यह बदलाव खास तौर पर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है जो लंबे समय से शिक्षा में बेहतर अवसर की मांग कर रहे थे। सरकार का कहना है कि यह फैसला सामाजिक संतुलन और शिक्षा में समान अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है।

ओडिशा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है जिसका सीधा असर हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा। राज्य सरकार ने मेडिकल और टेक्निकल एजुकेशन में आरक्षण की नई व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों का आरक्षण बढ़ा दिया गया है जबकि पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC/SEBC) छात्रों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। यह बदलाव खास तौर पर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है जो लंबे समय से शिक्षा में बेहतर अवसर की मांग कर रहे थे। सरकार का कहना है कि यह फैसला सामाजिक संतुलन और शिक्षा में समान अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि राज्य में ST और SC समुदाय की आबादी काफी ज्यादा है लेकिन उन्हें अब तक कम आरक्षण मिल रहा था। ओडिशा में ST आबादी 22 प्रतिशत से अधिक है जबकि उन्हें सिर्फ 12 प्रतिशत आरक्षण मिलता था। इसी तरह SC समुदाय की आबादी करीब 17 प्रतिशत है लेकिन आरक्षण केवल 8 प्रतिशत ही था। सरकार ने इस असंतुलन को देखते हुए आरक्षण बढ़ाने का फैसला किया। नए नियम के अनुसार अब ST छात्रों को 22.50 प्रतिशत और SC छात्रों को 16.25 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा OBC यानी SEBC छात्रों के लिए पहली बार 11.25 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नया आरक्षण सिस्टम सिर्फ एक या दो कोर्स तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि व्यापक स्तर पर लागू होगा। यह नियम ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स में लागू किया जाएगा। नया आरक्षण इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, मेडिसिन, सर्जरी, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी, हेल्थ साइंस, आयुर्वेद, होम्योपैथी, एग्रीकल्चर, आर्किटेक्चर, प्लानिंग और सिनेमैटिक आर्ट्स जैसे कई कोर्स में लागू होगा। इससे हजारों छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
नई आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद मेडिकल सीटों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले राज्य की 2,421 मेडिकल सीटों में ST छात्रों को 290 सीटें मिलती थीं। अब आरक्षण बढ़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 545 हो जाएगी। इसी तरह SC छात्रों के लिए पहले 193 सीटें आरक्षित थीं जो अब बढ़कर 393 हो जाएंगी। इससे मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
राज्य में इंजीनियरिंग सीटों पर भी इस फैसले का बड़ा असर पड़ेगा। ओडिशा में कुल 44,579 इंजीनियरिंग सीटें हैं। पहले ST छात्रों के लिए 5,349 सीटें आरक्षित थीं, जो अब बढ़कर 10,030 हो जाएंगी। वहीं SC छात्रों के लिए पहले 3,566 सीटें थीं जो अब बढ़कर 7,244 हो जाएंगी। इसके साथ ही पहली बार OBC यानी SEBC छात्रों के लिए भी सीटें आरक्षित की गई हैं जिससे उन्हें भी तकनीकी शिक्षा में प्रवेश का बेहतर मौका मिलेगा।
इस नए आरक्षण सिस्टम से राज्य में शिक्षा के अवसरों में संतुलन आने की उम्मीद है। लंबे समय से कई समुदाय बेहतर प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे थे। अब इस फैसले के बाद SC, ST और OBC छात्रों को मेडिकल और टेक्निकल शिक्षा में अधिक अवसर मिलेंगे। सरकार का मानना है कि इससे सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिलेगा और अधिक संख्या में छात्र उच्च शिक्षा की ओर बढ़ेंगे। यह फैसला राज्य के शिक्षा सिस्टम में बड़ा बदलाव माना जा रहा है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।