इन देशों में नल का पानी है बोतलबंद मिनरल वॉटर से भी शुद्ध
दुनिया में पानी की गुणवत्ता मापने के लिए 'एनवायर्नमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स' (EPI) का इस्तेमाल होता है। येल यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा जारी इस सूचकांक में पानी की स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट और जल प्रबंधन जैसे मानकों पर देशों को अंक दिए जाते हैं।

Many large countries have access to clean drinking water : भारत समेत दुनिया के कई बड़े देशों में लोग साफ पानी पीने के लिए आरओ (RO) फिल्टर लगवाते हैं या पानी को उबालकर पीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां घर के नल (टैप) से निकलने वाला पानी सीधे पीने योग्य होता है? वहां लोगों को न तो पानी उबालने की जरूरत होती है और न ही बोतलबंद पानी खरीदने की। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन देशों का नल का पानी बोतलबंद मिनरल वॉटर से भी ज्यादा साफ और सुरक्षित माना जाता है।
साफ पानी एक बड़ी चुनौती
संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, धरती पर कुल पानी का सिर्फ 2.5% से 3% हिस्सा ही मीठा पानी (Freshwater) है। इसमें से भी बहुत कम हिस्सा सीधे पीने लायक होता है। ऐसे में साफ और सुरक्षित पेयजल आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। जहां कई देश पानी की गुणवत्ता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कुछ देश जल प्रबंधन में दुनिया को मात दे रहे हैं।
कैसे तय होती है पानी की गुणवत्ता?
दुनिया में पानी की गुणवत्ता मापने के लिए 'एनवायर्नमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स' (EPI) का इस्तेमाल होता है। येल यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा जारी इस सूचकांक में पानी की स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट और जल प्रबंधन जैसे मानकों पर देशों को अंक दिए जाते हैं। हालिया रिपोर्ट्स में यूरोप और नॉर्डिक देशों ने इस मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां नल का पानी 100% सुरक्षित है:
1. स्विट्जरलैंड (Switzerland)
स्विट्जरलैंड को दुनिया के सबसे साफ पानी वाले देश का दर्जा मिला है। यहां का पानी सीधे ग्लेशियर, पहाड़ों और झीलों से आता है। सरकार ने जल गुणवत्ता पर बेहद सख्त नियम बनाए हैं। यहां नल का पानी नियमित रूप से जांचा जाता है और बिना उबाले पीने योग्य होता है।
2. फिनलैंड (Finland)
फिनलैंड को 'हजार झीलों का देश' कहा जाता है। यहां प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाला पानी प्रदूषण मुक्त है। EPI में फिनलैंड को जल गुणवत्ता के मामले में बहुत उच्च अंक मिले हैं। यहां के लोग बिना किसी हिचक के सीधे नल का पानी पीते हैं।
3. नॉर्वे (Norway)
नॉर्वे में पानी की साफ-सफाई का स्तर बेहद ऊंचा है। यहां पहाड़ी स्रोतों और बर्फ से पिघलने वाले पानी का इस्तेमाल होता है। कम औद्योगिक प्रदूषण और सख्त सरकारी नियंत्रण की वजह से यहां का पानी बेहद शुद्ध माना जाता है।
4. आइसलैंड (Iceland)
आइसलैंड का पानी सबसे अनूठा है। यहां का पानी ज्वालामुखीय चट्टानों से होकर गुजरता है, जो एक प्राकृतिक फिल्टर का काम करती हैं। इस कारण यहां का पानी बेहद साफ और खनिज युक्त होता है। यहां बोतलबंद पानी की खपत बहुत कम है और पर्यटक भी सीधे नल का पानी पी सकते हैं।
अन्य प्रमुख देश
इनके अलावा, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, आयरलैंड, माल्टा, नीदरलैंड और यूके (UK) में भी नल का पानी बेहद साफ और पीने योग्य है। इन देशों में पानी को लेकर लोगों को कोई दिक्कत नहीं होती और वे बिना किसी डर के टैप वॉटर का इस्तेमाल करते हैं। Many large countries have access to clean drinking water
Many large countries have access to clean drinking water : भारत समेत दुनिया के कई बड़े देशों में लोग साफ पानी पीने के लिए आरओ (RO) फिल्टर लगवाते हैं या पानी को उबालकर पीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां घर के नल (टैप) से निकलने वाला पानी सीधे पीने योग्य होता है? वहां लोगों को न तो पानी उबालने की जरूरत होती है और न ही बोतलबंद पानी खरीदने की। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन देशों का नल का पानी बोतलबंद मिनरल वॉटर से भी ज्यादा साफ और सुरक्षित माना जाता है।
साफ पानी एक बड़ी चुनौती
संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, धरती पर कुल पानी का सिर्फ 2.5% से 3% हिस्सा ही मीठा पानी (Freshwater) है। इसमें से भी बहुत कम हिस्सा सीधे पीने लायक होता है। ऐसे में साफ और सुरक्षित पेयजल आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। जहां कई देश पानी की गुणवत्ता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कुछ देश जल प्रबंधन में दुनिया को मात दे रहे हैं।
कैसे तय होती है पानी की गुणवत्ता?
दुनिया में पानी की गुणवत्ता मापने के लिए 'एनवायर्नमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स' (EPI) का इस्तेमाल होता है। येल यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा जारी इस सूचकांक में पानी की स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट और जल प्रबंधन जैसे मानकों पर देशों को अंक दिए जाते हैं। हालिया रिपोर्ट्स में यूरोप और नॉर्डिक देशों ने इस मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां नल का पानी 100% सुरक्षित है:
1. स्विट्जरलैंड (Switzerland)
स्विट्जरलैंड को दुनिया के सबसे साफ पानी वाले देश का दर्जा मिला है। यहां का पानी सीधे ग्लेशियर, पहाड़ों और झीलों से आता है। सरकार ने जल गुणवत्ता पर बेहद सख्त नियम बनाए हैं। यहां नल का पानी नियमित रूप से जांचा जाता है और बिना उबाले पीने योग्य होता है।
2. फिनलैंड (Finland)
फिनलैंड को 'हजार झीलों का देश' कहा जाता है। यहां प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाला पानी प्रदूषण मुक्त है। EPI में फिनलैंड को जल गुणवत्ता के मामले में बहुत उच्च अंक मिले हैं। यहां के लोग बिना किसी हिचक के सीधे नल का पानी पीते हैं।
3. नॉर्वे (Norway)
नॉर्वे में पानी की साफ-सफाई का स्तर बेहद ऊंचा है। यहां पहाड़ी स्रोतों और बर्फ से पिघलने वाले पानी का इस्तेमाल होता है। कम औद्योगिक प्रदूषण और सख्त सरकारी नियंत्रण की वजह से यहां का पानी बेहद शुद्ध माना जाता है।
4. आइसलैंड (Iceland)
आइसलैंड का पानी सबसे अनूठा है। यहां का पानी ज्वालामुखीय चट्टानों से होकर गुजरता है, जो एक प्राकृतिक फिल्टर का काम करती हैं। इस कारण यहां का पानी बेहद साफ और खनिज युक्त होता है। यहां बोतलबंद पानी की खपत बहुत कम है और पर्यटक भी सीधे नल का पानी पी सकते हैं।
अन्य प्रमुख देश
इनके अलावा, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, आयरलैंड, माल्टा, नीदरलैंड और यूके (UK) में भी नल का पानी बेहद साफ और पीने योग्य है। इन देशों में पानी को लेकर लोगों को कोई दिक्कत नहीं होती और वे बिना किसी डर के टैप वॉटर का इस्तेमाल करते हैं। Many large countries have access to clean drinking water












