Noida News : असम में हुई सबसे ज्यादा हाथियों की हत्या
भारत
चेतना मंच
21 Jan 2022 10:48 PM
Noida : नोएडा । देश में कोरोना महामारी के बावजूद हाथियों(Elephants) पर संकट कम नहीं हुआ है। पिछले वर्ष शिकारियों ने 49 हाथियों की हत्या महज उनके कीमती दांतों की वजह से कर दी। यह खुलासा समाजसेवी एवं अधिवक्ता रंजन तोमर द्वारा वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो में लगाई गई एक आरटीआई से हुआ है।आरटीआई (RTI)दाखिल करने के बाद मिले जवाब से पता चला कि 2021 के जनवरी से लेकर दिसंबर तक कुल 49 हाथियों का शिकार हुआ है, जिसमें सर्वाधिक शिकार असम में हुआ है जहाँ 9 हाथियों को शिकारियों ने मौत के घाट उतार दिया। 15 शिकारियों को इस दौरान गिरफ्तार किया गया, इसके बाद इसके बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा एवं तमिलनाडु का नंबर आता है जहाँ 8-8 हाथियों का शिकार किया गया है। यहाँ शिकारियों को गिरफ्तार करने की संख्या क्रमश: 11, 13 और 17 है, उत्तराखंड और कर्नाटक में 3-3 शिकार हुए और क्रमश: 4 और एक शिकारी को गिरफ्तार किया गया। वहीं केरल एवं अरुणाचल में 2-2 हाथियों का शिकार हुआ। कुल मिलकर साल भर में 49 हाथियों का शिकार हुआ और 77 शिकारी गिरफ्तार हुए।
हाथी पर्यावरण के लिए जरूरी क्यों हैं ?
हाथी 24 घंटे में औसतन 50 से 10 किलोमीटर तक जंगल में चल लेता है। यह पेड़ पौधों की पत्तियां और फल खाता है। जब वो एक जगह से दूसरी जगह पर जाता है तो उसके गोबर के रास्ते एक जगह के पेड़-पौधों के बीज दूसरी जगह पहुंचकर उग जाते हैं। इस तरह वो जंगल को बढ़ाने और उसे अलग-अलग तरह के पौधों से समृद्ध करने का काम करता है।