राज्यसभा चुनाव 2026, महाराष्ट्र और बिहार में बढ़ी सियासी, 16 मार्च को महामुकाबला

बिहार और महाराष्ट्र पर हैं, जहां गठबंधन के सहयोगियों के बीच सीट बंटवारा एक बड़ी सियासी चुनौती बनकर उभरा है। बिहार में 5 सीटों के लिए चुनाव होना है, जहां एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

Rajya Sabha Elections 2026 M
5 राज्यों की 17 सीटों पर चुनावी जंग (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar23 Feb 2026 06:47 PM
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Rajya Sabha Elections 2026: देश के पांच राज्यों की 17 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में सकता मचा दिया है। निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, मतदान 16 मार्च 2026 को होगा और उसी दिन शाम तक नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा। महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की इन सीटों पर सत्ता और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर का आसार है। वर्तमान स्थिति के मुताबिक, इन 17 सीटों में से 9 सीटें एनडीए (NDA) के पास हैं, जबकि 8 सीटें विपक्ष के खाते में हैं। चुनावी गणित के मुताबिक, भाजपा अपनी संख्या बढ़ाने के मिशन पर है, वहीं विपक्ष भी कई राज्यों में एकजुट होकर सत्ता पक्ष को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रहा है।

महाराष्ट्र और बिहार में गठबंधनों की अग्निपरीक्षा

इस बार सबसे अधिक नजरें बिहार और महाराष्ट्र पर हैं, जहां गठबंधन के सहयोगियों के बीच सीट बंटवारा एक बड़ी सियासी चुनौती बनकर उभरा है। बिहार में 5 सीटों के लिए चुनाव होना है, जहां एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। यहां एनडीए की स्थिति मजबूत लग रही है, लेकिन लोजपा, हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे सहयोगी दलों की दावेदारी ने भाजपा के लिए सिरदर्द बढ़ा दिया है।

वहीं, महाराष्ट्र में 7 सीटों पर होने वाले चुनाव में महायुति (भाजपा-शिंदे गुट-एनसीपी) के पास 235 विधायकों का आंकड़ा उसे 6 सीटें आराम से दिला सकता है। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर अड़चन बनी हुई है। शिवसेना (शिंदे गुट) 2 सीटों पर जमा है, जबकि भाजपा 3 सीटें अपने खाते में डालने के साथ ही आरपीआई को भी जगह देना चाहती है। सियासी जानकार मानते हैं कि दोनों ही राज्यों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के खेमों में 'सेंधमारी' और 'क्रॉस वोटिंग' का खतरा मंडरा रहा है।

हरियाणा और छत्तीसगढ़ में बराबरी का खेल

हरियाणा की 2 सीटों पर मौजूदा समीकरण बराबरी का संकेत दे रहे हैं। यहां एक सीट भाजपा और दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ की 2 खाली हो रही सीटों पर सत्ता परिवर्तन के बाद समीकरण बदल गए हैं। यहां भी दोनों पक्षों को एक-एक सीट मिलने की उम्मीद है, जिससे कांग्रेस को एक सीट का नुकसान झेलना पड़ सकता है।

हिमाचल में कांग्रेस को राहत

हिमाचल प्रदेश की एकमात्र खाली हो रही सीट पर कांग्रेस को राहत की खबर है। विधानसभा में पर्याप्त बहुमत होने की वजह से इस सीट पर कांग्रेस की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में एनडीए का पलड़ा भारी दिख रहा है, लेकिन अगर विपक्ष ने बिहार और महाराष्ट्र में छोटे दलों के साथ मिलकर 'अंडरकरंट' पैदा किया, तो कुछ सीटों पर खेल पलटने की भी संभावना है।Rajya Sabha Elections 2026

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शादी की दावत बनी जहर, 44 ग्रामीण बीमार, अस्पताल में बेड्स कम पड़े

फूड पॉइजनिंग का असर इतना गंभीर है कि उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में बेड कम पड़ने लगे। मोहलाई के 17 और बोइरगांव के 27 ग्रामीणों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

The wedding feast turned into poison
गरियाबंद में फूड पॉइजनिंग का कहर (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar23 Feb 2026 04:59 PM
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Chhattisgarh News : जिले के दो अलग-अलग ग्राम पंचायत क्षेत्रों में शादी समारोह में शामिल होकर भोजन करने के बाद फूड पॉइजनिंग की वजह से ज़मीन-आसमान एक कर दिया गया। शादी की खुशी में शामिल होने गए 44 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। सुबह होते ही गांवों में एंबुलेंसों की आवाजें गूंजने लगीं और अस्पताल में मरीजों का तांता लग गया।

दो अलग जगहों पर एक साथ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा दो अलग-अलग स्थानों पर हुआ है। पहला मामला ग्राम पंचायत आमदी के आश्रित गांव मोहलाई का है, जहां के ग्रामीण कुटेना में आयोजित शादी समारोह के 'चौथिया' कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहीं, दूसरा मामला ग्राम पंचायत दर्रीपारा के बोइरगांव का है, जहां के ग्रामीण धवलपुर में आयोजित भोज कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।

रात थी खुशियों भरी, सुबह हाहाकार

कल रात तक सब कुछ सामान्य था और ग्रामीण हंसी-खुशी दावत का आनंद लेकर अपने घर लौटे थे। लेकिन आज सुबह जैसे ही सूरज की किरणें पड़ीं, ग्रामीणों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। अचानक उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द ने गांवों में दहशत फैला दी।

अस्पताल में मचा हड़कंप

फूड पॉइजनिंग का असर इतना गंभीर है कि उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में बेड कम पड़ने लगे। मोहलाई के 17 और बोइरगांव के 27 ग्रामीणों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल परिसर में तिल रखने की जगह नहीं बची है और स्वास्थ्य विभाग युद्ध स्तर पर मरीजों का इलाज कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बीमार लोगों की संख्या और बढ़ सकती है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधि सक्रिय

इस विपदा की घड़ी में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संभाल लिया है। आमदी पंचायत के सरपंच आत्माराम नेताम और दर्रीपारा के सरपंच राजकुमार सोरी मौके पर मौजूद हैं और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, ताकि किसी और को दिक्कत हो तो तुरंत इलाज दिया जा सके।

खाने के सैंपल लेकर की जाएंगी जांच

प्राथमिक दृष्टि से इसे फूड पॉइजनिंग का मामला बताया जा रहा है। गर्मी के मौसम में भोजन का जल्दी खराब होना या साफ-सफाई में चूक इसका प्रमुख कारण हो सकता है। भोजन के सैंपल लेकर जांच की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी ग्रामीणों की जान बचाना है। Chhattisgarh News

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बिहार: घनी बस्ती में आग का तांडव, मां-बेटी समेत कई घर जलकर राख

हादसे की सूचना पाकर स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जगाया और तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

Fire rages in a densely populated area
आग ने कर दिया सब कुछ नष्ट (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar23 Feb 2026 02:38 PM
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Supaul Fire Broke Out News: जिले के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत बलवा पुनर्वास इलाके में देर रात आग की भीषण घटना ने अचानक शोक का माहौल पैदा कर दिया। रविवार की रात लगी आग की चपेट में आकर एक मां और उनकी छोटी बेटी की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि आग की लपटों ने आसपास के कई घरों को अपनी चपेट में लेते हुए उन्हें जलकर राख कर दिया।

घटना वार्ड नंबर-1 की

घटना बलवा पुनर्वास इलाके के वार्ड नंबर-1 की है। सूचना के अनुसार, रविवार (22 फरवरी, 2026) की रात करीब साढ़े दो बजे अचानक प्रमोद पासवान के घर में आग धधक उठी। हवा का तेज बहाव और घनी बस्ती होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते लपटें आसपास के तीन से चार घरों में फैल गईं और उन्हें जलकर राख कर दिया।

दमकल कर्मियों ने पाया काबू

हादसे की सूचना पाकर स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जगाया और तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। जब आग बुझने के बाद मलबे की तलाशी ली गई, तो घर के अंदर सो रही मां नीलम देवी और उनकी चार वर्षीय पुत्री अंजलि के जले हुए शव मिले।

पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे गए

सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतका नीलम देवी सहरसा जिले के बिहार थाना क्षेत्र अंतर्गत आरान बिशनपुर निवासी पिंटू यादव की पत्नी थीं। वह इन दिनों अपने पिता प्रमोद पासवान से मिलने अपने मायके बलवा पुनर्वास आई हुई थीं। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस मामले में सदर थाना पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। प्रारंभिक अनुमान है कि शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी से आग लगी हो सकती है, लेकिन अभी आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस हर पहलू पर छानबीन कर रही है। Supaul Fire Broke Out News

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