
Former MLA Madan Bhaiya[/caption]
मदन भैया
New Delhi : नई दिल्ली/ लोनी । जिस देश में कभी जय जवान जय किसान का नारा गूंजता था अब उसी भारत देश में जवान, किसान और मजदूर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ता नजर आ रहा है। अगर हम किसान की बात करें तो देश और प्रदेश में किसानों पर अत्याचार और जुल्म की खबरें रोजाना अखबारों की सुर्खियां होती हैं। हम इस बात से कतई इनकार नहीं करते कि प्रदेश के विकास और औद्योगिक विकास के लिए यूपीएसआईडीसी और विकास प्राधिकरणों को लैंड बैंक की आवश्यकता होती है लेकिन जब भूमि अधिग्रहण के संबंध में बनाए गए कानूनों और नियमों का उल्लंघन करके, किसानों के साथ किए गए समझौतों का खुला उल्लंघन करके किसानों पर अत्याचार और जुल्म किए जाते हैं तब इस देश का किसान श्रअपने स्वाभिमान और सम्मान की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरता है। लोगों को वो दिन भी याद है जब किसी तकिसान को कांटा भी चुभ जाता था तो लखनऊ से दिल्ली तक की सत्ता और सरकार हिल जाया करती थी। लेकिन वर्तमान में शासन और प्रशासन किसानों पर ढाए जा रहे जुल्मों सितम पर चुप्पी साधे रहते हैं।