
देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा, इस पर सियासी मुकाबला दिलचस्प मोड़ ले चुका है। सत्ता पक्ष NDA और विपक्षी इंडिया गठबंधन, दोनों ने अपने-अपने दावेदार मैदान में उतार दिए हैं। सत्ता पक्ष यानी NDA ने दो दिन पहले ही सी.पी. राधाकृष्णन के रूप में अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी थी , वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार घोषित कर बड़ा दांव चला है। रेड्डी तेलंगाना से आते हैं, वहीं सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता है। इस तरह मुकाबला अब सीधा दक्षिण बनाम दक्षिण का बन गया है। सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सर्वसम्मति बनाने का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन सहमति की कोशिश नाकाम रही और अंततः दोनों खेमों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए। Vice Presidential Election
1946 में जन्मे बी. सुदर्शन रेड्डी का नाता आंध्र-तेलंगाना से है। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और सुप्रसिद्ध वकील प्रताप रेड्डी के अधीन काम करते हुए वकालत में कदम रखा।
1988: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील नियुक्त
1993: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश बने
2005: गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
2007–2011: सुप्रीम कोर्ट के जज रहे
2013: गोवा के लोकायुक्त पद की जिम्मेदारी संभाली
सिर्फ न्यायपालिका ही नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी उनकी सक्रियता रही है। विशेष रूप से तेलंगाना में जातिगत सर्वेक्षण की कमान उनके हाथों में रही, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक पूरा कराया।
बीजेपी ने ओबीसी समुदाय से आने वाले तमिलनाडु के सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाकर दक्षिण भारत में अपनी पैठ मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। वहीं कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने बी. सुदर्शन रेड्डी को सामने लाकर दोहरे संदेश देने की कोशिश की है—
दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व
कास्ट सेंसस के एजेंडे को धार
राहुल गांधी लंबे समय से जातिगत जनगणना का मुद्दा उठा रहे हैं। ऐसे में, रेड्डी का नाम विपक्ष को राजनीतिक और सामाजिक—दोनों मोर्चों पर लाभ दिलाने वाला माना जा रहा है। Vice Presidential Election