Odisha Politics: महिलाओं व बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं ओडिशा: भाजपा
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भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:27 AM
Odisha Politics: भुवनेश्वर। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि ओडिशा महिलाओं और बच्चों के लिए ‘सुरक्षित’ नहीं रह गया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण का बीजू जनता दल (बीजद) सरकार का दावा ‘खोखला’ है।
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भाजपा की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष स्मृति पटनायक ने कहा कि राज्य में महिलाओं के विरूद्ध अत्याचार हाल के वर्षों में चौंकाने वाले स्तर पर पहुंच गए हैं तथा बच्चों खासकर नाबालिग लड़कियों के संदर्भ में भी स्थिति ऐसी ही है।
सत्तारूढ़ बीजद ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) आंदोलन के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के उसके प्रयास की नीति आयोग और संयुक्त राष्ट्र के अलावा केंद्र की खुद की उसकी सरकार ने सराहना की है।
ओडिश में महिला सशक्तिकरण के बारे में बीजद के दावे को ‘खोखला’ करार देते हुए स्मृति पटनायक ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं लेकिन नवीन पटनायक की बीजद सरकार राजनीतिक उद्देश्यों के वास्ते स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि बीजद सरकार केवल महिलाओं के उस खास समूह को लाभ पहुंचा रही है जो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए प्रचार करता है। उन्होंने इस सिलसिले में भयंकर सर्दी में भी आंदोलन कर रहीं आंगनवाड़ी और आशा कर्मियों का हवाला दिया।
भाजपा नेता ने कहा, अपहरण की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि के बीच ओडिशा बच्चों के लिए पूरी तरह असुरक्षित बन गया है। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2021 की रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ओडिशा में 2019, 2020 और 2021 में महिलाओं के साथ अपराध की क्रमश: 23,183 , 25,499 और 31,352 घटनाएं हुईं। भाजपा नेता ने दावा किया कि राज्य में पिछले पांच सालों में 1600 बच्चे लापता हो गये तथा 2021 की तुलना में 2022 में 42 फीसदी अधिक ऐसी घटनाएं हुईं।
स्मृति पटनायक के आरोपों पर बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने बुधवार को कहा कि बीजद महिलाओं के सशक्तिकरण में यकीन रखती है और देश में वही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो ‘पंचायत से संसद तक महिलाओं के लिए राजनीतिक स्थान को प्राथमिकता देती है।
उन्होंने कहा, राष्ट्रीय दल (महिलाओं के साथ अपराध) को राजनीतिक चश्मे से न देखें... यदि तुच्छ राजनीतिक फायदे के लिए आदतन झूठे आरोप लगाने के बजाय हम मिलकर काम करें तो यह बेहतर रहेगा।