पा की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब एक हजार से ज्यादा फार्म हाउसों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए है। इन सभी फार्म हाउसों को ध्वस्त किया जाएगा।इसके साथ ही फार्म हाउसों को ध्वस्त करने में प्राधिकरण का जो भी खर्च होगा। उसका वहन फार्म हाउस संचालक को देना होगा। साथ ही संलिप्ता पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। बता दे अब ये सार्वजनिक नोटिस प्राधिकरण ने 77 फार्म हाउस तोडऩे के बाद जारी किया है।नोएडा प्राधिकरण का भू लेख विभाग, सर्किल अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सेक्टर-135 नंगली वाजिदपुर, नंगला नंगली के अलावा तमाम गांवों के डूब क्षेत्र में ये सार्वजनिक सूचना चस्पा की है। प्राधिकरण ने बताया कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि बाद में कोई ये न कहे कि हमे सूचना नहीं दी गई।