दोनों पक्षों की तीसरे दौर की बातचीत के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह बाचतीत में शामिल रहे और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उपस्थित थे।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को NEET मुद्दे पर अपना आंदोलन वापस ले लिया। उसका दावा है कि सरकार ने संगठन की सभी मांगें मान लीं। इन मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेना शामिल है। यह घोषणा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई जो दोनों पक्षों की तीसरे दौर की बातचीत के बाद आयोजित की गई। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह बाचतीत में शामिल रहे और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उपस्थित थे।
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा CJP की सबसे बड़ी मांग थी।
सरकार ने क्या कहा?
पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार NEET परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को नियमों के तहत "सम्मानजनक मुआवज़ा" देगी और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेना सुनिश्चित करेगी।
नड्डा ने कहा, "दूसरा मुद्दा मुआवजे का है। मुआवज़े के मुद्दे पर सरकार ने अपनी बात बहुत साफ तौर पर रखी। हमारी भी हमदर्दी है... हम सभी ने कहा है कि नियमों और कानूनों के मुताबिक, और जितना ज्यादा से ज़्यादा हो सके, उन्हें सम्मानजनक मुआवज़ा दिया जाएगा। इसी तरह, परसों और कल आपने मुझे जो पांच-सूत्रीय चार्टर दिया था, जो शिक्षा परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ा है, उस पर हमारा रुख यह है कि हम उस पर गंभीरता से विचार करेंगे। हम आपके डेलिगेशन के साथ भी बातचीत करेंगे, और जिन चीज़ों पर चर्चा हो सकती है, उन पर चर्चा करने की पूरी कोशिश करेंगे। मेरी नज़र में, उन्होंने जो भी मांगें रखीं, उन्हें हमदर्दी और समझदारी के साथ मान लिया गया है।"
CJP ने क्या कहा?
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, कहा, "हमारी मांग थी कि न सिर्फ दिल्ली में, बल्कि बीजेपी-शासित और बीजेपी-समर्थित सभी राज्यों में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं; सरकार ने यह मांग भी मान ली है। यह वापसी जल्द ही होगी... साथ ही, हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या CJP टीम और आयोजकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी समझ के आधार पर हमने सरकार के साथ एक ड्राफ़्ट यानी लिखित गारंटी साझा की है, और सरकार ने कहा है कि वे मंगलवार तक इसे हमारे साथ साझा करेंगे।"
दास ने कहा "जिन लोगों ने भी हिंसा की ये घटनाएं कीं, और जो असामाजिक तत्व मीडिया और जनता के खिलाफ लोगों को भड़का रहे थे, हम ऐसी हरकतों की निंदा करते हैं। ऐसे असामाजिक तत्व CJP में घुस आए थे और हम उनके कामों की कड़ी निंदा करते हैं।"
CJP नेता आशुतोष ने कहा, "हम अपने सभी समर्थकों और प्रदर्शनकारियों से - चाहे वे जंतर-मंतर पर हों या दूसरी जगहों पर - शांतिपूर्ण ढंग से हटने का अनुरोध करते हैं। हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं। हम जल्द ही आपको आगे की कार्रवाई के बारे में बताएंगे। हमने सरकार को अपनी मांगों का चार्टर सौंप दिया है। हमारा प्रतिनिधिमंडल उस चार्टर पर चर्चा करने के लिए अगले चार हफ्तों में फिर से सरकार से मिलेगा।"
CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किया है। वे NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे थे। साथ ही सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी सबसे प्रमुख मांग थी।
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