अब एक-एक कर उड़ेगी दुश्मनों की नींद, पराग जैन को मिली RAW की कमान
Parag Jain
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 05:20 PM
Parag Jain : देश की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) को नया प्रमुख मिल गया है। मोदी सरकार ने सीनियर IPS अधिकारी पराग जैन को RAW का नया चीफ नियुक्त किया है। वे 1 जुलाई से पदभार संभालेंगे और मौजूदा प्रमुख रवि सिन्हा की जगह लेंगे जिनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। पंजाब कैडर के 1989 बैच के अधिकारी पराग जैन को खुफिया हलकों में एक ‘सुपर स्पाई’ के रूप में जाना जाता है। उनके पास HUMINT (मानव स्रोत आधारित खुफिया) और TECHINT (तकनीकी खुफिया) दोनों का गहरा अनुभव है, जिसे उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में निभाई थी निर्णायक भूमिका
हाल के वर्षों में पराग जैन का सबसे चर्चित योगदान रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जिसमें पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए गए थे। हालांकि ये हमले कुछ ही मिनटों में अंजाम दिए गए, लेकिन इसके पीछे वर्षों की गुप्त तैयारी और नेटवर्किंग थी, जिसमें जैन की रणनीति और खुफिया जानकारी की बड़ी भूमिका रही। उनके नेतृत्व में आतंक के बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने में भारत को अहम सफलता मिली।
जम्मू-कश्मीर से लेकर विदेशों तक का अनुभव
पराग जैन को जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में काम करने का गहरा अनुभव है। उनके पास ज़मीन पर खुफिया संचालन से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने तक का लंबा और संतुलित रिकॉर्ड है। उन्होंने कनाडा और श्रीलंका में भारतीय दूतावासों में भी अहम भूमिका निभाई है जिससे उनकी प्रोफाइल को वैश्विक आयाम मिला है। 2021 में उन्हें पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर पदोन्नत किया गया था, हालांकि तब वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे, इसलिए यह प्रमोशन तकनीकी रूप से ही मिला। बावजूद इसके, उन्हें केंद्रीय DGP रैंक पर सूचीबद्ध किया गया जो यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय खुफिया ढांचे में उनकी कितनी साख है।
कैबिनेट की मुहर और रवि सिन्हा का उत्तराधिकारी
28 जून को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके नाम को औपचारिक मंजूरी दी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि रवि सिन्हा के बाद RAW की कमान किसके हाथों में होगी। रवि सिन्हा का कार्यकाल अपेक्षाकृत शांत और कम प्रोफाइल वाला रहा, जबकि पराग जैन के साथ अब एजेंसी में एक तेज-तर्रार, अनुभवशील और तकनीक-प्रवीण नेतृत्व की शुरुआत होने जा रही है। पराग जैन की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भारत को बाहरी खतरों के साथ-साथ तकनीकी जासूसी के मोर्चे पर भी सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे में उनका नेतृत्व भारत के रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Parag Jain