
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी पर लोकतंत्र की बुनियाद मतदाता सूची के साथ संगठित छेड़छाड़ का आरोप लगाया है । उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोकतंत्र की रीढ़ कही जाने वाली मतदाता सूची के साथ सुनियोजित छेड़छाड़ की गई है और इसके पीछे चुनाव आयोग और बीजेपी की 'साठगांठ' है। Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट के आंकड़ों का जब बारीकी से विश्लेषण किया गया, तो वोट चोरी का ऐसा चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया जो पूरे चुनावी तंत्र पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस को मशीन-पठनीय वोटर लिस्ट देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पार्टी ने अपनी आंतरिक जांच शुरू की और महादेवपुरा से लोकतंत्र को चोट पहुंचाने वाले तथ्यों की परतें खुलती चली गईं।
राहुल गांधी के अनुसार, बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को 6,26,208 वोट मिले, जबकि बीजेपी को 6,58,915 मत प्राप्त हुए — यानि 32,707 वोटों का अंतर। लेकिन जब इस सीट के अंतर्गत आने वाली महादेवपुरा विधानसभा सीट की जांच की गई तो वहां बीजेपी को 2,29,632 और कांग्रेस को मात्र 1,15,586 वोट मिले। यानि अकेले इस विधानसभा क्षेत्र में हार का अंतर 1,14,046 वोट रहा। Rahul Gandhi
डुप्लीकेट वोटर — 11,965
फर्जी पते वाले वोटर — 40,009
एक ही पते पर कई वोटर — 10,452
फॉर्म 6 का गलत इस्तेमाल — 33,692
अवैध या संदेहास्पद तस्वीर वाले वोटर — 4,132
राहुल गांधी ने गुरकीरत सिंह नामक एक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे यह शख्स एक ही नाम और पहचान के साथ चार अलग-अलग पोलिंग बूथ में पंजीकृत था। उन्होंने कहा, “यह कोई अपवाद नहीं है, ऐसे हजारों मामले हमारे सामने आए हैं। राहुल ने आदित्य श्रीवास्तव नाम के एक मतदाता का उदाहरण देते हुए बताया कि यह व्यक्ति कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश — तीनों राज्यों में वोट डालता पाया गया। उन्होंने हैरानी जताई कि एक ही मकान नंबर 35 पर 80 वोटर दर्ज हैं, जबकि एक कमरे वाले मकान नंबर 791 पर 46 वोटर हैं। राहुल ने तंज कसते हुए पूछा — क्या इन घरों में वोटर उगाए जाते हैं ?
राहुल गांधी ने कहा, “संविधान ने हर नागरिक को एक वोट का अधिकार दिया है। लेकिन मौजूदा हालात में यह मौलिक सिद्धांत ही खतरे में नजर आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस बार के लोकसभा चुनाव में जो धांधली हुई है, वह सिर्फ संदेह नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश में EVM नहीं थी, तब एक ही दिन में मतदान होता था और परिणाम अपेक्षित होते थे। लेकिन अब कई चरणों में चुनाव और मतदाता सूचियों में छेड़छाड़ के चलते जनविश्वास डगमगा रहा है।
कांग्रेस नेता ने बताया कि लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में सिर्फ पांच महीनों में इतने नए वोटरों के नाम जोड़ दिए गए, जितने पहले पांच वर्षों में भी नहीं जोड़े गए थे। उनका कहना है कि राज्य में करीब एक करोड़ नए वोटर अचानक कैसे जुड़ गए, यह भी एक बड़ा सवाल है। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बताया और चुनाव आयोग से मांग की कि वह पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का पालन करते हुए मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट सार्वजनिक करे। Rahul Gandhi