घाटी में बढ़ते हुए अमन चैन से बेचैन पाकिस्तान ने कराया पहलगाम हमला
Pahalgam Terror Attack
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:19 PM
Pahalgam Terror Attack : धरती का स्वर्ग कहे जाने वाली कश्मीर घाटी एक बार फिर लाचार नजर आ रही है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने भारत ही नहीं दुनिया भर में हलचल मचा दी है। पहलगाम के हमले का सबसे बड़ा कारण कश्मीर घाटी का अमन चैन बन गया है। अलग-अलग अंतर्राष्टï्रीय मीडिया रिपोर्ट पहलगाम के हमले पर अपना-अपना विश्लेषण कर रही हैं। कहा जा रहा है कि कश्मीर घाटी में लगातार बढ़ रहे अमन चैन से पाकिस्तान बहुत बेचैन था। पाकिस्तान की इसी बेचैनी ने पहलगाम में खूनी खेल खेलने का काम किया है। इसमें दोराय नहीं कि पहलगाम के हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ है।
पहलगाम में पर्यटकों पर पहली बार हमला
कश्मीर घाटी में पाकिस्तान पहले भी हमले करता तथा करवाता रहा है। पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला पहला मौका है जब पर्यटकों को सीधा निशानाा बनाकर हमला किया गया है। पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ हमला यह साफ जाहिर कर रहा है कि कश्मीर घाटी में बढ़ता हुआ अमन चैन पाकिस्तान को बहुत ही बेचैन कर रहा था। उसी बेचैनी के कारण पाकिस्तान के टुकड़ों पर पल रहे हाफिज सईद के गुर्गों ने पहलगाम में खूनी खेल खेला है। आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस खत्म होने के बाद से राज्य में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिसे घाटी में हालात सामान्य होने के संकेत के तौर पर देखा गया। कश्मीर में पर्यटन ने स्थानीय रोजगार और व्यवसायों को कैसे बढ़ावा दिया, यह इस बात की तरफ भी इशारा करता है। यही वजह रही कि घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया पहलगाम का हमला इस प्रकार का पहला हमला है।
पुराने जख्म कुरेद दिए हैं पहलगाम के हमले ने
पहलगाम हमले ने अतीत की वारदातों को फिर से जीवित कर दिया है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि आतंकी पुराने ढर्रे पर काम कर रहे हैं जिससे सभी पहले से परिचित हैं। एक बात यह है कि विदेशी नेताओं और अधिकारियों के देश में रहने के दौरान नागरिकों पर आतंकी हमलों को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रचार दिलवाने के मकसद से ऐसी वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा है।
भारत दौरे पर आए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक्स पर अपनी संवेदनाएं पोस्ट करते हुए लिखा, 'उषा और मैं भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के पीडि़तों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। पिछले कुछ दिनों में हम इस देश और इसके लोगों की खूबसूरती के कायल हुए हैं। इस भयानक हमले के समय हमारे विचार और प्रार्थनाएं भारत के साथ हैं।' आपको याद दिला दें कि 20 मार्च, 2000 की रात को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के चिट्टीसिंहपोरा गांव में 36 सिख ग्रामीणों का नरसंहार किया था। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की 21-25 मार्च की यात्रा से ठीक पहले हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने क्लिंटन के सामने हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने का मुद्दा उठाया था। उस समय क्लिंटन जयपुर और आगरा के दौरे पर थे, जबकि विदेश मंत्री मैडलिन अलब्राइट और उप विदेश मंत्री स्ट्रोब टैलबोट भारतीय अधिकारियों से बातचीत करने के लिए दिल्ली में ही थे।
2002 में बस पर हमला करके मार डाले थे सात यात्री
पहलगाम हमले ने वह घटना भी याद दिलवा दी है जब दक्षिण एशियाई मामलों को लेकर अमेरिकी असिस्टेंट सेक्रेटरी क्रिस्टीना बी रोका भारत की यात्रा पर थीं, तब 14 मई, 2002 को जम्मू-कश्मीर के कालूचक के पास एक आतंकवादी हमला हुआ था। तीन आतंकवादियों ने मनाली से जम्मू जा रही हिमाचल रोडवेज की बस पर हमला करके सात लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद आतंकी आर्मी क्वार्टर्स में घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 10 बच्चों, आठ महिलाओं और पांच सैन्यकर्मियों सहित 23 लोग मारे गए थे। मारे गए बच्चों की उम्र चार से 10 साल के बीच थी। इस हमले में कुल 34 लोग घायल हुए थे। पहलगाम हमला पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के उस बयान के एक सप्ताह बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीर इस्लामाबाद के 'गले की नस' है, जिस पर विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
पिछले हफ़्ते इस्लामाबाद में ओवरसीज पाकिस्तानी कन्वेंशन को संबोधित करते हुए जनरल मुनीर ने कहा था, 'हमारा रुख बिल्कुल साफ़ है, यह हमारी दुखती रग थी, यह हमारी दुखती रग रहेगी, हम इसे नहीं भूलेंगे। हम उनके संघर्ष में अपने कश्मीरी भाइयों का साथ नहीं छोड़ेंगे।' मुनीर ने हाल ही में अपने सबसे मजबूत बयानों में से एक में कहा था, 'हमारे धर्म अलग हैं, हमारे रीति-रिवाज अलग हैं, हमारी परंपराएं अलग हैं, हमारे विचार अलग हैं, हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग हैं। यहीं पर दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव रखी गई थी और हम दो राष्ट्र हैं, हम एक राष्ट्र नहीं हैं।'
मुनीर के बयान पर सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा, 'कोई विदेशी चीज कैसे गले में अटक सकती है? यह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है। पाकिस्तान के साथ इसका एकमात्र संबंध उस देश की ओर से अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों को खाली करना है।'
सऊदी अरब ने की पहलगाम हमले की कड़ी निंदा
सऊदी अरब ने पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इससे पहले प्रधानमंत्री के सऊदी अरब में होने की वजह से पहलगाम हमले को लेकर भी मोदी और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच बातचीत हुई है। पीएम मोदी ने यात्रा से पहले अरब न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'हम सऊदी अरब को क्षेत्र में सकारात्मकता और स्थिरता की ताकत मानते हैं। समुद्री पड़ोसी होने के नाते, भारत और सऊदी अरब क्षेत्र में शांति और स्थिरता की रक्षा करने में स्वाभाविक रुचि रखते हैं। हमने सुरक्षा सहयोग में लगातार प्रगति देखी है। इसमें आतंकवाद से मुकाबला, चरमपंथ से मुकाबला, आतंकी फंडिंग को रोकना और ड्रग्स की तस्करी से निपटना जैसे क्षेत्र शामिल हैं।'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे कश्मीर से आई बेहद परेशान करने वाली खबर बताते हुए कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। हम मारे गए लोगों की आत्मा की शांति और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और भारत के अविश्वसनीय लोगों को हमारा पूरा समर्थन और गहरी सहानुभूति है, हमारी संवेदनाएं उनके साथ हैं। इस दौरान पूरी दुनिया के देश पहलगाम हमले की निंदा कर रहे हैं।