गुना में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रावण और माता सीता के प्रसंग का उल्लेख करते हुए ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।

Pannalal Shakya : मध्य प्रदेश के गुना से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। गुना में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रावण और माता सीता के प्रसंग का उल्लेख करते हुए ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं और यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला गुना की नानखेड़ी कृषि उपज मंडी में आयोजित बालाराम महोत्सव का है। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान पन्नालाल शाक्य ने रावण द्वारा माता सीता के अपहरण का प्रसंग सुनाया। इसी दौरान उन्होंने माता सीता को लेकर 'मौत का सामान' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। मंच पर मौजूद भाजपा की चाचौरा विधायक प्रियंका पेंची ने तत्काल उनकी बात पर आपत्ति जताई और महिलाओं के बलिदान का उल्लेख करते हुए टिप्पणी को गलत बताया। Pannalal Shakya
पन्नालाल शाक्य गुना विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। उनका राजनीतिक प्रभाव मुख्य रूप से गुना क्षेत्र में रहा है। भाजपा की राजनीति में आने से पहले उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ाव रहा है। शाक्य ने वर्ष 2013 में पहली बार गुना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने वापसी करते हुए गुना सीट पर दोबारा जीत दर्ज की और विधायक बने। बालाराम महोत्सव में अपने संबोधन के दौरान पन्नालाल शाक्य रावण द्वारा माता सीता के अपहरण से जुड़े प्रसंग का उल्लेख कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि रावण को दूसरे की पत्नी को ले जाने के परिणाम के बारे में समझाया गया था, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। इसी संदर्भ में उन्होंने 'मौत का सामान' शब्द का इस्तेमाल किया। उनकी इस टिप्पणी पर मंच पर मौजूद भाजपा विधायक प्रियंका पेंची ने आपत्ति जताई। उन्होंने महिलाओं के योगदान और बलिदान का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की बात उचित नहीं है। Pannalal Shakya
पन्नालाल शाक्य ने अपने भाषण में महाभारत के प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने द्रौपदी से जुड़े प्रसंग का हवाला देते हुए युद्ध और उसके परिणामों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इतिहास में हुए कई युद्धों में बड़ी संख्या में पुरुषों की जान गई, जबकि महिलाओं की मृत्यु का उल्लेख उस तरह नहीं मिलता। उनके इस संबोधन के दौरान दिए गए विभिन्न उदाहरणों को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। Pannalal Shakya
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