अब बैंक में नहीं चलेंगे लेन-देन! RBI ने बंद किया दरवाजा
RBI
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:20 AM
RBI: अगर आपका खाता कर्नाटक के Karwar Urban Co-operative Bank में है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। कारण बताया गया है बैंक की गंभीर आर्थिक बदहाली और भविष्य में आय की कोई संभावना न होना। RBI ने साफ कहा कि इस बैंक का चालू रहना जमाकर्ताओं के हित में नहीं है। लिहाजा, बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के तहत 22 जुलाई 2025 को जारी आदेश में बैंक का लाइसेंस रद्द करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से सभी बैंकिंग कार्यों से रोक दिया गया है।
बैंक क्यों हुआ बंद?
RBI की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, Karwar Urban Co-operative Bank के पास न तो पर्याप्त पूंजी थी, न ही भविष्य में आमदनी के कोई स्पष्ट संकेत। इसके अलावा बैंक, धारा 11(1) और 22(3)(D) जैसी जरूरी शर्तों का भी पालन नहीं कर रहा था। यही वजह है कि रिजर्व बैंक ने इसे ग्राहकों के लिए जोखिम भरा मानते हुए बड़ा एक्शन लिया है। इसके साथ ही कर्नाटक रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज से अनुरोध किया गया है कि बैंक को पूरी तरह बंद किया जाए और इसके लिए लिक्विडेटर नियुक्त किया जाए।
ग्राहकों की जमा रकम का क्या होगा?
बैंक बंद होने की स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि खाताधारकों की जमा रकम का क्या होगा? यहां राहत की बात यह है कि RBI की निगरानी में चलने वाली संस्था DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) ऐसी स्थितियों के लिए पहले से तैयार होती है। DICGC के नियमों के मुताबिक, किसी भी डूबते बैंक में जमा ग्राहक की अधिकतम ₹5 लाख तक की राशि सुरक्षित होती है। इसमें सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉज़िट और करंट अकाउंट सभी शामिल हैं। जिस तारीख को बैंक का लाइसेंस रद्द होता है, उस तारीख तक खाते में जमा मूलधन और ब्याज जोड़कर कुल 5 लाख रुपये तक की राशि ग्राहक को मिलती है।
90% से ज्यादा खाताधारक निकाल सकेंगे पूरी राशि
इस मामले में एक और बड़ी राहत की खबर यह है कि RBI के मुताबिक Karwar Co-operative Bank के 92.9% खाताधारक ऐसे हैं, जिनकी जमा राशि 5 लाख रुपये से कम है। यानी बैंक के ज्यादातर ग्राहक अपनी पूरी रकम निकालने के पात्र होंगे।