फ्री कूपन’ के झांसे में कट रही जेब, क्विक ऐप्स का नया गणित छुड़ा रहा पसीने
Online Delivery
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:12 AM
Online Delivery : कुछ साल पहले तक किराना मंगाने के लिए हमें पास की दुकान जाना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल ऐप्स के जरिए 10 मिनट में सब कुछ दरवाजे पर पहुंच रहा है। ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियों ने शहरी उपभोक्ताओं की जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि, अब उपभोक्ताओं को ये “फास्ट सुविधा” धीरे-धीरे भारी पड़ने लगी है। शुरुआत में जो ऐप्स सस्ती और सुविधाजनक लगती थीं, अब उनके हर ऑर्डर पर छिपे हुए चार्जेस का ऐसा जाल बिछा है कि लोग दोबारा सोचने लगे हैं दुकान से लेना सस्ता है या ऐप से?
'फ्री कैश' के बाद भी महंगा क्यों पड़ रहा सामान?
सोशल मीडिया पर एक ग्राहक ने स्क्रीनशॉट शेयर किया जिसमें एक प्रोडक्ट की असल कीमत ₹750 थी। उस पर ₹125 का फ्री कैश कूपन लगाया गया, लेकिन फाइनल पेमेंट ₹773 बताई गई यानी छूट के बावजूद कीमत ज्यादा। दरअसल, इसमें हैंडलिंग फीस ₹20.99 जुड़ी थी जो छूट का पूरा असर खत्म कर देती है। यह कोई इकलौता मामला नहीं है। कई ग्राहक अब इस तरह की शिकायतें कर रहे हैं।
छोटे ऑर्डर के लिए ज्यादा चार्ज
छोटे-छोटे ऑर्डर पर कंपनियां स्मॉल कार्ट फीस, हैंडलिंग फीस, डिलिवरी चार्ज, जीएसटी, रेन फीस और सर्ज फीस जैसे कई नामों से रकम जोड़ देती हैं। उदाहरण के लिए- जेप्टो में बड़े ऑर्डर पर हैंडलिंग फीस ₹21, छोटे पर ₹13, ब्लिंकिट में फिक्स चार्ज ₹11, बारिश में एक्स्ट्रा ₹15, हाई डिमांड पर सर्ज चार्ज ₹30, डिलिवरी बचाने के लिए ब्लिंकिट पर ₹500, जेप्टो और स्विगी पर ₹200 का न्यूनतम ऑर्डर जरूरी। इन तमाम चार्जेस को जोड़ें तो एक छोटे से ऑर्डर पर कुल खर्च ₹50 से ₹70 तक बढ़ सकता है।
ग्राहक फिर लौट रहे लोकल बाजार की ओर
दिल्ली की उर्वशी शर्मा बताती हैं कि वह अब फल-सब्जियां लोकल वेंडर्स से खरीदती हैं, क्योंकि ऑनलाइन कीमतें चार्जेस के बाद काफी बढ़ जाती हैं। अब बहुत से ग्राहक एक बार में ज्यादा आइटम मंगवाकर चार्ज बचाना चाहते हैं, लेकिन इससे कंपनियों की ऑर्डर वैल्यू और लॉजिस्टिक्स प्रभावित हो सकती हैं। मार्केट एक्सपर्ट सतीश मीणा के मुताबिक, कंपनियां अब “मैक्स सेवर” जैसे प्लान्स लाकर ग्राहकों को सस्ता महसूस करवाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन यह मॉडल लॉन्ग टर्म में चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अब फ्लिपकार्ट भी कूद पड़ा मैदान में
जेएम फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट बताती है कि अब इस रेस में फ्लिपकार्ट और अमेज़न जैसे दिग्गज भी कूद चुके हैं। दिल्ली-NCR में फ्लिपकार्ट ने “Minutes” नाम से सेवा शुरू की है, जो तेज़ डिलीवरी के साथ ₹9 वाले मार्केट जैसे आकर्षक ऑफर भी दे रहा है। 10 मिनट की डिलीवरी ने जिंदगी आसान तो की है, लेकिन अब हर “क्लिक” के साथ एक नया चार्ज जुड़ने लगा है।
जहां शुरुआत में ये ऐप्स लोकल दुकानों से सस्ती लगती थीं, वहीं अब लोग कह रहे हैं, "भैया, दुकान से ही लेना ठीक है!" Online Delivery