निर्मित आवासीय समितियों को कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जारी करने को सशुल्क दो वर्ष का समय
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 11:53 AM
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) बोर्ड ने 2006 से पहले के ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों को कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। बोर्ड ने भूखंड के कुल कीमत का सालाना आठ प्रतिशत (.67 प्रति माह) शुल्क लेकर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों को कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अनुमति दे दी है। इस शुल्क देने पर भी अधिकतम दो साल का ही समय मिलेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) की 127वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को हुई। नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन और अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी और यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह, ग्रेटर प्राधिकरण के एसीईओ दीप चंद्र, अमनदीप डुली व प्रेरणा शर्मा लखनऊ में इस बोर्ड बैठक में शामिल हुए। प्राधिकरण की तरफ से बोर्ड को बताया गया कि ग्रेटर नोएडा में 2006 से पहले की कुछ ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां ऐसी हैं, जिनका निर्माण तो पूरा हो गया है, लेकिन तय समयावधि बीत जाने के कारण कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका। इन सोसाइटियों पर भारी पेनल्टी भी लग रही है। ये सोसाइटियां प्राधिकरण से समय विस्तरण के लिए नियमित तौर पर मांग कर रही थीं। इसे देखते हुए इन सोसाइटियों से कुल भूखंड का सालाना अधिकतम 8 प्रतिशत शुल्क (प्रति माह .67 प्रतिशत) लेकर समय विस्तरण की अनुमति देने का प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष रखा गया, जिस पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। कार्यालय आदेश जारी होने के बाद ये सोसायटियां समय विस्तरण की अनुमति लेकर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र कर सकेंगी।
इस बोर्ड बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ अदिति सिंह, ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव, ओएसडी संतोष कुमार, जीएम प्रॉपर्टी आरके देव, प्रभारी जीएम प्रोजेक्ट सलिल यादव, ओएसडी नवीन कुमार सिंह, ओएसडी मयंक श्रीवास्तव, ओएसडी आरएस यादव आदि अधिकारीगण ऑनलाइन मौजूद रहे।
बिल्डर प्रोजेक्टों को कंपलीशन के लिए अतिरिक्त छह माह का समय-
बिल्डर परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों को आशियाना दिलाने के मकसद से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने कंपलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए छह माह का समय और दे दिया है।
ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में कुछ बिल्डर परियोजनाएं देरी से पूरी हुई हैं, जिसके चलते उन परियोजनाओं पर विलंब शुल्क लग रहा है। बिल्डर उसे जमा कर कंपलीशन सर्टिफिकेट लेना चाह रहे है, ताकि फ्लैट खरीदारों के नाम रजिस्ट्री हो सके। इसे ध्यान में रखते हुए औद्योगिक विकास विभाग की तरफ से जुलाई 2022 में शासनादेश जारी कर छह माह के लिए समय वृद्धि करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने कंपलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए छह माह तक निषुल्क समयावधि देने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण से कार्यालय आदेश जारी होने के बाद इस फैसले का लाभ लिया जा सकेगा।