लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने साफ-साफ शब्दों में बड़ी घोषणा कर दी है। बुधवार की दोपहर संसद के प्रांगण में मौजूद राहुल गाँधी ने पत्रकारों से कहा कि देश भर के छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की जायज मांग कर रहे हैं।

Government vs. Opposition: भारत की संसद से लेकर सडक़ों तक भारत सरकार का जोरदार विरोध जारी है। विरोध में उतरी कॉकरोच जनता पार्टी तथा विपक्षी दलों ने ऐलान कर दिया है कि उन्हें भारत सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है। उधर भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व तथा केन्द्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। केन्द्र सरकार ने आरोप लगाया है कि विपक्षी दल छात्रों के कंधों के सहारे राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं।
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार नहीं
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने साफ-साफ शब्दों में बड़ी घोषणा कर दी है। बुधवार की दोपहर संसद के प्रांगण में मौजूद राहुल गाँधी ने पत्रकारों से कहा कि देश भर के छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की जायज मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग के समर्थन में कांग्रेस पार्टी सडक़ से संसद तक छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम उन्हें कोई भी बात स्वीकार नहीं है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी साफ शब्दों में कहा है कि धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा देने अथवा उन्हें मंत्रिमंडल से निकाले जाने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। NCP के नेता शरद पंवार, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी तथा आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।CJP की साफ घोषणा कहा कि धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा है मुख्य मांग
जंतर-मंतर पर धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने बहुत ही साफ घोषणा की है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों में सबसे मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा है। धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम पर CJP कोई भी समझौता नहीं करेगी। CJP नेता अभिजीत दीपके ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरना देने के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया।
भाजपा सरकार के सामने पैदा हो गई है कुआँ तथा खाई वाली स्थिति
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर भाजपा की केन्द्र सरकार चौतरफा घिरी हुई नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मत है कि धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार के सामने ‘‘एक तरफ कुआँ, दूसरी तरफ खाई” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। राजनीतिक विश्लेषक सर्वेश कुमार सिंह का कहना है कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देते हैं तो भी सरकार को फंसना है और इस्तीफा नहीं देते हैं तो भी फंसना है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने का सीधा सा मतलब होता सरकार यह स्वीकार कर रही है कि पेपर लीक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की गलती है, परीक्षा प्रणाली में बड़ी खामी है, जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी सरकार जिम्मेदार है। शिक्षा मंत्रालय इस खामी को दूर करने में बुरी तरह असफल रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी जैसे विपक्षी दल इसे अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश करेंगे। विपक्ष का मनोबल बढ़ेगा। दूसरे मंत्रियों और सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठेंगे। दूसरी तरफ धर्मेंद्र प्रधान सत्ता में बने रहते हैं तो यह गलत संदेश जाएगा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती है।
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