Noida: नोएडा । एमिटी विश्वविद्यालय (Amity University)द्वारा 11वें एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशंनस (एएमआईएमयूएन 2022) सम्मेलन का आयोजन किया गया।‘दृढ़ता सभी पर विजय प्राप्त करती है’। विषय पर आधारित इस एएमआईएमयूएन 2022 का शुभांरभ भारत में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के प्रतिनिधि और भूटान के देशीय निदेशक श्रीराम हरिदास, भारत में पेरू दूतावास के प्रथम सेक्रेटरी फाबियो सुबिया डायज, इरान दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मसूद रेजवानियन राहघिक, सेवानिवृत्त राजदूत विष्णु प्रकाश, सेवानिवृत्त राजदूत स्कंद रंजन तायल और एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय, राइस यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड की बर्मिघम सिटी यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ वोल्वरहाम्पटन, कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ वाटरलू, घाना की यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, श्रीलंका के इंस्टीटयूट ऑफ केमेस्ट्री, रशिया के मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी आदि सहित कई अन्य देशों और भारत की बीएचयू, अब्दुल कलाम टेक्नीेकल विश्वविद्यालय, कश्मीर विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, सिंबायसिंस इंटरनेशनल विश्वविद्यालय, दिल्ली इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी आदि से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।
एएमआईएमयूएन 2022 का शुभांरभ भारत में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के प्रतिनिधि और भूटान के देशीय निदेशक श्रीराम हरिदास ने अनुभवों का साझा करते हुए कहा कि उन्होनें कई देशों में कार्य किया है और कई लोगों से मुलाकात की और उनकी इस यात्रा ने उन्हे सीखने, आत्मनिर्भरता और दृढंता को विकसित करने में काफी सहायता की। उन्होनें श्रीलंका, अफगानिस्तान, सूडान और भारत के किये गये कार्यो को बताते हुए कहा कि आज भारत विश्व में एक प्रमुख स्थान रखता है और स्वास्थय सहित लैगिंकरण जैसे एजेंडे को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। महामारी के दौरान भी हजारों महिलाओं और लड़कियों ने स्वंय को सबित किया और कार्य करती रही। जीवन में दृढ़ता आवश्यक है जो आपको सफल होने में सहायक होता है।
भारत में पेरू दूतावास के प्रथम सेक्रेटरी श्री फाबियो सुबिया डायज ने कहा कि महामारी के दौरान पिछले कुछ समय से नये वैश्विक चुनौतीयां बढ़ी है जिसके लिए देशों को आगे आना होगा और मिलकर उनका निवारण करना होगा। उन्होनें प्रतिभागीयो ंसे कहा कि एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशंन सम्मेलन आपको अद्वितीय अवसर प्रदान कर रहा है। आपको स्वंय को मजबूत बना कर अन्य लोगों की सहायता करनी चाहिए।
एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उददेश्य छात्रों में नेतृत्वता और कूटनीतिज्ञ कौशल को विकसित करना है।