बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में एनडीए को मिली भारी जीत के बाद विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया, विशेषकर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। एनडीए को इस चुनाव में 202 सीटें मिली हैं, जबकि महागठबंधन बुरी तरह पिछड़ गया। आरजेडी 25 और कांग्रेस 6 सीटों पर सिमट गई।

बता दे कि सांसद पप्पू यादव ने सोमवार (17 नवंबर 2025) को प्रेस से बात करते हुए कहा कि उन्हें ईवीएम पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जिस देश ने ईवीएम बनाई है, वह स्वयं इसे अपने चुनाव में उपयोग नहीं करता। पप्पू यादव ने मतदाता सूची और मतदान संख्या को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 22 लाख नए वोटर जोड़े गए, उनका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं। एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 42 लाख दिखाई गई, जबकि चुनाव में 7 करोड़ 45 लाख वोट पड़े। पोस्टल बैलेट में INDIA गठबंधन को बढ़त मिली, लेकिन ईवीएम में एनडीए आगे निकल गया। यह संदेह पैदा करता है।
बता दे कि ‘द प्लुरल्स पार्टी’ की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने भी ईवीएम की सेटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दरभंगा में उम्मीदवारों के क्रमांक में “ऊपर से आदेश” देकर बदलाव किया गया। उनके अनुसार नामांकन के बाद बताया गया था कि महागठबंधन के उमेश सहनी का क्रमांक 6, पुष्पम प्रिया का 7 और आरके मिश्रा का 8 रहेगा। 24 घंटे के भीतर इन्हें बदलकर 5, 6 और 7 कर दिया गया। उनका दावा है कि ईवीएम में किसी खास सीट पर वोट ट्रांसफर की पूर्व-निर्धारित सेटिंग हो सकती थी, जिसका खुलासा होने से बचने के लिए यह बदलाव किया गया।
बता दे कि एनडीए नेताओं ने 200 पार सीटों वाली जीत को जनता का स्पष्ट जनादेश बताया है। वहीं विपक्ष का कहना है कि इतने बड़े अंतर वाले नतीजे कई सवाल खड़े करते हैं और चुनाव आयोग को इन मुद्दों की जांच करनी चाहिए। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के आरोपों से राजनीतिक माहौल गर्म हो सकता है और आने वाले दिनों में इस विषय पर और प्रतिक्रियाएँ सामने आने की संभावना है।