गेमिंग इंडस्ट्री को लगा तगड़ा झटका, MPL में बड़ी छंटनी का ऐलान
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 04:56 PM
सरकार द्वारा लागू किए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 का प्रभाव तेजी से देखने को मिल रहा है। इस बिल ने रियल मनी गेमिंग सेक्टर की कमर तोड़ दी है जिससे मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) जैसी बड़ी कंपनियां भी अब खुद को संभाल नहीं पा रही हैं। MPL ने लगभग 60% यानी करीब 300 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। Online Gaming Bill 2025
सरकार के फैसले से टूट रहा है रेवेन्यू का ढांचा
बेंगलुरु स्थित इस यूनिकॉर्न स्टार्टअप के लिए ये फैसला आसान नहीं था। लेकिन कंपनी का कहना है कि नए गेमिंग कानून के बाद भारत में फैंटेसी और कार्ड बेस्ड रियल मनी गेम्स से कोई कमाई संभव नहीं रह गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस छंटनी का असर मार्केटिंग, ऑपरेशंस, इंजीनियरिंग, लीगल और फाइनेंस जैसे कई विभागों पर पड़ेगा।
CEO ने कर्मचारियों को भेजा ई-मेल
MPL के सीईओ और को-फाउंडर साई श्रीनिवास ने रविवार को एक ईमेल में कर्मचारियों को इस मुश्किल फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "हम भारी मन से अपनी भारतीय टीम को काफी छोटा करने का फैसला कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि एमपीएल की कुल कमाई में भारत की हिस्सेदारी लगभग 50% थी। अब इस नए कानून के तहत भारत से आने वाला राजस्व पूरी तरह शून्य हो सकता है।
क्या है ऑनलाइन गेमिंग बिल?
सरकार ने अगस्त 2025 में यह बिल संसद में पास किया था जिसके तहत रियल मनी वाले ऑनलाइन गेम्स पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार का कहना है कि इन गेम्स से युवाओं में लत और वित्तीय जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। इस कानून के चलते पहले ही Dream11, PokerBaazi और अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने कुछ ऑपरेशन्स बंद कर दिए हैं।
एक समय था जब उम्मीद की जा रही थी कि भारत का ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर 2029 तक 3.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए ये आकड़ा अब सपना बनता जा रहा है। सीईओ ने भरोसा दिलाया कि छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को हर संभव मदद दी जाएगी चाहे वो फाइनेंशियल सपोर्ट हो या आगे के करियर के लिए गाइडेंस। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि ये फैसला पूरे इंडस्ट्री के लिए खतरे की घंटी है। Online Gaming Bill 2025