Noida News : जीवन में सफल होनें के लिए नवाचार जरूरी: प्रेम महिंद्रू
भारत
चेतना मंच
21 Jan 2022 10:52 PM
Noida :नोएडा । एमिटी विश्वविद्यालय (Amity University) उत्तरप्रदेश द्वारा ‘‘उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व’’ पर चतुर्थ ऑनलाइन अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आज ‘‘व्यापार, प्रबंधन, वाणिज्य और कानून’’ पर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा सत्र में एपी एंड पाटर्नर एडवोकेट्स के वरिष्ठ पाटर्नर आनंद प्रसाद, यूके के सॉलीसिटर एंड एडवोकेट प्रेम महिंद्रु, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा, पुणे के एएसएम गु्रप ऑफ इंस्टीटयूट के चेयरमैन डा संदीप पांचपाडें, पेरू के कोरपोरेट आटार्नी मैक क्लेम पेना, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप रॉय आदि ने अपने विचार रखे। यूके के सॉलीसिटर एंड एडवोकेट प्रेम महिंद्रू ने कहा कि महामारी भविष्य के विधिक क्षेत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नये अवसर प्रदान कर रहा है। यह आपको नई क्षमता, प्रतिभा प्रदान कर रहा है। नई चुनौतीयों के नये निराकरण प्राप्त हो रहे है। उन्होनें अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि महामारी ने नया प्रोत्साहन दिया है और उन्होनें नई चीजें सीखी है। जीवन में सफल होनें के लिए नवाचार आवश्यक है।
उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा ने कहा कि हमें नये परिक्षेत्र में प्रवेश कर रहे है। डिजिटलाइजेशन ने विधिक बिरादरी, विधिक शिक्षा और कार्यप्रणाली को नये आयाम प्रदान किये है। तकनीकी के साथ नये परिवर्तन हो रहे है और उम्मीद है भविष्य में और भी बृहद परिवर्तन देखने के लिए मिलेंगे। हमें दो प्रकार की क्षमता का उपयोग करना है जिसमें नये पथ का निर्माण करना है और चुनौतियों का निराकरण प्रदान करना है। श्री शर्मा ने कलाकार जूही चावला के केस की ऑनलाइन सुनवाई का उदाहरण देते हुए कहा हमें तकनीकी का उपयोग करते हुए सावधान रहना है और अपनी जिम्मेदारी का वह्न पूरी करना होगा।
पुणे के एएसएम गु्रप ऑफ इंस्टीटयूट के चेयरमैन डा संदीप पांचपाडें ने कहा कि हमें 210वी सदी में छात्रों के अंदर विचार करने, नवाचार, नेतृत्व आदि के गुणों को विकसित करना होगा। हर संकट अपने साथ अवसरों को भी लाता है और इस महामारी ने भी नये अवसर प्रदान किये है। कोरोना के कारण हमने तकनीकी को तेजी से आत्मसात किया है और रोजगार की भूमिका में परिवर्तन आया है। शोध के अनुसार उपलब्ध रोजगारों में से लगभग 60 प्रतिशत भविष्य में नही होगें या परिवर्तीत हो जायेगें इसलिए हमें छात्रों को भविष्य के रोजगार हेतु तैयार करना है। हमें इस प्रकार के छात्रों का निर्माण करना है जिन्हे तकनीक और अपने विषय दोनों की बेहतरीन जानकारी हो।