Noida: नोएडा। निराश्रित गौवंश के संवर्धन तथा उनके पालन-पोषण के नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी सीईओ ने एक अनूठी पहल शुरू की है। यदि यह अनूठी पहल नोएडा में कारगर रही तो प्रदेश भर में जगह-जगह बने निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों के लिए यह एक मॉडल साबित हो सकता है।
नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने मातहत अफसरों को निर्देश दिये कि सेक्टर-135 में स्थित अस्थायी गौवंश आश्रय स्थल व शनि मंदिर (14ए) के पास स्थित गौशाला में उत्पादित दूध की बिक्री के लिए किसी एजेंसी अथवा सोसायटी में समन्वय करके दूध बिक्री का मॉडल विकसित किया जाए।
सीईओ ने सेक्टर-14ए के गौवंश आश्रय स्थल में अधिक से अधिक निराश्रय गौवंश लाने के निर्देश दिये वहीं अन्य निर्माण व सुविधाएं दुरूस्त करने के भी निर्देश दिये। वहीं इन आश्रय स्थलों के व्यापक सुधार, निर्माण तथा अन्य सुविधाएं दुरूस्त करने के भी निर्देश दिए।
बता दें कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा गौवंश को रखने के लिए प्राधिकरण ने शनि मंदिर के पास (सेक्टर-14ए), सेक्टर-135 में आश्रय स्थल बनाए हैं। इनमें हजारों गौवंश को रखा गया है।
इन गौवंशों को खिलाने-पिलाने तथा इलाज व बेहतर रख-रखाव करने के लिए नोएडा प्राधिकरण द्वारा माकूल व्यवस्था की गयी है। पशुओं को ताजा चारा खिलाने के लिए मशीनें भी स्थापित की गयी हैं। प्राधिकरण अब इन गौवंशों का उत्पादित दूध निकालकर बेचने की योजना बना रहा है ताकि दूध की बिक्री से प्राप्त धनराशि का उपयोग गौवंश के रख-रखाव व संवर्धन में किया जा सके। इससे जहां सड़कों पर आवारा गौवंश से निजात मिलेगी। वहीं गौवंश का बेहतर संवर्धन भी हो सकेगा। सीईओ की यह पहल यदि नोएडा में सफल रही तो प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी इसे लागू किया जा सकता है। यह पहल पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल भी बन सकती है।