Noida / New Delhi: नोएडा/नई दिल्ली । नई दिल्ली के चिल्ला रेग्लुटेर से लेकर महामाया फ्लाईओवर तक बनने वाले एलिवेटिड रोड पर लगे ब्रेक हट नहीं पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा फंड न जारी करने के कारण निर्माण कार्य अटका पड़ा है। नोएडा प्राधिकरण तथा लोक निर्माण विभाग के बीच करार होने के बाद भी फंड जारी नहीं किया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ने इस बाबत कई बार रिमांडर भी भेजा लेकिन लोनिवि के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 फरवरी 2019 को इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था।
मालूम हो कि ब्रिज कारपोरेश को एलिवेटड निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। प्राधिकरण निर्माण पर अब तक 74 करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। पैसा नहीं मिलने से काम को बंद कर दिया गया। इसे पूरे प्रोजेक्ट का बजट करीब 600 करोड़ रुपए है। जिसे अब ब्रिज कारपोरेशन बनाने के लिए बजट बढ़ाने की डिमांड कर रहा है। उसने प्राधिकरण को पहले 250 करोड़ और अब सीधे बजट को दो गुना करते हुए 1200 करोड़ रुपए कर दिया। हालांकि प्राधिकरण ने इसके लिए ब्रिज कारपोरेशन की इस डिमांड को मना कर दिया है।
अब तक चिल्ला एलिवेटेड रोड का काम चार बार बंद हो चुका है। वर्ष 2020 में कोरोना की आई पहली लहर के कारण करीब चार-पांच महीने काम बंद रहा था। फिर उसी साल और फिर 2021 में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एनजीटी के आदेश के कारण भी करीब दो महीने काम बंद पड़ा रहा। वर्ष 2020 के नवंबर में काम बंद होने पर अक्तूबर 2021 में काम शुरू हुआ था। अब चौथी बार फिर काम बंद हो गया।
यह एलिवेटेड रोड पूरी तरह से दिसंबर 2021 तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था। अधिकारियों ने एलिवेटेड रोड के काम शुरू होने पर दावा किया था कि पहले चरण में सितंबर 2021 तक महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-18 तक और दूसरे चरण में पूरा एलिवेटेड रोड पर दिसंबर 2021 तक वाहन चलने शुरू हो जाएंगे।
ये एलिवेटड चिल्ला बार्डर से होते हुए महामाया फ्लाईओवर के पास एक्सप्रेस वे तक बननी है। ऐसे में दिल्ली से नोएडा आने वाले प्रतिदिन 10 लाख वाहन जिन्हे नोएडा, ग्रेटर नोएडा , आगरा एक्सप्रेस वे जाना है वे इसका प्रयोग कर सकते थे। इसके बाद उन्हें चिल्ला बार्डर पर रेडलाइट और आगे जाम नहीं झेलना पड़ता।